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CBI Arrest Bhola Singh: भोला सिंह जिसने जेडीयू विधायक बाहुबली अनंत सिंह की हत्या की साजिस रची, कई लोगों का अपहरण, हत्या, अवैध हाथियार और विस्फोटक समान रखने वाला अपराधी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में फंस ही गया. 12 गंभीर मामलों में मोस्ट वांटेट भोला सिंह 2015 से फरार था. भोला सिंह पिछले 11 वर्षों से गुजरात के सूरत में छिपा हुआ था.
इस दौरान भोला ने अपना नाम और हुलिया बदल लिया और नई पहचान के साथ रह रहा था. लेकिन 11 साल बाद भी आखिरकार पुलिस उस तक पहुंच ही गई. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें भोला सिंह की क्राइम की पूरी कहानी.
भोला सिंह 2015 से फरार था
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को भोला सिंह को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया, जहां वह पिछले 11 वर्षों से छिपा हुआ था. यह गिरफ्तारी आरसी 1(5)/2015 मामले के तहत की गयी है. कोलकाता से दो लोगों के अपहरण से जुड़ा यह मामला हाई कोर्ट में चल रहा है. ये लोग 2014 से लापता हैं. इस मामले के अलावा, भोला सिंह बिहार पुलिस द्वारा दर्ज 11 मामलों में वांटेट है, जिसमें अपहरण, हत्या का प्रयास, हत्या और हथियारों और विस्फोटकों के अवैध कब्जे से संबंधित अपराध शामिल हैं.
कौन है भोला सिंह?
भोला सिंह बाढ़ अनुमंडल के पंडारक निवासी था. उसके दो और नाम गौतम कुमार उर्फ अमित शर्मा भी है. 2015 में जांच शुरू होने के बाद से भोला सिंह फरार था और अमित शर्मा के नाम पर फर्जी आईडी कार्ड का इस्तेमाल कर सूरत में छिपा हुआ था. सीबीआई ने एक सुनियोजित ऑपरेशन के बाद आरोपी भोला सिंह को गिरफ्तार कर लिया. भोला सिंह को कोलकाता लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के लिए उसे सूरत की स्थानीय अदालत में पेश किया जा रहा है. इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा. इसके लिए भोला सिंह को कोलकाता हाई कोर्ट में पेश किया जाएगा.
भोला सिंह पर 3 लाख रुपये का इनाम
भोला सिंह पर 3 लाख रुपये का इनाम रखा गया था. कोलकाता में दो लोगों के अपहरण के मामले में CBI काफी समय से छापेमारी कर रही थी. सीबीआई को सूचना मिली थी कि वह अमित शर्मा के नाम पर सूरत में छिपा हुआ है. सीबीआई की टीम ने छापा मारकर उसे सूरत के एक घर से गिरफ्तार कर लिया. भोला सिंह कभी मोकामा विधायक अनंत सिंह के साथ एनटीपीसी में ठेकेदारी का काम करते थे. इसके बाद दोनों के बीच काफी समय तक दुश्मनी रही. विधानसभा चुनाव के दौरान भोला सिंह के भाई मुकेश सिंह और अनंत सिंह के बीच सुलह हो गयी थी. भोला सिंह के खिलाफ बिहार के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, अवैध हथियार और विस्फोटक रखने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं.
क्यों बना था भोला सिंह अनंत सिंह की जान का दुश्मन
साल 2010 में अनंत सिंह और भोला सिंह के बीच दो करोड़ रुपये को लेकर विवाद हुआ था. इसके बाद दोनों एक दूसरे के जानी दुश्मन बन गये. इस दौरान अनंत सिंह द्वारा भोला सिंह की हत्या करने का ऑडियो भी वायरल हुआ था. दुश्मनी इतनी बढ़ गई कि दोनों ने हथियारों और शूटरों का जखीरा तैयार कर लिया. कई बार एक दूसरे को जान से मारने की कोशिश की गई. 2019 में अनंत सिंह का एक और ऑडियो वायरल हुआ था. इसमें अनंत सिंह और भोला सिंह के किसी करीबी के बीच बातचीत हुई.
संजय सिंह की हत्या मामले में भोला सिंह मुख्य आरोपी
8 जनवरी 2008 को पटना में विवेका पहलवान के भाई संजय सिंह की हत्या मामले में भोला सिंह मुख्य आरोपी था. भोला सिंह 20 साल से पूर्व विधायक अनंत सिंह के साथ काम कर रहा था. 2004 में दोनों ने मिलकर बाढ़ एनटीपीसी में ठेकेदारी शुरू की. 2021 में पंडारक पूर्वी से जीते मुखिया प्रियरंजन कुमार उर्फ गोरेलाल, पंडारक थाने के एएसआई राजेश कुमार और लाल बहादुर की हत्या के मामले में भी भोला सिंह का नाम आया था. भोला सिंह का नाम बिहार में कई अन्य आपराधिक मामलों से भी जुड़ा है.