Haryana Govt Update: हरियाणा सरकार ने सभी श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत तक की बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी. यह फैसला यहां हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस बढ़ोतरी से श्रमिकों की आय में काफी सुधार होगा और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. उन्होंने आगे कहा कि कैबिनेट के सामने रखे गए सात एजेंडा बिंदुओं में से छह को मंजूरी दे दी गई है. प्रस्ताव को मिली मंजूरी
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि हरियाणा मंत्रिमंडल ने बुधवार को अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत की वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दिया है. उन्होंने कहा कि संशोधित वेतन 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा.
कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने वाले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों को बताया कि विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश करते समय उन्होंने घोषणा की थी कि एक विशेषज्ञ समिति ने अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की सिफारिश की है.
श्रमिकों की मजदूरी में बड़ा इजाफा
जानकारी साझा करते हुए, विज ने बताया कि अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 11,274.60 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये कर दी गई है, अर्ध-कुशल श्रमिकों की मजदूरी 12,430.18 रुपये से बढ़ाकर 16,780.74 रुपये कर दी गई है, कुशल श्रमिकों की मजदूरी 13,704.31 रुपये से बढ़ाकर 18,500.81 रुपये कर दी गई है; और उच्च कुशल श्रमिकों की मजदूरी 14,389.52 रुपये से बढ़ाकर 19,425.85 रुपये कर दी गई है, जो लगभग 35 प्रतिशत वृद्धि को दिखाती है. चार नए श्रम कानूनों के लागू होने के बाद हरियाणा न्यूनतम मजदूरी में उल्लेखनीय वृद्धि करने वाला पहला राज्य है, विज ने यह भी कहा कि इस निर्णय से राज्य में लाखों श्रमिक लाभानवित होंगे.