<

पत्नी के किए छोटे-छोटे टुकड़े, फिर मक्खन लगा तंदूर में डाला… दिल्ली का सबसे खौफनाक मर्डर; जिसने पूरे देश को दिया था हिला

Tandoor Murder Case: दिल्ली यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष सुशील शर्मा था; इसके अलावा, उस समय, वह रेस्टोरेंट भी सुशील शर्मा का ही था और उस प्लास्टिक की चादर के अंदर सुशील शर्मा की पत्नी, नैना साहनी का शव था.  यह साल 1995 की बात है, दिल्ली में सुशील शर्मा कांग्रेस पार्टी की युवा शाखा के सदस्य थे.

Tandoor Murder Case Explained: दिल्ली के गोल मार्केट के सरकारी क्वार्ट के फ्लैट नंबर 8/2A से अचानक गोलियों की आवाज़ गूंज उठी. पहले तो पड़ोसियों को लगा कि किसी ने बस पटाखे फोड़े हैं. नतीजतन, जल्द ही पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया. कुछ समय बीता. फिर, अचानक, फ्लैट का दरवाज़ा ज़ोर से खुला. एक आदमी बाहर निकला, जो प्लास्टिक की चादर में लिपटी एक भारी चीज़ को घसीट रहा था.
बाहर एक कार खड़ी थी. उसने प्लास्टिक में लिपटे उस बंडल को कार की डिक्की में डाला, ढक्कन ज़ोर से बंद किया, और जैसे ही वह ड्राइवर की सीट पर बैठा तेज़ी से गाड़ी भगा ले गया. आखिरकार, वह कार कनॉट प्लेस में ‘अशोक यात्री निवास’ के परिसर के अंदर, ‘बगिया’ रेस्टोरेंट के पास आकर रुकी. उस समय, रेस्टोरेंट के अंदर कई ग्राहक अभी भी बैठे खाना खा रहे थे. गाड़ी पार्क करने के बाद, वही आदमी बाहर निकला और रेस्टोरेंट के मैनेजर, केशव के पास गया. यह रहस्मयी कहानी किसी फिल्म की स्क्रीप्ट नहीं बल्कि 1995 के प्रसिद्ध तंदूर मर्डर केस की है.

‘तंदूर मर्डर केस’ की कहानी

दिल्ली यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष सुशील शर्मा था; इसके अलावा, उस समय, वह रेस्टोरेंट भी सुशील शर्मा का ही था और उस प्लास्टिक की चादर के अंदर सुशील शर्मा की पत्नी, नैना साहनी का शव था.  यह साल 1995 की बात है, दिल्ली में सुशील शर्मा कांग्रेस पार्टी की युवा शाखा के सदस्य थे. उन्होंने पार्टी के लिए अथक प्रयास और अटूट समर्पण के साथ काम किया. इसी दौरान उनकी मुलाकात नैना साहनी से हुई. जैसे-जैसे उनकी जान-पहचान गहरी होती गई, दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया और आखिरकार उन्होंने शादी कर ली. नैना ने भी दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी और सफलतापूर्वक कमर्शियल पायलट का लाइसेंस हासिल कर लिया था. इसी बीच, सुशील शर्मा को यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया.

अवैध संबंध का शक

हालांकि, जैसे-जैसे समय बीतता गया, सुशील और नैना के बीच दरार पड़ने लगी. सुशील को शक होने लगा, क्योंकि उसने देखा कि नैना लगातार फोन पर बात करती रहती थी. उसे शक होने लगा था कि नैना का किसी दूसरे आदमी के साथ नाजायज़ रिश्ता है. इस शक की वजह से अक्सर दोनों के बीच तीखी बहस और झगड़े होते थे. इसी बीच, नैना खुद पायलट बनने के बारे में सोचने लगी थी. उसने ऑस्ट्रेलिया जाने की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं.
2 जुलाई, 1995 को, जब नैना साहनी हाथ में वोडका का गिलास लिए किसी से फ़ोन पर बात कर रही थी, तभी सुशील घर पहुंचा. अपना गिलास सुशील की तरफ़ बढ़ाते हुए, नैना ने इशारे से पूछा कि क्या तुम भी कुछ पीना चाहोगे?
सुशील ने मना करते हुए सिर हिला दिया.

फोन पर किससे बात कर रही थी नैना?

सुशील के दिमाग में बस एक ही सवाल घूम रहा था: नैना फ़ोन पर किससे बात कर रही थी? जब नैना दूसरे कमरे में गई, तो सुशील ने मौके का फ़ायदा उठाया. उसने रिसीवर उठाया और ‘रीडायल’ बटन दबा दिया. दूसरी तरफ़ फ़ोन उठा, और एक नौजवान की आवाज़ आई, हेलो सुशील ने तुरंत फ़ोन काट दिया. उसे एहसास हो गया कि वह आवाज़ मतलूब करीम की थी. उसे लगता था कि मतलूब और नैना के बीच कोई नाजायज़ रिश्ता है.

