<
Categories: दिल्ली

मलंगगढ़ में एकनाथ शिंदे का धार्मिक दौरा, दरगाह पर चादर और मंदिर में आरती, मलंगगढ़ आस्था का इतिहास

Eknath Shinde: हिंदू और मुस्लिम दोनों की आस्था का स्थल मलंगगढ़ महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पहुंच गए हैं. जानें, क्या है, मलंगगढ़ के आस्था की कहानी

Eknath Shinde: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मलंगगढ़ का दौरा किया, जहां उन्होंने मुस्लिम समुदाय की दरगाह और हिंदू मंदिर दोनों में दर्शन किए. ऐसे समय में उन्होंने पहले दरगाह पर मत्था टेका, उसके बाद फिर मंदिर में आरती पूजन की. आरती-पूजन के बाद उन्होंने भगवा झंडा लहराया, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हो रही है.

मंदिर और दरगाह के विवादों के बीच फंसी

ठाणे के कल्याण स्थित मलंगगढ़ दोनों मुस्लिम और हिंदू दोनों के आस्था का जगह है. मलंगगढ़ मलंग बाबा की पहाड़ी. यह एक पुरानी जगह है जो कई सालों से मंदिर और दरगाह के विवादों के बीच फंसी हुई थी.
मुस्लिम समुदाय इसे 12वीं शताब्दी के सूफी संत हाजी अब्दुल रहमान (हाजी मलंग बाबा) की दरगाह मानता है तो वहीं हिन्दू इसे नाथ संप्रदाय के अनुयासी इस मच्छिंद्रनाथ मंदिर यानी मच्छिंद्रनाथ की समाधि स्थल मानते हैं.

18वीं शताब्दी में भी हुआ था विवाद

इस दरगाह को लेकर पहली बार 18वीं शताब्दी में विवाद हो गया था. लेकिन तब ये संघर्ष ऐसा नहीं था कि यह मंदिर है या दरगाह, बल्कि ऐसा था बल्कि इसलिए था कि इसकी देखरेख ब्राह्मण कर रहे हैं. तब के समय दरगाह के वंशानुगत संरक्षक कुछ स्थानीय मुसलमानों ने इसकी देखरेख एक ब्राह्मण द्वारा किए जाने पर आपत्ति जताई थी. स्थानीय प्रशासक ने साल, 1817 में निर्णय लिया कि दरगाह पर नियंत्रण तय करने के लिए लॉटरी की जाएगी. इसमें तीन बार लॉटरी के विजेता काशीनाथ पंत के प्रतिनिधि केतकर रहे हैं, जिन्हें संरक्षक घोषित किया गया. तब के दौरान केतकर हाजी मलंग दरगाह ट्रस्ट के वंशानुगत ट्रस्टी हैं.

दरगाह की देखरेख में ब्राह्मण परिवार

ट्रस्टी चंद्रहास केतकर के मुताबिक, ट्रस्ट बोर्ड में पारसी, मुस्लिम और हिंदू समुदायों के साथ आस-पास के किसान भी शामिल हैं. 2008 के बाद से ट्रस्ट में कोई नई नियुक्ति नहीं हुई है. और वर्तमान समय में ट्रस्ट में तीन सदस्य हैं, क्योंकि बाकी या तो रिटायर हो गए हैं या उनकी मृत्यु हो चुकी है. फिलहाल दरगाह की देखरेख ब्राह्मण का परिवार करता है.
हाजी मलंग बाबा से फेमस
यह दरगाह मुंबई में स्थित है. जो यमन के 12वीं शताब्दी के सूफी संत हाजी अब्द-उल-रहमान की है. यह हाजी मलंग बाबा के नाम से फेमस है. 20 फरवरी को हाजी मलंग की जयंती सेलिब्रेट की जाती है.
Share
Published by

Recent Posts

राजद के कद्दावर नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने छोड़ी पार्टी, कहा- दीमकों से घिरे हैं तेजस्वी यादव, बीजेपी में जाने की अटकलें

Mrityunjay Tiwari Resignation: राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे…

Last Updated: July 16, 2026 23:28:55 IST

लंदन में मचा ‘हल्दीराम’ का शोर: लीसेस्टर स्क्वायर पर लंबी कतारें, छोले-भटूरे के दीवानों से खचाखच भरा स्टोर!

हाल ही में हल्दीराम ने लंदन में अपना पहला यूके स्टोर खोला है जिसे लेकर…

Last Updated: July 16, 2026 18:53:00 IST

FIFA World cup: स्पेन या अर्जेंटीना, फाइनल में कौन मारेगा बाजी, भारत में कहां देख पाएंगे लाइव मैच?

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल स्पेन और अर्जेंटीना के बीच 19 जुलाई को न्यूयॉर्क…

Last Updated: July 16, 2026 18:49:48 IST

13 रुपये लेकर मुंबई आया, अमिताभ को बनाया सुपरस्टार, बने बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर

मशहूर निर्माता-निर्देशक प्रकाश मेहरा आज भले ही एक पॉपुलर फेस हैं लेकिन एक समय था…

Last Updated: July 16, 2026 17:55:28 IST

ITR Filing 2026: टैक्स नहीं देना पड़ता फिर भी क्यों भरना चाहिए ITR? जानें रिटर्न फाइल करने के क्या हैं फायदे

दरअसल, इनकम टैक्स फाइल करने के कई फायदे भी होते हैं, जो आपके लिए भविष्य…

Last Updated: July 16, 2026 17:30:25 IST