Barabanki-Bahraich Highways: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 4 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. जिसमें से उत्तर प्रदेश में 102 किलीमीटर लंबे चार-लेन वाले हाईवे को भी मंजूरी मिली है. जिसके बनने के बाद भारत और नेपाल के बीच व्यापार करना आसान हो जाएगा.
उत्तर प्रदेश में 102 किलोमीटर लंबी फोर लेन हाईवे को मंजूरी मिली है, जो बाराबंकी को बहराइच से जोड़ेगा.
Union Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार (18 मार्च, 2026) को उत्तर प्रदेश में 102 किलोमीटर लंबे चार-लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है. यह हाईवे बाराबंकी को बहराइच से जोड़ेगा और इसकी कुल लागत ₹6,969.04 करोड़ होगी. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा.
इसका मकसद मौजूदा NH-927 पर मौजूद बनावट से जुड़ी गंभीर कमियों और तीखे मोड़ों को ठीक करना है. इसमें 48.28 किलोमीटर के बाईपास भी शामिल हैं, ताकि तेज़ रफ़्तार से आवाजाही हो सके और ज़्यादा आबादी वाले इलाकों में ट्रैफिक कम हो सके.
स्थानीय ट्रैफिक को आसान बनाने के अलावा, इस कॉरिडोर से भारत और नेपाल के बीच सीमा-पार व्यापार के एक अहम रास्ते के तौर पर काम करने की उम्मीद है. यह नेपालगंज सीमा के माध्यम से भारत को नेपाल से जोड़ेगा, जिससे रूपाईडीहा लैंड पोर्ट तक कनेक्टिविटी में काफ़ी सुधार होगा. यह हाईवे पीएम गतिशक्ति फ्रेमवर्क के अनुरूप है और तीन आर्थिक केंद्रों (जिनमें एक स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन और दो मेगा फ़ूड पार्क शामिल हैं) के साथ-साथ दो सामाजिक केंद्रों और 12 लॉजिस्टिक्स केंद्रों को जोड़ेगा.
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि इसके अलावा, बहराइच से रूपाईडीहा तक विस्तार के लिए एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है. इसका मतलब है कि चार-लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के माध्यम से नेपाल सीमा तक पहुंचने का एक पूरा इंतजाम हो जाएगा. यह रास्ता बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और नेपाल की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए फ़ायदेमंद होगा.
इस प्रोजेक्ट से काफी रोज़गार पैदा होने की उम्मीद है. अनुमान है कि इससे 3.654 मिलियन व्यक्ति-दिनों का सीधा रोज़गार और 4.304 मिलियन व्यक्ति-दिनों का अप्रत्यक्ष रोज़गार मिलेगा. इसमें घाघरा नदी पर छह-लेन वाले एक विशाल पुल का निर्माण भी शामिल है. साथ ही, इससे श्रावस्ती हवाई अड्डे के साथ-साथ प्रमुख बौद्ध पर्यटन और तीर्थ स्थलों तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इस प्रोजेक्ट का एक मुख्य फ़ायदा यात्रा के समय में कमी आना बताया गया है.
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस हाईवे पर यात्रा का समय जो अभी तीन घंटे है, घटकर एक घंटा रह जाएगा, इससे लोगों को बहुत फ़ायदा होगा. वैष्णव ने आगे कहा कि इस प्रोजेक्ट से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि इससे परिवहन के बुनियादी ढांचे और क्षेत्र के प्रमुख स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी.
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