एक युग का अंत! नीतीश कुमार के इस्तीफे से बिहार स्तब्ध है। क्या वो 5 क्रांतिकारी फैसले अब भी राज्य को आगे ले जाएंगे? जानिए उन कामों का सच जिसने समाज को बदल दिया...
CM नीतीश के वो 5 क्रांतिकारी फैसले
5 Major Works of Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने के फैसले ने बिहार की जनता के साथ साथ जदयू कार्यकर्ताओं को भी हैरान कर दिया है हर तरफ रोना मचा है. कोई कह रहा है हमारे साथ धोखा हुआ है कोई कह रहा है नीतीश कुमार को CM की कुर्सी नहीं छोड़ना चाहिए। इस बीच नीतीश कुमार जिन्हें अक्सर ‘सुशासन बाबू’ कहा जाता है, उनके कार्यकाल (2005 से अब तक) में कई ऐसे बड़े काम हुए हैं जिन्होंने राज्य की तस्वीर बदलने की कोशिश की है. मार्च 2026 के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में, उनके शासनकाल के 5 सबसे बड़े और प्रभावी काम का आज जिक्र करेंगे और उसका बिहार के विकास और समाज पर क्या असर पड़ा है उसे भी समझते हैं
नीतीश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी पहल ‘सात निश्चय’ रही है. इसके तहत बुनियादी सुविधाओं को घर-घर पहुँचाने का काम किया गया
इस योजना ने गरीब और अमीर के बीच की खाई को कम किया. आज बिहार का किसान अंधेरे में नहीं रहता. स्वच्छ पानी मिलने से जल-जनित बीमारियों में भारी कमी आई और महिलाओं को दूर-दराज से पानी ढोने के कष्ट से मुक्ति मिली.
महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नीतीश कुमार ने देश के सामने उदाहरण पेश किया.
साइकिल और पोशाक योजना ने बिहार की बेटियों को पंख दिए. आज बिहार की सड़कों पर फर्राटा भरती साइकिल सवार लड़कियां ‘आत्मनिर्भर बिहार’ की सबसे सुंदर तस्वीर हैं. महिलाओं के हाथों में सत्ता आने से समाज में पुरुषों का वर्चस्व कम हुआ और घर-परिवार के फैसलों में महिलाओं की इज्जत बढ़ी.
2005 से पहले की तुलना में बिहार में बुनियादी सुधारों पर बहुत काम हुआ
अब बिहार के किसी भी कोने से पटना मात्र 5-6 घंटे में पहुँचा जा सकता है. कनेक्टिविटी बढ़ने से व्यापार बढ़ा और पलायन में कमी आई. आम आदमी के मन से अपराध का डर खत्म हुआ, जिससे राज्य में निवेश और शांति का माहौल बना.
हाल के वर्षों (2023-2025) में नीतीश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा निवेश किया है:
शिक्षा बजट में 20% तक की बढ़ोतरी ने सरकारी स्कूलों की साख वापस लौटाई. युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलने से बिहार के शिक्षित नौजवानों में नई उम्मीद जगी है. यह कदम आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला साबित होगा.
नीतीश कुमार ने सामाजिक सुधारों के लिए साहसिक कदम उठाए:
शराबबंदी ने गरीब घरों को उजड़ने से बचाया और घरेलू हिंसा में भारी गिरावट आई. वहीं, जाति आधारित गणना के बाद पिछड़ों और अति-पिछड़ों को उनकी आबादी के अनुसार हक मिलने का रास्ता साफ हुआ, जिससे दबे-कुचले वर्गों को समाज की मुख्यधारा में बराबरी का अहसास हुआ.
नीतीश कुमार बिहार के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन गए. 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है. और अब आज 5 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आखिकार CM पद से हमेशा हमेशा के लिए इस्तीफा देने का मन बना लिया है.
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