उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक ऐसा ही हैरान करने वाला और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है. गोवर्धन चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दिल्ली के सराय काले खां से आगरा जा रही हरियाणा रोडवेज की एक बस के आगे के टूटे हुए शीशे में एक युवक आधा अंदर और आधा बाहर फंसा हुआ नजर आया. युवक के सिर से बहता खून और शरीर पर चोट के निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि यह कोई आम हादसा नहीं था. वायरल हो रहे इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक नशे में था, लेकिन पुलिस का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है. आइए जानते हैं क्या है इस पूरी सनसनीखेज घटना की असल सच्चाई और क्यों मथुरा का यह मेला इस समय सुर्ख़ियों में है.
बस के शीशे में फंसा घायल युवक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब लोगों ने हरियाणा रोडवेज की बस के आगे के शीशे में एक युवक को इस हालत में फंसा देखा, तो वहां भारी भीड़ जमा हो गई. वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवक बुरी तरह घायल है और उसके सिर से खून बह रहा है. स्थानीय स्तर पर यह भी बातें सामने आ रही हैं कि शायद युवक नशे की हालत में था और बस की चपेट में आ गया या बस से टकरा गया. जब इस बारे में पुलिस से बात की गई, तो उनका कहना था कि उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से ही मिली है. पुलिस के मुताबिक अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. अगर कोई तहरीर मिलती है या आगे की जानकारी सामने आती है, तो सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
उत्तर प्रदेश के मथुरा में गोवर्धन चौराहे के पास एक चौंकाने वाली घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। दिल्ली से आगरा जा रही हरियाणा रोडवेज की बस की विंडशील्ड में एक युवक फंसा दिखाई दिया। राहगीरों ने बस रुकवाकर उसे बाहर निकाला। घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई… pic.twitter.com/FtsifDwfaP
— OM NARAYAN (@survey171) July 31, 2026
मुड़िया पूर्णिमा मेले की भीड़ और बेकाबू हालात
यह पूरा मामला मथुरा के गोवर्धन में चल रहे उत्तर भारत के सबसे बड़े ‘मुड़िया पूर्णिमा मेले’ के दौरान सामने आया है. इस मेले में एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. जिला प्रशासन ने बड़े-बड़े दावे तो किए थे, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. गोवर्धन में वन-वे व्यवस्था लागू होने और प्राइवेट वाहनों के प्रवेश पर रोक लगने के कारण श्रद्धालुओं की पूरी निर्भरता सिर्फ सरकारी बसों पर है. प्रशासन ने 1259 अतिरिक्त बसें चलाने का दावा किया है, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा है कि बसों के अंदर पैर रखने की भी जगह नहीं बची. मजबूरन श्रद्धालुओं को जान जोखिम में डालकर बसों की छतों पर बैठकर सफर करना पड़ रहा है.
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