Madhya Pradesh Ka Mausam: मध्य प्रदेश में मानसून का प्रभाव अच्छा-खासा देखने को मिल रहा है. राज्य के पूर्वी हिस्से में लगातार बारिश के चलते कई जिलों में जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है. नर्मदा और मंदाकिनी नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है. वहीं मंडला में तो नर्मदा खतरे के निशान के काफी करीब बह रही है. जबकि चित्रकूट में मंदाकिनी का पानी सड़कों और बाजारों तक पहुंच चुका है. शुक्रवार को भी मध्य प्रदेश को 16 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया था. साथ ही सावधानी बरतने की भी चेतावनी दी थी.
नर्मदा और मंदाकिनी का बढ़ा जलस्तर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के मुताबिक, अगले 24 घंटे में चार से आठ इंच तक बारिश हो सकती है. मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी में पानी खतरे के निशान तक पहुंच चुका है. नदी का पानी सड़क और बाजारों तक आ चुका है. यहां तक की सड़कों नाव चलाने तक की नौबत आ गई है. गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाएं बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बंद कर दी गई हैं. प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए ये फैसला लिया है.
सड़कों तक आया पानी
मंडला में नर्मदा का कहर भी देखने को मिल रहा है. छोटा पुल पानी में डूब चुका है. इसके अलावा खरमेर नदी और अष्टभुजा नदी भी उफान पर बह रही है. सीधी और कटनी में भी बारिश के कारण नालों का पानी बाहर आ चुका है. गांव के साथ-साथ शहरों में भी बारिश का प्रभाव देखने को मिल रहा है.
स्कूल और कॉलेज बंद
भारी बारिश के कारण शुक्रवार और शनिवार को स्कूल बंद कर दिया है. आंगनबाड़ी केंद्रों में भी छुट्टी का ऐलान किया गया है. रीवा, सतना और पन्ना में शुक्रवार और शनिवार को स्कूल और कॉलेज की छुट्टी है.
महाकालेश्वर और उज्जैन में मौसम का हाल
मध्य प्रदेश में बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर शिप्रा/क्षिप्रा नदी के किनारे बसा है. आज, 21 अगस्त को मौसम बादलों से घिरा रहने और हल्की बारिश होने का अनुमान है. उज्जैन में तापमान करीब 24°C से 29°C के बीच रह सकता है. महाकालेश्वर और उज्जैन जाने से पहले मौसम का हाल जरूर जान लें.
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