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Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > यथार्थ के हत्यारे का हिसाब: 2.5 साल की जंग, उम्रकैद और ₹1 लाख का दंड, सबूत के अभाव में 6 बचे!

यथार्थ के हत्यारे का हिसाब: 2.5 साल की जंग, उम्रकैद और ₹1 लाख का दंड, सबूत के अभाव में 6 बचे!

यथार्थ विक्रम सिंह की हत्या के ढ़ाई साल बाद न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों के आधार पर उम्र कैद की सजा सुना दी है. इस मामले में 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जबकि 6 आरोपियों को सबूच के अभाव में बरी भी किया है.

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Last Updated: May 5, 2026 17:08:24 IST

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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है. साल 2023 के बहुचर्चित यथार्थ विक्रम सिंह हत्याकांड में बलिया की कोर्ट ने मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. मामला दुबहड़ थाना क्षेत्र का है. 25 अक्टूबर 2023 को यथार्थ विक्रम सिंह की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस सनसनीखेज वारदात के बाद मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से तफ्तीश की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की.

दलीलों में भी दोषी करार

अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक की अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी बलजीत सिंह उर्फ अजय सिंह पुत्र नागेश्वर सिंह, निवासी शिवपुर दियर नई बस्ती बयासी दुबहड़ को दोषी पाया है.

कोर्ट ने लगाया जुर्माना

कोर्ट ने दोषी बलजीत सिंह उर्फ अजय सिंह को धारा 302 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास और ₹100000 के अर्थ दंड से दंडित किया है. अर्थ दंड न देने की स्थिति में दोषी को 3 महीने के अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी.

6 आरोपी बरी किए

इस मामले में मुख्य आरोपी बलजीत सिंह के अलावा 6 अन्य आरोपियों को दोष मुक्त पाया है. आपको बता दे की बलजीत सिंह के अलावा 6 अन्य आरोपी, सर्वजीत सिंह, अमरजीत सिंह, सूर्यभान पांडेय, कौशल किशोर पांडेय, मनोज सिंह और शेरा कुंवर के खिलाफ भी मुकदमा चल रहा था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में न्यायालय ने इन सभी 6 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया है.

ढ़ाई साल के अंदर न्याय

बलिया पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने इस केस में बेहद प्रभावी पैरवी की, सरकारी वकील एडीजीसी रामनरेश यादव की मजबूत दलीलों और ठोस गवाही के दम पर महज अढ़ाई साल के भीतर ही अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया.

ये भी पढ़ें:-पुआल के ढेर में ‘जहर’ की खेती: कचहरी के पास मिनी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, सामान देख पुलिस भी दंग!

Disclaimer: The article is a part of a syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for the accuracy of the facts. 

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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है. साल 2023 के बहुचर्चित यथार्थ विक्रम सिंह हत्याकांड में बलिया की कोर्ट ने मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. मामला दुबहड़ थाना क्षेत्र का है. 25 अक्टूबर 2023 को यथार्थ विक्रम सिंह की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस सनसनीखेज वारदात के बाद मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से तफ्तीश की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की.

दलीलों में भी दोषी करार

अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक की अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी बलजीत सिंह उर्फ अजय सिंह पुत्र नागेश्वर सिंह, निवासी शिवपुर दियर नई बस्ती बयासी दुबहड़ को दोषी पाया है.

कोर्ट ने लगाया जुर्माना

कोर्ट ने दोषी बलजीत सिंह उर्फ अजय सिंह को धारा 302 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास और ₹100000 के अर्थ दंड से दंडित किया है. अर्थ दंड न देने की स्थिति में दोषी को 3 महीने के अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी.

6 आरोपी बरी किए

इस मामले में मुख्य आरोपी बलजीत सिंह के अलावा 6 अन्य आरोपियों को दोष मुक्त पाया है. आपको बता दे की बलजीत सिंह के अलावा 6 अन्य आरोपी, सर्वजीत सिंह, अमरजीत सिंह, सूर्यभान पांडेय, कौशल किशोर पांडेय, मनोज सिंह और शेरा कुंवर के खिलाफ भी मुकदमा चल रहा था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में न्यायालय ने इन सभी 6 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया है.

ढ़ाई साल के अंदर न्याय

बलिया पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने इस केस में बेहद प्रभावी पैरवी की, सरकारी वकील एडीजीसी रामनरेश यादव की मजबूत दलीलों और ठोस गवाही के दम पर महज अढ़ाई साल के भीतर ही अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया.

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