Rajasthan High Court: राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर पीठ में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रेम विवाह से जुड़े एक मामले के बाद एक युवक ने कथित तौर पर आत्महत्या करने की कोशिश की. युवक एडवोकेट चैंबर परिसर की बालकनी में लटक गया। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और उसकी जान बचा ली. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक से पूछताछ शुरू की.
जानकारी के मुताबिक, युवक की पहचान कार्तिक उर्फ अरबाज के रूप में हुई है. उसने प्रेम विवाह से जुड़े मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी थी. सुनवाई के दौरान घटनाक्रम ऐसा बदला कि युवक ने कथित तौर पर अपनी जान देने की कोशिश की. वह एडवोकेट चैंबर परिसर की बालकनी में लटक गया. मौके पर मौजूद एडवोकेट क्लर्क और चैंबर के कर्मचारियों ने फुर्ती दिखाते हुए उसे पकड़ लिया. उनकी सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया.
पहचान बदलने का आरोप
बताया जा रहा है कि सुनवाई के दौरान युवती को युवक के नाम और धार्मिक पहचान के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद युवती अपने परिजनों के साथ चली गई। इसी घटनाक्रम के बाद युवक के आत्महत्या की कोशिश करने की बात सामने आई है. हालांकि, पूरे मामले की परिस्थितियों को लेकर पुलिस जानकारी जुटा रही है.
पुलिस ने युवक को किया निरुद्ध
घटना के बाद कुड़ी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक से पूछताछ की. थाना अधिकारी लेखराज के अनुसार, पुलिस ने कार्तिक उर्फ अरबाज को शांति भंग की आशंका में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत निरुद्ध किया है. पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
बुआ के साथ गई युवती
इसी मामले में 26 अक्टूबर को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई की. युवती को राजकीय नारी निकेतन से अदालत में पेश किया गया. काउंसलिंग रिपोर्ट के अनुसार, युवती ने अपनी बुआ के साथ जाने की इच्छा जताई थी. बुआ देवी ने भी उसकी जिम्मेदारी लेने पर सहमति दी. इसके बाद अदालत ने युवती की कस्टडी बुआ को सौंपने के निर्देश दिए.
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