गुस्से से नैना को दी आवाज

फ़ोन रखने के बाद, सुशील ने गुस्से से भरी आवाज़ में नैना को आवाज़ दी और पूछा कि मतलूब के लिए तुम्हारी दीवानगी अभी तक खत्म क्यों नहीं हुई? नैना ने बेबाकी से जवाब दिया कि इससे तुम्हें कोई लेना-देना नहीं है. बस इतना ही था जब सुशील तेज़ी से ड्रेसर की तरफ़ भागा, एक पिस्तौल निकाली, उसमें चार गोलियां भरीं, और नैना पर तीन गोलियां चला दीं.
पहली गोली नैना के सिर में लगी, दूसरी गले में, जबकि तीसरी और चौथी गोली निशाने से चूक गईं; वे दीवार से टकराकर इधर-उधर जा गिरीं. नैना बिस्तर पर लुढ़क गई. बिस्तर के पाए से खून टपकने लगा और नीचे फ़र्श पर फैल गया. सुशील का दिमाग अब ठीक से काम नहीं कर रहा था. वह भागकर बालकनी में गया और चारों ओर देखा; जब उसे यकीन हो गया कि किसी ने भी यह शोर-शराबा नहीं सुना है, तो उसने लाश को ठिकाने लगाने की तैयारी शुरू कर दी.

बगिया रेस्टोरेंट में लाश के टुकड़े

रात के 10:00 बज रहे थे. सुशील ने लाश को उसी चादर में लपेट दिया जिस पर वह पड़ी थी. वह नीचे गया, और लाश को कार की डिक्की में रखा. लगभग पंद्रह मिनट बाद, वह लाश के साथ निज़ामुद्दीन में यमुना पुल पर पहुंचा. सुशील की शुरुआती योजना बस लाश को पुल से नीचे फेंक देने की थी, लेकिन वहां इतना ज़्यादा ट्रैफ़िक था कि वह कार से लाश निकालने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाया. दस मिनट इंतज़ार करने के बाद, उसने अचानक अपना मन बदल लिया और लाश को सीधे अपनी ही जगह बगिया रेस्टोरेंट ले गया.

सुशील ने केशव को आवाज दी

कार से बाहर निकलते ही, घबराए हुए सुशील शर्मा ने तुरंत केशव को रेस्टोरेंट बंद करने का आदेश दिया. नतीजतन, जैसे ही आखिरी ग्राहक चले गए, रेस्टोरेंट की बत्तियाँ बुझा दी गईं. हालांकि, रेस्टोरेंट का तंदूर (मिट्टी का ओवन) अभी भी जल रहा था. कनॉट प्लेस के इस हिस्से में, तंदूरों के सुलगते अंगारे और जलती हुई आग एक आम, रोज़ाना का नज़ारा था; लोग अक्सर देर रात इस इलाके में खाना खाने आते थे. लेकिन, उस रात उस खास तंदूर के अंदर जो होने वाला था, वह शायद दुनिया के किसी भी तंदूर में पहले कभी नहीं हुआ था.
सुशील शर्मा ने केशव को निर्देश दिया कि वह रेस्टोरेंट के बाकी कर्मचारियों को बाहर भेज दे. अब अंदर सिर्फ़ रेस्टोरेंट का मैनेजर केशव और सुशील शर्मा ही बचे थे. इसके बाद, सुशील ने अपनी कार की डिक्की से एक पॉलीथीन बैग निकाला. फिर, केशव के साथ मिलकर, सुशील ने रेस्टोरेंट के चाकूओं का इस्तेमाल करके लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए. उसने शरीर के हर कटे हुए टुकड़े को रेस्टोरेंट के जलते हुए तंदूर में डालना शुरू कर दिया. असल में, तंदूर की गहराई और उसका मुंह, दोनों ही काफी छोटे थे; पूरी लाश एक साथ उसके अंदर समा नहीं सकती थी. इसलिए, वे दोनों आदमी लाश को तंदूर में डालने से पहले उसके टुकड़े कर रहे थे.

तंदूर में मक्खन डाला

आग की लपटों को और तेज़ करने के लिए, सुशील ने केशव से कुछ मक्खन लाने को कहा. मक्खन पहले से ही रेस्टोरेंट में मौजूद था. फिर उन दोनों आदमियों ने तंदूर में मक्खन डालना शुरू कर दिया. यह तरीका काम कर गया; आग की लपटें और भी ज़्यादा ज़ोर से भड़क उठीं. लेकिन, ठीक उसी पल, एक गड़बड़ हो गई. वह खौफ़नाक काम तंदूर के अंदर इंसान की लाश को भूनने का काम अभी भी चल ही रहा था कि अनारो नाम की एक सब्ज़ी बेचने वाली, जो रेस्टोरेंट के ठीक बाहर फुटपाथ पर सो रही थी, उसकी नज़र तंदूर से निकलती तेज़ लपटों और घने धुएं पर पड़ी.
मक्खन डालने की वजह से यह धुआं और भी ज़्यादा बढ़ गया था. अनारो को लगा कि रेस्टोरेंट में आग लग गई है. नतीजतन, वह ज़ोर-ज़ोर से चीखने लगी और मदद के लिए शोर मचाने लगी. अनारो की चीखें अब्दुल नज़ीर गुंजू के कानों तक पहुंचीं वह दिल्ली पुलिस का एक सिपाही था जो उस समय पास में ही गश्त कर रहा था. गुंजू दौड़कर अनारो के पास पहुंचा, और रेस्टोरेंट से आग की लपटें उठती देखकर, वह तेज़ी से इमारत की तरफ भागा.

