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भयंकर गर्मी में गहराया पेयजल संकट, 5 माह से अधूरी पड़ी नल-जल योजना, ग्रामीणों में आक्रोश

Aurangabad news: सरकार भले ही हर घर तक नल का जल पहुंचाने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. कुटुंबा प्रखंड के ग्राम पंचायत पिपरा बगाही के वार्ड संख्या 10 में भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. यहां नल-जल योजना पिछले पांच महीनों से अधूरी पड़ी है, जिससे लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है.

Written By:
Last Updated: May 3, 2026 21:43:59 IST

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Aurangabad news: सरकार भले ही हर घर तक नल का जल पहुंचाने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. कुटुंबा प्रखंड के ग्राम पंचायत पिपरा बगाही के वार्ड संख्या 10 में भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. यहां नल-जल योजना पिछले पांच महीनों से अधूरी पड़ी है, जिससे लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है.

अधर में लटकी सरकारी योजना

ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड में पुरानी नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी है. पेयजल समस्या के समाधान के लिए करीब पांच महीने पहले नए बोरिंग का कार्य कराया गया था, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य ठप हो गया. अब तक न तो पानी टंकी के लिए लोहे का स्ट्रक्चर बनाया गया है और न ही मोटर पंप लगाया गया है. परिणामस्वरूप, योजना शुरू होने से पहले ही अधर में लटक गई है. वार्ड सदस्य हासिम रज़ा, सचिव साजिद अहमद अंसारी और स्थानीय ग्रामीणों ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कनीय अभियंता पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कनीय अभियंता स्कूल परिसर के पास बोरिंग कराकर पानी की टंकी को स्कूल की छत पर स्थापित करना चाहते थे. 

सुरक्षा और तकनीक कारणों से विरोध

ग्रामीणों ने सुरक्षा और तकनीकी कारणों से इसका विरोध किया. ग्रामीणों का तर्क है कि स्कूल की छत पर भारी पानी की टंकी रखना बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकता था. इसके बाद गांव की सहमति से स्कूल से लगभग 200 मीटर दूर एक सुरक्षित और उपयुक्त स्थान का चयन किया गया, जहां बोरिंग कराई गई. आरोप है कि ग्रामीणों द्वारा सुझाए गए स्थान पर बोरिंग होने से कनीय अभियंता नाराज हो गए और तभी से योजना का कार्य ठप पड़ा हुआ है. बोरिंग के पांच महीने बाद भी न तो आगे का निर्माण हुआ और न ही जलापूर्ति शुरू हो सकी.

भीषण गर्मी में गहराया संकट

भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. वार्ड सदस्य और सचिव ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही योजना पूरी कर जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी. उन्होंने मांग की है कि संबंधित अधिकारी की मनमानी पर रोक लगाई जाए और शीघ्र मोटर पंप स्थापित कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जाए.

(Disclaimer : The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.)

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Aurangabad news: सरकार भले ही हर घर तक नल का जल पहुंचाने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. कुटुंबा प्रखंड के ग्राम पंचायत पिपरा बगाही के वार्ड संख्या 10 में भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. यहां नल-जल योजना पिछले पांच महीनों से अधूरी पड़ी है, जिससे लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है.

अधर में लटकी सरकारी योजना

ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड में पुरानी नल-जल योजना लंबे समय से बंद पड़ी है. पेयजल समस्या के समाधान के लिए करीब पांच महीने पहले नए बोरिंग का कार्य कराया गया था, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य ठप हो गया. अब तक न तो पानी टंकी के लिए लोहे का स्ट्रक्चर बनाया गया है और न ही मोटर पंप लगाया गया है. परिणामस्वरूप, योजना शुरू होने से पहले ही अधर में लटक गई है. वार्ड सदस्य हासिम रज़ा, सचिव साजिद अहमद अंसारी और स्थानीय ग्रामीणों ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कनीय अभियंता पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कनीय अभियंता स्कूल परिसर के पास बोरिंग कराकर पानी की टंकी को स्कूल की छत पर स्थापित करना चाहते थे. 

सुरक्षा और तकनीक कारणों से विरोध

ग्रामीणों ने सुरक्षा और तकनीकी कारणों से इसका विरोध किया. ग्रामीणों का तर्क है कि स्कूल की छत पर भारी पानी की टंकी रखना बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकता था. इसके बाद गांव की सहमति से स्कूल से लगभग 200 मीटर दूर एक सुरक्षित और उपयुक्त स्थान का चयन किया गया, जहां बोरिंग कराई गई. आरोप है कि ग्रामीणों द्वारा सुझाए गए स्थान पर बोरिंग होने से कनीय अभियंता नाराज हो गए और तभी से योजना का कार्य ठप पड़ा हुआ है. बोरिंग के पांच महीने बाद भी न तो आगे का निर्माण हुआ और न ही जलापूर्ति शुरू हो सकी.

भीषण गर्मी में गहराया संकट

भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. वार्ड सदस्य और सचिव ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही योजना पूरी कर जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी. उन्होंने मांग की है कि संबंधित अधिकारी की मनमानी पर रोक लगाई जाए और शीघ्र मोटर पंप स्थापित कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जाए.

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