Delhi Vidya Vahini Yojana: दिल्ली सरकार की ‘विद्या वाहिनी योजना’ के तहत मंगलवार को 581 छात्राओं को साइकिलें बांटी गईं. दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जनकपुरी स्थित सरकारी सर्वोदय कन्या विद्यालय और सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की 9वीं कक्षा की छात्राओं को साइकिलें दीं. इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के लिए स्कूल तक आने-जाने का सफर आसान बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है.
सरकार की योजना दिल्ली के अलग-अलग सरकारी स्कूलों में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली करीब 1.4 लाख छात्राओं को ब्रांडेड साइकिल देने की है. अब तक लगभग 18 हजार छात्राओं को साइकिलें बांटी जा चुकी हैं. सरकार का कहना है कि इस पहल से लड़कियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिलेगी और उनके आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी होगी.
‘पंख न सही, पहिए तो दें’
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने छात्राओं, अभिभावकों और स्कूल के अधिकारियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि साइकिल देना सिर्फ आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है. इसका उद्देश्य बेटियों को ज्यादा आत्मविश्वासी और स्वतंत्र बनाना भी है. उन्होंने कहा कि सरकार शायद छात्राओं के सपनों को पंख न दे पाए लेकिन उन्हें आगे बढ़ने के लिए पहिए जरूर दे सकती है. मंत्री ने माताओं से अपील की कि वे अपनी बेटियों को बिना डर के साइकिल चलाने के लिए प्रोत्साहित करें. उन्होंने कहा कि साइकिल मिलने से छात्राएं स्कूल के अलावा आसपास के इलाकों में भी ज्यादा आसानी से आ-जा सकेंगी.
Delhi: The Delhi Government launched the ‘Vidya Vahini’ scheme to provide easier and safer commutes for female students. Education Minister Ashish Sood distributed 581 bicycles to Class 9 girl students at a school in Janakpuri as part of the initiative He says “This cycle will help them find their wings and give them the strength to move forward. At the same time, it will make it easier for them to travel to and from school…”
— IANS (@ians_india) October 6, 2026
क्या-क्या कर रही दिल्ली सरकार?
कार्यक्रम में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में किए जा रहे दूसरे कामों की भी जानकारी दी गई. शिक्षा मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूलों में अनुभव के जरिए सीखने को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके लिए स्कूलों में 75 इंच के स्मार्ट डिस्प्ले लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा 40 कंप्यूटर वाली ICT लैब और अलग-अलग क्षेत्रीय और विदेशी भाषाएं सीखने के लिए लैंग्वेज लैब भी उपलब्ध कराई जा रही हैं. ‘NEEEV’ प्रोजेक्ट के तहत छात्रों को नई तकनीक और इनोवेशन पर काम करने का मौका दिया जा रहा है. इसके लिए छात्र टीमों को ड्रोन, स्मार्टवॉच और मोबाइल एप जैसे प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए 20 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता है.
दो फुटओवर ब्रिज बनाने का एलान
सूद ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पंखा रोड पर C-1 और जीवन पार्क सोम बाजार के पास दो फुट-ओवर ब्रिज बनाने की मंजूरी भी मिल चुकी है. इसके अलावा सरकार पुराने स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण पर भी काम कर रही है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा पांच साल के कार्यकाल में 50 साल पुरानी स्कूल इमारत का पूरी तरह से पुनर्निर्माण किया जाएगा. उन्होंने मदन मोहन मालवीय शिक्षा मिशन के तहत NEET, CUET और CLAT जैसी प्रवेश परीक्षाओं के लिए दो साल की मुफ्त कोचिंग का भी जिक्र किया.
मंत्री ने छात्रों को दी सलाह
मंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल परीक्षा में अच्छे नंबर लाने पर ध्यान न दें बल्कि विषय के कॉन्सेप्ट को समझने की कोशिश करें. उन्होंने छात्राओं को CUET के जरिए अच्छे विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने और अपनी पसंद के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया.