<

Amroha Murder Case: हत्यारे शबनम और सलीम की खूनी लव स्टोरी,  चाय के कप से शुरू हुआ प्लान; बॉयफ्रेंड संग 7 लोगों को मार डाला

Amroha Murder Case: एक-दूसरे को प्यार करने वाले शबनम और सलीम ने प्लान बनाया फिर अमरोहा (यूपी) में परिवार के 7 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी.

Amroha Murder Case : उत्तर प्रदेश के अमरोहा का गांव बावन खेड़ी 15 अप्रैल, 2008 को अचानक देश भर में चर्चा में आ गया.  रात 2 बजे के ठीक बाद पड़ोसियों की नींद एक महिला की मदद के लिए चीख-पुकार सुनकर खुल गई. नींद में डूबे हुए पड़ोसी डरे-सहमे घरों से बाहर निकले तो उन्हें सामूहिक हत्या का एक भयानक मंज़र दिखाई दिया, जिसे वो शायद ही कभी अपने जीवन में भूलें. 15 अप्रैल, 2008 की रात को जब लोग दो-मंज़िला पारिवारिक घर में पहुंचे तो सामने का नजारा दिल दहला देने वाला था. घर में सबसे पहले पहुंचने वाले लतीफ़ उल्लाह खान ने देखा कि गांव की ही शबनम ज़मीन पर बेहोश पड़ी है. उनकी नजर कुछ दूरी पर गई तो ही उसके पिता शौकत अली का शव पड़ा था. पहली नजर में गला रेता गया था और पास ही खूब बिखरा था. इसके नजर  उठीं तो एक के बाद एक 7 शव घर में पड़े थे. 

सूचना पर मौके पर पहुंची तो पुलिस ने घर से शबनम के दो भाइयों, उसकी मां, भाभी और 14 वर्षीय चचेरे भाई के शव खून से लथपथ एक कमरे में पड़े थे. इन सभी के सिर लगभग धड़ से अलग हो चुके थे. पास ही नन्हा भतीजा नजर आया उसकी भी गला घोंटकर हत्या की गई थी. वह अपने माता-पिता के शवों के बीच सोता हुआ प्रतीत हुआ लग रहा था. यह मामला सुर्खियों में छा गया. घर में सभी मारे गए थे, केवल शबनम बची थी. साफ था कि इस हत्याकांड में उसका रोल है.

सख्ती हुई तो टूटी गई पुलिस के सामने

जांच के दौरान पुलिस ने सख्ती की तो वह टूट गई. कबूल किया कि उसने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर अपने  ही परिवार के 7 सदस्यों की हत्या की थी (जिनमें 10 महीने का एक बच्चा भी शामिल था), जबकि उसकी मां आठ हफ़्ते की गर्भवती भी थी. शबनम और उसके  बॉयफ्रेंड के सनक के चलते 7 जानें कुछ ही मिनटों में चली गईं.

शबनम और उसके प्रेमी सलीम को इन हत्याओं का दोषी पाया गया और उन्हें फांसी की सज़ा सुनाई गई. हालांकि, उनकी फांसी अभी लटकी हुई है. इस घटना के दौरान शबनम गर्भवती थी. अब जेल में दोनों का बेटा भी है, जो अब काफी बड़ा हो गया है. दरअसल, शबनम ने जेल में ही पाला-पोसा और बाद में किसी और को सौंप दिया. इसमें अहम बात यह है कि शबनम के बेटे को नहीं पता कि उसकी मां कौन है और कहां है?

दोस्ती बदली प्यार में

शबनम और उसका सलीम गांव में रहते थे. बार-बार मिले तो दोस्ती हुई फिर दोस्ती प्यार में बदल गई. दोनों का रिश्ता परिवार को मंजूर नहीं था. सैफी समुदाय से जुड़ी शबनम तब सिर्फ 22 साल की थी और पढ़ी लिखी टीचर थी, जबकि सलीम एक बेरोज़गार पठान युवक था. जब दोनों का रिश्ता परिवार को नामंजूर हुआ तो शबनम और सलीम ने खौफनाक हत्या को अंजाम देने का मंसूबा बना लिया. 7 हत्याओं से पहले शबनम की दिवंगत भाभी अंजुम के पिता लाल मोहम्मद ने पुलिस को इस जोड़े के रिश्ते के बारे में जानकारी दी थी. 

