Ramdhani Yadav killed in Encounter: बिहार के भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुई हाई-प्रोफाइल गोलीबारी के कथित मास्टरमाइंड रामधनी यादव को बुधवार तड़के सुबह पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया. स्थानीय तौर पर, उसकी पहचान एक सक्रिय अपराधी के रूप में थी, जिसका नाम हाल ही में एक टेंडर विवाद और लंबे समय से चली आ रही आपसी रंजिशों के सिलसिले में सामने आया था.
आरोपी को घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सामान बरामद करने के लिए ले जाया जा रहा था. इस प्रक्रिया के दौरान, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अचानक पुलिस टीम पर गोली चला दी.
मुठभेड़ कैसे हुई?
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को हुई एक घटना के बाद, पुलिस ने रामधनी यादव को हिरासत में ले लिया था. बुधवार तड़के सुबह लगभग 3:44 बजे पुलिस की एक टीम उसे हथियार बरामद करने के लिए एक खास जगह पर ले जा रही थी. इसी दौरान, बाईपास रोड पर, उसके गिरोह के सदस्यों ने पुलिस टीम पर अचानक हमला कर दिया. हमलावरों का मकसद रामधनी को छुड़ाना था; इससे स्थिति तेजी से बिगड़ गई और एक बेहद तनावपूर्ण टकराव की स्थिति पैदा हो गई.
कौन है रामधनी यादव?
रामधनी यादव को सुल्तानगंज इलाके का एक कुख्यात अपराधी माना जाता था. इस क्षेत्र में उसका दबदबा और आपराधिक गतिविधियां लंबे समय से स्थानीय चर्चा का विषय रही थीं. आरोप है कि उसने अपने गिरोह के माध्यम से कई आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया और स्थानीय स्तर पर अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए लगातार प्रयास किया. 2023 में, वह एक जानलेवा हमले में बाल-बाल बचा था; इस घटना ने उसके मन में अपने दुश्मनों से बदला लेने की गहरी चाहत पैदा कर दी थी. हालिया टेंडर विवाद के बाद उसका नाम एक बार फिर सुर्खियों में आ गया. यह गौरतलब है कि रामधनी यादव, नगर परिषद की उपाध्यक्ष नीलम देवी का पति था.
पुलिस पर गोलीबारी और जवाबी कार्रवाई
गोलीबारी के इस आदान-प्रदान के दौरान, रामधनी यादव ने कथित तौर पर पुलिस की एक राइफल छीन ली और गोली चलाने की कोशिश की. जवाब में, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप उसे गोली लग गई. उसे गंभीर हालत में तुरंत जवाहरलाल नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं और उनका फिलहाल इलाज चल रहा है.
पुलिस का बयान
रेंज इंस्पेक्टर जनरल (IG) विवेक कुमार ने कहा कि राज्य में कानून का राज कायम है और अपराधियों की जगह सलाखों के पीछे है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि पुलिस टीम पर अचानक हमला हुआ था, जिसके चलते जवाबी कार्रवाई करना जरूरी हो गया था. उन्होंने आगे बताया कि घायल पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है और घटना की जांच चल रही है.
मंगलवार शाम की गोलीबारी
मंगलवार शाम को, हमलावर सुल्तानपुर नगर परिषद (म्युनिसिपल काउंसिल) के दफ़्तर में घुस गए और चेयरमैन राजकुमार साह उर्फ़ गुड्डू को गोली मार दी. इस घटना के दौरान, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्ण भूषण कुमार को भी गोलियों से भून दिया गया, जिसके कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई. चेयरमैन की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, और उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की व्यवस्था की जा रही है.
टेंडर विवाद और निजी रंजिश का पहलू
स्थानीय निवासियों के अनुसार, नमामि गंगे घाट और अजगैबीनाथ धाम परियोजनाओं से जुड़े टेंडरों को लेकर हुए विवादों के बाद से इलाके में तनाव बढ़ता जा रहा था. इसके अलावा, अतिक्रमण हटाओ अभियान के कारण चेयरमैन के ख़िलाफ़ दुश्मनी का माहौल भी बन गया था. आरोप है कि रामधनी यादव ने ही इस हमले की साज़िश रची थी; इसके पीछे चल रहे विवाद और 2023 में हुए एक जानलेवा हमले से उपजी पुरानी रंजिश, दोनों ही कारण थे. फ़िलहाल, पुलिस इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में ज़ोर-शोर से जुटी हुई है.