<

बिहार के ‘Minus Degree’ का कमाल! 120 टन प्लास्टिक Waste को बदला राष्ट्रपति के Souvenirs में, दुनिया देख रही है दम

बिहार के एक उभरते हुए Startup ‘माइनस डिग्री’ ने वहनीयता (Sustainability) और नवाचार (Innovation) की नई मिसाल पेश की है. जहां, इस मुहिम ने न केवल Environmental Conservation को बढ़ावा दिया है, बल्कि बिहार के उद्यमशीलता (Entrepreneurship) को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया है.

‘Minus Degree’: The Bihar Startup Turning 120 Tonnes of Plastic Waste into Presidential Souvenirs: बिहार से एक बड़ा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां, एक इनोवेटिव स्टार्टअप ‘माइनस डिग्री’ (Minus Degree) ने कचरा प्रबंधन और उद्यमिता के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर सभी को चौंका दिया है. जामनकारी के मुताबिक, यह स्टार्टअप बिहार के युवाओं द्वारा शुरू किया गया है, जो राज्य के करीब 120 टन प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल (Recycle) कर उसे राष्ट्रपति के आधिकारिक स्मृति चिन्हों (Souvenirs) और अन्य सजावटी वस्तुओं में बदलने का काम कर रहा है. 

कचरे से कला तक का सफर

इस स्टार्टअप की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने प्लास्टिक कचरे, जिसे पर्यावरण के लिए खतरा माना जाता है, उसे ‘वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स’ में पूरी तरह से तब्दील कर दिया है. इतना ही नहीं, 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए बनाए गए खास स्मृति चिन्ह और राष्ट्रपति भवन में इस्तेमाल होने वाली कुछ कलाकृतियां इसी बिहार के स्टार्टअप द्वारा तैयार की गई हैं. दरअसल,  यह न सिर्फ बिहार के लिए गर्व की बात है, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ का बेहतरीन उदाहरण भी पेश करता है.  तो वहीं, दूसरी तरफ 120 टन प्लास्टिक कचरे को लैंडफिल में जाने से बचाकर, इस स्टार्टअप ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने में बड़ा योगदान देने की भी कोशिश की है. 

तकनीक और मिला रोजगार

‘माइनस डिग्री’ स्टार्टअप कचरे को साफ करने, उसे पिघलाने और सांचों में ढालने के लिए आधुनिक तकनीक का पूरी तरह से इस्तेमाल करता है. तो वहीं, इस प्रक्रिया में बिहार के स्थानीय कारीगरों और कचरा बीनने वाले समुदायों को सम्मानजनक रोजगार भी दिया जा रहा है. उनके यह उत्पाद न सिर्फ देखने में सुंदर हैं, बल्कि टिकाऊ (Durable) भी हैं, जो पारंपरिक प्लास्टिक के मुकाबले पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते है.

स्टार्टअप से क्या मिला संदेश?

स्टार्टअप यह संदेश देता है कि अगर सही विजन और तकनीक का मेल हो, तो “वेस्ट” (Waste) को सच में “वेल्थ” (Wealth) में पूरी तरह से बदला जा सकता है. बिहार जैसे प्रदेश से उभरकर राष्ट्रपति भवन तक का यह सफर स्टार्टअप जगत में एक बड़ी प्रेरणा है, जो दुनियाभर में एक उदाहरण पेश करता है. 

Darshna Deep

Recent Posts

Global Careers की तैयारी को नई दिशा दे रहा है Invertis University का International Learning Model

International Internships, Global Collaborations और Industry-Led Learning के साथ Students को मिल रहे हैं Worldwide…

Last Updated: July 2, 2026 11:37:17 IST

जीबीएस फैशन वीक में सीम्स और सोनानी ज्वेलर्स ने पेश किया भव्य वेडिंग कलेक्शन

सूरत (गुजरात) [भारत],1 जुलाई: ग्लोबल बिजनेस सोशल (GBS) की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित…

Last Updated: July 1, 2026 18:52:15 IST

डॉक्टर्स डे पर साखिया स्किन क्लिनिक ने किया रक्तदान शिविर का आयोजन

सूरत (गुजरात) [भारत],1 जुलाई: डॉक्टर्स डे के अवसर पर पी. जे. साखिया चैरिटेबल ट्रस्ट की…

Last Updated: July 1, 2026 18:37:17 IST

अस्पताल से निकलते ही सबसे पहले चर्च पहुंचे कोरियोग्राफर बोस्को, फैंस को बताया कैसा है हाल

Bosco Martis: कोरियोग्राफर बोस्को मार्टिस ने एक सप्ताह तक अस्पताल में रहने के बाद डिस्चार्ज…

Last Updated: July 1, 2026 18:19:24 IST

क्या अटक जाएगी ‘काला हिरण’ की रिलीज? कोर्ट में मेकर्स ने किया बड़ा खुलासा, सलमान खान की याचिका के बाद पलटा मामला!

Salman Khan: आगामी फिल्म 'काला हिरण' इन दिनों विवादों में है. अभिनेता सलमान खान ने…

Last Updated: July 1, 2026 17:58:27 IST

IND vs ENG: वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू, वरुण की वापसी… पहले T20 में कैसी होगी भारत की प्लेइंग XI?

IND vs ENG 1st T20I Playing XI: भारत और इंग्लैंड के बीच 1 जुलाई से…

Last Updated: July 1, 2026 11:46:22 IST