Delhi Tourist Places: दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है. RTI के जवाब के मुताबिक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) दिल्ली के कई ऐतिहासिक स्थलों पर संरक्षण, मरम्मत और पर्यटकों की सुविधाएं बेहतर करने का काम कर रहा है. इसी वजह से कुछ स्मारकों और उनके कुछ हिस्सों में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है.
PTI को मिले RTI जवाब के अनुसार, दिल्ली के कुल 10 स्मारकों में अलग-अलग तरह के काम चल रहे हैं. हालांकि, जवाब में यह नहीं बताया गया है कि इन जगहों पर प्रवेश संबंधी पाबंदियां कब से लागू हैं.
इन जगहों पर लगी है पाबंदी?
- हौज खास: यहां मौजूद ऐतिहासिक इमारतों के कुछ हिस्सों में मरम्मत का काम चल रहा है. हौज खास का यह परिसर मध्यकालीन समय के एक बड़े जलाशय के आसपास विकसित हुआ था. यहां मदरसा और मकबरा जैसी ऐतिहासिक इमारतें भी हैं.
- कोटला फिरोज शाह: परिसर में मौजूद स्मारकों के ढांचे की जरूरी मरम्मत की जा रही है.
- तुगलकाबाद किला: यहां पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम चल रहा है.
- गयासुद्दीन तुगलक का मकबरा: इस जगह पर भी पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है.
- जंतर-मंतर: यहां मौजूद ऐतिहासिक ढांचों के अंदर पर्यटकों की आवाजाही पर रोक है. जयपुर के महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1724 में इसे बनवाया था. यह विशाल खगोलीय उपकरणों के लिए जाना जाता है.
- अग्रसेन की बावली: बावली के अंदर मौजूद कुछ हिस्सों में पर्यटकों की आवाजाही प्रतिबंधित है.
- लाल किला: लाहौर गेट के पास पैरापेट और कुएं वाले क्षेत्र के संरक्षण का काम चल रहा है. इसके अलावा हम्माम, मोती मस्जिद, दीवान-ए-खास, खास महल, रंग महल और शीश महल जैसे छह हिस्सों में भी लोगों की आवाजाही पर रोक है. इनमें से हम्माम और मोती मस्जिद लंबे समय से पर्यटकों के लिए बंद हैं.
- कुतुब मीनार परिसर: यहां कुछ हिस्सों को बंद रखा गया है. इनमें हिंदू अवशेष कॉरिडोर की पहली मंजिल, जमाली कमाली का मकबरा और कुतुब मीनार का अंदरूनी हिस्सा शामिल है. कुतुब मीनार के अंदर जाने पर 1981 की भगदड़ के बाद से रोक लगी हुई है.
- सलीमगढ़ किला: यहां सिग्नल रेजिमेंट की इमारत और टॉयलेट ब्लॉक की मरम्मत और नवीनीकरण किया जा रहा है.
- सफदरजंग का मकबरा: यहां मस्जिद और उससे जुड़ी कोठरियों की मरम्मत का काम जारी है.
- हुमायूं का मकबरा: पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है.
संरक्षण कार्यों में कब कितना पैसा हुआ खर्च?
- 2021-22: 19.10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जो पूरे खर्च हुए.
- 2022-23: 30.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे और इस दौरान भी सब खर्च किए गए थे.
- 2023-24: 36.61 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. इनमें से लगभग 36.57 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे.
- 2024-25: 17.85 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. जो पूरे कर्च किए गए थे.
- 2025-26: 28.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, इनमें से लगभग 28.67 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.