दिल्ली के नए मास्टर प्लान को मंजूरी मिल गई है. हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल खट्टर,दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की नए मास्टर प्लान की घोषणा की है.
रेखा गुप्ता
New Delhi: हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल खट्टर,दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की नए मास्टर प्लान की घोषणा की है. यह योजना दिल्ली के नियोजित विकास, आवास और अवसंरचना विकास के लिए 20 वर्षीय ढांचा प्रदान करने के लिए बनाई गई है.
इस योजना को पिछले सप्ताह दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा मंजूरी दे दी गई थी और बाद में इसे आवास और शहरी मामलों के मंत्री से अंतिम स्वीकृति मिल गई है. इसका उद्देश्य 2047 तक अनुमानित 32 मिलियन आबादी को आवास प्रदान करना है. इस योजना से दिल्ली में अधिक सघन और ऊर्ध्वाधर निर्माण को बढ़ावा मिलेगा.
नए नियमों के तहत मौजूदा नियोजित क्षेत्रों में पुनर्विकास, उच्च फ्लोर एरिया रेशियो, कम ग्राउंड कवरेज और अधिक मंजिलों की अनुमति होगी. इन बदलावों से लगभग चार मिलियन नए घरों के निर्माण में मदद मिलने की उम्मीद है. नए मास्टर प्लान को अगले दो दशकों में दिल्ली की अनुमानित जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
अनुमान है कि 2047 तक राजधानी की आबादी लगभग 32 मिलियन हो जाएगी, जिससे अतिरिक्त आवास, परिवहन बुनियादी ढांचे और शहरी सुविधाओं की आवश्यकता होगी. इस योजना का उद्देश्य विकास को इस तरह से निर्देशित करना है जिससे बढ़ती आबादी का समर्थन हो सके और साथ ही उपलब्ध शहरी भूमि का बेहतर उपयोग हो सके.
प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की बढ़ती हुई आबादी,बढ़ते हुए ट्रांसपोर्ट को ध्यान में रखकर मार्केट स्पेसेस ,जहां झुग्गी वही मकान का इसमें ध्यान रखा गया है. इस मास्टर प्लान के तहत दिल्ली में सभी के लिए बेहतर घर और रोजगार मिलेगा. मास्टर प्लान दिल्ली 2047 की प्रमुख विशेषताओं में से एक उच्च घनत्व और ऊर्ध्वाधर विकास की ओर जोर देना है. प्रस्तावित नियोजन ढांचा मौजूदा नियोजित क्षेत्रों में पुनर्विकास को सुगम बनाएगा और भवन निर्माण मानदंडों से संबंधित बदलाव लाएगा.
नई योजना में मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन गलियारों के आसपास सघन और मिश्रित उपयोग वाले नेबरहुड विकसित करने पर भी जोर दिया गया है. केंद्र सरकार के संशोधित ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नियमों के तहत, मेट्रो कॉरिडोर के 500 मीटर के दायरे में उच्च घनत्व वाले विकास की अनुमति दी जाएगी. इस दृष्टिकोण का उद्देश्य आवास, कार्यस्थल, वाणिज्यिक स्थान और अन्य सुविधाओं को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के करीब लाना है.
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