पुलिस ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी

गुंजू को भी यही लगा कि आग लग गई है; इसलिए उसने फायर ब्रिगेड को सूचना दी और तेज़ी से घटनास्थल की ओर भागा. लेकिन, जब तक वह वहां पहुंचा, सुशील पहले ही भाग चुका था. उसने केशव से पूछा कि यह सब क्या है? केशव ने जवाब दिया, बस कुछ पुराने कांग्रेस के पोस्टर, सिर्फ़ रद्दी कागज़; मैं उन्हें जला रहा हूं. केशव की घबराहट देखकर, गुंजू को शक हो गया. उसने तुरंत आग बुझाने का आदेश दिया, और वहां मौजूद लोग तंदूर में पानी डालने लगे. दस मिनट के अंदर ही आग पर काबू पा लिया गया. जब गुंजू ने तंदूर के अंदर झांका, तो उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई; अंदर एक जला हुआ शव पड़ा था. तंदूर को तोड़कर खोला गया, और शव के अवशेष बाहर निकाले गए. कड़ी पूछताछ के बाद, केशव ने कबूल किया कि वह शव सुशील की पत्नी, नैना का था. बाद में, DNA जांच से इस पहचान की पुष्टि हो गई.

सुशील शर्मा के साथ आगे क्या हुआ?

यह घटना इतनी भयानक थी कि अगले ही दिन यह पूरी दिल्ली में चर्चा का मुख्य विषय बन गई. पुलिस की चार टीमों ने सुशील शर्मा की तलाश में पूरे शहर को छान मारा, फिर भी वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा. ऐसी अफ़वाह थी कि पुलिस ने उसके साथ मुठभेड़ करने का भी फ़ैसला कर लिया था. यह पता चलने पर, सुशील ने 10 जुलाई, 1995 को आत्मसमर्पण कर दिया. मुक़दमा शुरू हुआ और पुलिस टीम ने सबूत इकट्ठा किए.
7 नवंबर, 2003 को, ज़िला अदालत ने सुशील शर्मा को फांसी की सज़ा सुनाई. केशव कुमार को शव को ठिकाने लगाने में उसकी भूमिका के लिए सात साल की जेल की सज़ा दी गई. 2015 में, सुशील को कुछ दिनों के लिए पैरोल पर जेल से रिहा किया गया. आख़िरकार, 23 साल जेल में बिताने के बाद, सुशील को दिसंबर 2018 में रिहा कर दिया गया.
Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing 3 months intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024. She Worked in Inkhabar Haryana 9 months there she cover full Haryana news. Currently In India News her speciality is hard news, lifestyle, entertainment, Business.

Share
Published by
Shristi S

Recent Posts

Udta Teer Box Office Collection Day 1:‘उड़ता तीर’ की एंट्री से बॉक्स ऑफिस पर बदला खेल! रजनीकांत की ‘जेलर 2’ की कमाई में आई बड़ी गिरावट

Udta Teer Box Office Collection:उड़ता तीर की रिलीज़ का एक असर यह हुआ कि रजनीकांत…

Last Updated: October 24, 2026 08:08:48 IST

Petrol Diesel Price Today: 24 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल हुआ सस्ता या महंगा? टंकी फुल कराने से पहले जान लें दिल्ली से मुंबई तक के ताजा रेट

Petrol Diesel Price 24 October 2026:दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, पटना और…

Last Updated: October 24, 2026 07:46:29 IST

चक्रवाती तूफान मचाएगा तबाही? 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 90 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; IMD ने दी चेतावनी

Weather Update 24 October 2026: मौसम विभाग ने आज, 24 अक्टूबर को और आने वाले दिनों…

Last Updated: October 24, 2026 07:38:41 IST

पति-पत्नी के विवाद का खूनी अंजाम! पत्नी, सास, साले ने मिलकर पति को उतारा मौत के घाट, खून से सना सामान बरामद

Ramgarh murder case: झारखंड के रामगढ़ में 38 वर्षीय रोहित कुमार की हत्या के मामले…

Last Updated: October 23, 2026 23:22:25 IST

गर्लफ्रेंड ने बात करने से किया इनकार, तो घर में घुसकर मां की हत्या, बहनों को ले गया साथ

Tamilnadu Murder Case: तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में एक लड़की ने ल़ड़के से बात करने…

Last Updated: October 23, 2026 22:59:33 IST

करवाचौथ की पूजा थाली को दें रॉयल लुक, इन आसान तरीकों से करें डेकोरेट, हर कोई पूछेगा कहां से खरीदी

Karva Chauth puja thali: करवाचौथ पर पूजा की थाली सजाने के लिए महंगी सजावटी थाली…

Last Updated: October 23, 2026 22:52:43 IST