तेजस फाइटर जेट क्रैश: भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने एक दुर्घटना में अपना एक और तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) खो दिया है, जिसके चलते जांच शुरू कर दी गई है और पूरे बेड़े की व्यापक तकनीकी जांच की जा रही है. सिस्टम में गड़बड़ी शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना इसी महीने की शुरुआत में एक महत्वपूर्ण हवाई अड्डे के परिचालन क्षेत्र में घटी, जब स्वदेशी निर्मित लड़ाकू विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान के बाद लैंडिंग कर रहा था. शुरुाती में तकनीकी खराबी की आशंका जताई गई है, जिसमें विमान के सिस्टम में कोई गड़बड़ी शामिल हो सकती है.
विमानों के पूरे बेड़े को रोका
दुर्घटना के बाद, भारतीय वायु सेना ने गहन तकनीकी जांच करने के लिए अपने लगभग 30 सिंगल-सीट तेजस जेट विमानों के पूरे बेड़े को रोक दिया है, समाचार एजेंसी पीटीआई ने यह जानकारी दी है।
गहन तकनीकी जांच
रिपोर्ट के आधार पर, दुर्घटना के बाद, भारतीय वायु सेना ने गहन तकनीकी जांच करने के लिए लगभग 30 सिंगल-सीट तेजस जेट विमानों के पूरे बेड़े को रोक रखा है. ऐसे में विमान के ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है और संभवतः उसे पूरी तरह से बेकार घोषित कर दिया गया है. हालांकि, पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट करने में सफल रहा और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है. भारतीय वायु सेना में शामिल होने के बाद से यह तीसरा तेजस विमान है जो दुर्घटनाग्रस्त हो गया है.
डिलीवरी में देरी का कारण अमेरिकी कंपनी
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब तेजस बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पहले से ही तेजस Mk-1A की आपूर्ति में देरी के मामले में प्रेशर झेल रही है. फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ 83 तेजस Mk-1A विमानों की खरीद के लिए 48,000 करोड़ रुपये का करार किया था. इसके बाद सितंबर 2025 में 97 और तेजस Mk-1A विमानों की खरीद के लिए 62,370 करोड़ रुपये का दूसरा समझौता हुआ है. डिलीवरी में देरी का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी कंपनी द्वारा इंजन आपूर्ति में समयसीमा का पालन नहीं करना है.