PNB Bank Locker Theft: PNB के लॉकर से लाखों के जेवर गायब! न ताला टूटा, न चाबी खोई, फिर सोना कहां गया? क्या आपका लॉकर सुरक्षित है? कीर्ति नगर की इस घटना ने सबको चौंका दिया है. पढ़ें पूरी खबर...
बिना ताला तोड़े 'साफ' हो गया बैंक के लॉकर से लाखों का जेवर!
Kirti Nagar Jewelry Missing: दिल्ली के कीर्ति नगर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला और उसकी सास ने आरोप लगाया कि उनके लॉकर से सोना गायब है. बैंक के तय नियमों के मुताबिक लॉकर खोला गया, जिसके बाद दोनों महिलाओं ने दावा किया कि कीमती सोना गायब है. कुछ ही देर में सोना चोरी होने की खबर सोशल मीडिया और आस-पास के इलाके में तेज़ी से फैल गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। खबर फैलते ही दूसरे लॉकर होल्डर भी घबरा गए और बड़ी संख्या में अपना कीमती सामान चेक करने के लिए बैंक पहुंच गए. इससे बैंक के बाहर भारी भीड़ और अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. शुरुआती जांच में महिलाओं के दावे संदिग्ध लगे. पुलिस को लॉकर के तोड़ फोड़ के कोई निशान नहीं मिले, न ही कोई लॉकर टूटा हुआ मिला.
सूचना मिलते ही पुलिस और एक क्राइम टीम मौके पर पहुंची और लॉकर और आस-पास के इलाके की अच्छी तरह से जांच की. शुरुआती जांच में लॉकर में जबरदस्ती घुसने या उसे नुकसान पहुंचाने का कोई निशान नहीं मिला. बैंक रिकॉर्ड से यह भी पता चला कि जिस लॉकर की बात हो रही है, वह आखिरी बार 5 जुलाई, 2024 को ऑपरेट किया गया था, और उसके बाद पहली बार 17 फरवरी, 2026 को खोला गया था. बैंक के लॉकर की इन्वेंट्री चेक की गई और किसी दूसरे लॉकर के साथ छेड़छाड़ या नुकसान नहीं मिला। हालांकि, जैसे ही घटना की खबर फैली, अफवाहें फैलने लगीं, और कई लॉकर होल्डर अपना कीमती सामान चेक करने के लिए बैंक पहुंचे. अभी तक किसी दूसरे कस्टमर ने ऐसी कोई शिकायत नहीं की है. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. जांच में बैंक स्टाफ से पूछताछ, CCTV फुटेज की जांच और लॉकर ऑपरेशन रिकॉर्ड की जांच शामिल है. पुलिस का कहना है कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं. जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि यह लापरवाही का मामला है या किसी तरह की साज़िश.
बैंक लॉकर एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ना चाहिए, क्योंकि उनमें कुछ खास हालात में बैंक की ज़िम्मेदारी साफ़-साफ़ लिखी होती है. कस्टमर को लॉकर के सामान की लिस्ट देने की ज़रूरत नहीं होती, इसलिए बैंक कहता है कि उन्हें इस बारे में पता नहीं था. चोरी या कोई और दिक्कत होने पर, तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करें और बैंक को लिखकर बताएं. साथ ही, लॉकर के सामान की फ़ोटो, लिखी हुई लिस्ट और रसीदें घर पर रखें ताकि आप बाद में सबूत दे सकें. सोना, गहने या ज़रूरी कागज़ात जैसी कीमती चीज़ों के लिए अलग से इंश्योरेंस करवाना सबसे अच्छा है. कई बैंक कस्टमर को अपने लॉकर के सामान का खुद इंश्योरेंस करवाने की सलाह देते हैं, क्योंकि बैंक कवरेज अक्सर सीमित होता है. अगर आपके लॉकर का किराया कम है, तो मुआवज़ा शायद बहुत कम मिलेगा. इसलिए, ज़्यादा कीमत वाली चीज़ों के लिए पर्सनल इंश्योरेंस ज़रूरी है. इससे चोरी या खोने पर पूरा मुआवज़ा मिल सकता है. बैंक लॉकर सुरक्षित हैं, लेकिन पूरी तरह से गारंटीड नहीं हैं. बैंक सिर्फ़ जगह और बेसिक सिक्योरिटी देता है, लेकिन आप अपने कीमती सामान के लिए पूरी तरह से ज़िम्मेदार होते हैं.
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