DUSU President 2026: अंतर्राष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी से डूसू अध्यक्ष बनने वाले यश डबास कौन हैं? जानिए कंझावला से निकलकर दिल्ली यूनिवर्सिटी के सबसे बड़े छात्र नेता बनने का उनका यह दिलचस्प सफर.
Who is Yash Dabas: कौन हैं यश डबास? जिन्होंने टेनिस रैकेट छोड़कर थामा राजनीति का परचम और बन गए DUSU के नए अध्यक्ष
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) का चुनाव सिर्फ किसी यूनिवर्सिटी का इलेक्शन नहीं माना जाता, बल्कि इसे देश की राजनीति का एक बड़ा मंच कहा जाता है. हर साल यहाँ से ऐसे युवा नेता निकलते हैं जो आगे चलकर देश की मुख्य राजनीति में अपनी जगह बनाते हैं. साल 2026 के डूसू चुनाव में भी एक ऐसा ही नाम चर्चा में है. यश डबास. टेनिस के कोर्ट में अपनी पहचान बनाने वाले यश डबास ने अब छात्र राजनीति में भी बड़ी जीत हासिल की है. ABVP के प्रत्याशी यश डबास ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीतकर डूसू के नए अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी संभाल ली है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के लिए 18 सितंबर को वोट डाले गए थे और 19 सितंबर को नतीजे घोषित किए गए. इस चुनाव में ABVP के यश डबास ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी NSUI के विजय शंकर मीणा को करीब 2,000 वोटों के अंतर से हराया. चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक, यश डबास को लगभग 8,000 वोट मिले, जबकि विजय शंकर मीणा को करीब 6,000 वोट हासिल हुए. इस शानदार जीत के साथ ही यश डबास दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के नए नेता बन गए हैं.
यश डबास दिल्ली के कंझावला इलाके के रहने वाले हैं. उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से पूरी की है. पढ़ाई के दौरान से ही वे कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर छात्रों से जुड़े मुद्दों में काफी सक्रिय रहते थे. फिलहाल वे दिल्ली यूनिवर्सिटी के बौद्ध अध्ययन विभाग (Department of Buddhist Studies) से आगे की पढ़ाई कर रहे हैं. यश की पहचान एक ऐसे छात्र के रूप में है जो पढ़ाई, खेल और समाजसेवा, तीनों में ही हमेशा आगे रहता है.
यश डबास की ज़िंदगी की सबसे खास बात उनका खेल का सफर है. वे एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी रहे हैं. उन्होंने स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया जैसे देशों में आयोजित इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (ITF) के टूर्नामेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. इसके अलावा वे सीबीएसई नेशनल, एसजीएफआई नेशनल, खेलो इंडिया और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2023 जैसी बड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भाग ले चुके हैं. नॉर्थ इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भी उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी का नाम रोशन किया था.

यश डबास का मानना है कि खेल सिर्फ हार-जीत नहीं सिखाता, बल्कि जीवन में अनुशासन, नेतृत्व करने की क्षमता और एक टीम के रूप में मिलकर काम करना भी सिखाता है. उन्होंने अपने खेल के इन्हीं अनुभवों का इस्तेमाल छात्र राजनीति में किया. वे लंबे समय से छात्रों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को उठाते रहे और उनके लिए काम करते रहे. इसी मेहनत और जुड़ाव के चलते ABVP ने उन्हें डूसू अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया और आज वे जीत हासिल करने में सफल रहे.
डूसू अध्यक्ष बनने के बाद अब यश डबास के कंधों पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के लाखों छात्रों की आवाज़ बनने की ज़िम्मेदारी है. कॉलेजों में मिलने वाली सुविधाएँ, छात्र कल्याण से जुड़ी योजनाएँ, पढ़ाई का बेहतर माहौल और यूनिवर्सिटी से जुड़े तमाम ज़रूरी मुद्दों पर काम करना अब उनकी सबसे पहली प्राथमिकता होगी.
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