Live TV
Search
Home > देश > Maharashtra News: मनोरंजन का अड्डा बन गई है नासिक सेंट्रल जेल, ड्रग तस्कर बना रहे हैं रील, Viral Video में सुरक्षा में चौंकाने वाली चूक का हुआ खुलासा

Maharashtra News: मनोरंजन का अड्डा बन गई है नासिक सेंट्रल जेल, ड्रग तस्कर बना रहे हैं रील, Viral Video में सुरक्षा में चौंकाने वाली चूक का हुआ खुलासा

Nashik Central Jail Viral Video: नासिक रोड सेंट्रल जेल के अंदर कथित तौर पर ड्रग्स मामले के आरोपी सनी पगारे द्वारा रिकॉर्ड किए गए एक वायरल वीडियो ने मोबाइल फोन की पहुंच, सुरक्षा जांच और कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Written By:
Last Updated: October 1, 2026 16:33:39 IST

Mobile Ads 1x1

महाराष्ट्र के एक हाई-प्रोफाइल ड्रग मामले में मुख्य आरोपी सनी पगारे द्वारा कथित तौर पर नासिक रोड केंद्रीय जेल के अंदर रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने जेल प्रशासन के त्रिस्तरीय सुरक्षा तंत्र, आधुनिक सीसीटीवी कैमरों और कड़ी निगरानी के दावों को लेकर जांच के दायरे में ला दिया है.  इस घटनाक्रम ने पुलिस और गृह विभाग के हलकों में भी चिंता पैदा कर दी है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पगारे कथित तौर पर नासिक रोड सेंट्रल जेल के अंदर रील और वीडियो बना रहा था और एक खास मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके जेल के बाहर के लोगों से संपर्क में था. जांचकर्ता उस नंबर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच करके इस कथित नेटवर्क और इसके बाहरी संचालकों का पता लगा सकते हैं. रिपोर्ट में उद्धृत विशेषज्ञों का कहना है कि जेल कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना कोई स्मार्टफोन आमतौर पर तीन स्तर की सुरक्षा जांच को पार करके किसी हाई-प्रोफाइल कैदी तक नहीं पहुंच सकता.

नासिक रोड सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन की पहुंच को लेकर उठे सवाल

कथित तौर पर फोन एक्सेस होने से जेल में लगे मोबाइल नेटवर्क जैमर पर सवाल उठ रहे हैं. अगर पूरे परिसर में जैमर लगाए गए थे, तो अधिकारियों को यह बताना होगा कि जेल के अंदर इंटरनेट और कॉलिंग सेवाएं कथित तौर पर कैसे काम कर रही थीं. एक और अहम सवाल यह है कि फोन किसने मुहैया कराया होगा. यह सवाल उठता है कि जेल के किस कर्मचारी ने जेल के गेट से लेकर बैरक तक की जांच के बावजूद कथित ड्रग माफिया को मोबाइल फोन पहुंचाया होगा.

नासिक रोड सेंट्रल जेल मामले की जांच के मद्देनजर सख्त कार्रवाई की मांग 

इस मामले ने इस बात पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या मामला किसी निचले स्तर के कर्मचारी के निलंबन के साथ समाप्त हो जाएगा या सीडीआर की जांच के बाद कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी. वायरल वीडियो ने नासिक के नागरिकों में आक्रोश और प्रशासनिक हलकों में चिंता पैदा कर दी है. अब मुख्य प्रश्न यह है कि नासिक रोड सेंट्रल जेल के अंदर कथित गतिविधि कितने समय तक चली और क्या इसमें कोई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. अब सारा ध्यान जेल महानिरीक्षक और गृह मंत्रालय पर है और इस बात पर कि वे कथित सुरक्षा चूक को लेकर क्या कार्रवाई करते हैं.

MORE NEWS

Home > देश > Maharashtra News: मनोरंजन का अड्डा बन गई है नासिक सेंट्रल जेल, ड्रग तस्कर बना रहे हैं रील, Viral Video में सुरक्षा में चौंकाने वाली चूक का हुआ खुलासा

Written By:
Last Updated: October 1, 2026 16:33:39 IST

Mobile Ads 1x1

महाराष्ट्र के एक हाई-प्रोफाइल ड्रग मामले में मुख्य आरोपी सनी पगारे द्वारा कथित तौर पर नासिक रोड केंद्रीय जेल के अंदर रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने जेल प्रशासन के त्रिस्तरीय सुरक्षा तंत्र, आधुनिक सीसीटीवी कैमरों और कड़ी निगरानी के दावों को लेकर जांच के दायरे में ला दिया है.  इस घटनाक्रम ने पुलिस और गृह विभाग के हलकों में भी चिंता पैदा कर दी है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पगारे कथित तौर पर नासिक रोड सेंट्रल जेल के अंदर रील और वीडियो बना रहा था और एक खास मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके जेल के बाहर के लोगों से संपर्क में था. जांचकर्ता उस नंबर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच करके इस कथित नेटवर्क और इसके बाहरी संचालकों का पता लगा सकते हैं. रिपोर्ट में उद्धृत विशेषज्ञों का कहना है कि जेल कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना कोई स्मार्टफोन आमतौर पर तीन स्तर की सुरक्षा जांच को पार करके किसी हाई-प्रोफाइल कैदी तक नहीं पहुंच सकता.

नासिक रोड सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन की पहुंच को लेकर उठे सवाल

कथित तौर पर फोन एक्सेस होने से जेल में लगे मोबाइल नेटवर्क जैमर पर सवाल उठ रहे हैं. अगर पूरे परिसर में जैमर लगाए गए थे, तो अधिकारियों को यह बताना होगा कि जेल के अंदर इंटरनेट और कॉलिंग सेवाएं कथित तौर पर कैसे काम कर रही थीं. एक और अहम सवाल यह है कि फोन किसने मुहैया कराया होगा. यह सवाल उठता है कि जेल के किस कर्मचारी ने जेल के गेट से लेकर बैरक तक की जांच के बावजूद कथित ड्रग माफिया को मोबाइल फोन पहुंचाया होगा.

नासिक रोड सेंट्रल जेल मामले की जांच के मद्देनजर सख्त कार्रवाई की मांग 

इस मामले ने इस बात पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या मामला किसी निचले स्तर के कर्मचारी के निलंबन के साथ समाप्त हो जाएगा या सीडीआर की जांच के बाद कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी. वायरल वीडियो ने नासिक के नागरिकों में आक्रोश और प्रशासनिक हलकों में चिंता पैदा कर दी है. अब मुख्य प्रश्न यह है कि नासिक रोड सेंट्रल जेल के अंदर कथित गतिविधि कितने समय तक चली और क्या इसमें कोई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. अब सारा ध्यान जेल महानिरीक्षक और गृह मंत्रालय पर है और इस बात पर कि वे कथित सुरक्षा चूक को लेकर क्या कार्रवाई करते हैं.

MORE NEWS