पिता ने की थी शबनम की पिटाई

शबनम के 2008 के ज़िला अदालत के मुक़दमे में दिए गए अपने गवाही बयान के अनुसार, मोहम्मद ने याद करते हुए बताया कि अंजुम ने उनसे कहा था कि शबनम गलत रास्ते पर जा रही है. वह सलीम से शादी करना चाहती है और घर का माहौल बहुत तनावपूर्ण है. जिस स्कूल में शबनम पढ़ाती थी, वहां के एक साथी टीचर निश्चय त्यागी ने गवाही दी थी. इसमें शबनम ने उन्हें बताया था कि वह सलीम से शादी करना चाहती है, लेकिन उसका परिवार इसका विरोध कर रहा था. शबनम के चचेरे भाई सुक्खन अली ने अदालत को बताया कि सलीम अक्सर शबनम से मिलने उसके घर आता था. उसने कहा कि उसके पिता को यह पसंद नहीं था और वे शबनम को पीटते भी थे. 

गर्भवती है वह, शबनम क्या इससे बेखबर थी

इस बीच शबनम गर्भवती हो गई, लेकिन शबनम का परिवार नहीं जानता था. दरअसल शबनम पहले से ही सलीम के बच्चे की मां बनने वाली थी (गर्भवती थी).  हैरत की बात यह भी है और यह साफ़ नहीं भी है कि हत्याओं के समय शबनम को पता था या नहीं कि वह आठ हफ़्ते की गर्भवती है. कोर्ट ने जिरह के दौरान सरकारी वकील (अभियोजन पक्ष) ने कहा कि उसे इस बात की जानकारी थी, और इसी वजह से उसने कुछ हद तक इन हत्याओं को अंजाम दिया. उन्होंने दलील दी कि शबनम अपने परिवार को मारना चाहती थी, ताकि वह उनकी प्रॉपर्टी की अकेली वारिस बन सके और सलीम और अपने नवजात बच्चे के साथ आराम से रह सके. वहीं, डिफेंस टीम ने कहा कि शबनम को अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में तब पता चला, जब उसे गिरफ़्तार किए जाने के बाद एक रूटीन मेडिकल चेकअप हुआ.

यह हत्याकांड चाय के एक कप से शुरू हुआ

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि 14 अप्रैल, 2008 को शबनम ने अपने परिवार के शाम के ड्रिंक्स में एक सेडेटिव (नशीली दवा) मिला दिया था, जिसे सलीम ने एक फल बेचने वाले की मदद से खरीदा था. फिर जब परिवार सो रहा था, तो शबनम ने सलीम को बुलाया – जो एक कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचा. पुलिस जांच में पता चला कि शबनम ने एक-एक करके परिवार के हर सदस्य का सिर ऊपर उठाया और सलीम ने उनकी गर्दन काटकर उन्हें मार डाला. 

सलीम ने क्या-क्या कहा था सब्जी वाले से

मुझसे एक गलती हो गई है. मैं शबनम से प्यार करता हूं. जो मेरे ही गांव की एक लड़की है और वह भी मुझसे प्यार करती है. हमने साथ जीने और साथ मरने की कसमें खाई हैं.  सलीम ने हत्याओं के अगले ही दिन बिलाल अहमद के सामने यह बात कबूल की. ​​बिलाल अहमद एक चाय बेचने वाला था, जिसके ज़िला पुलिस चीफ़ से अच्छे संबंध थे. कोर्ट को बताया गया कि सलीम को उम्मीद थी कि अहमद के संबंधों की मदद से वह सज़ा से बच जाएगा. हुआ उलटा अहमद ने सलीम के कबूलनामे की जानकारी पुलिस को दे दी और कोर्ट में बताया कि सलीम ने उससे क्या कहा था. 

JP YADAV

जेपी यादव डेढ़ दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह प्रिंट और डिजिटल मीडिया, दोनों में समान रूप से पकड़ रखते हैं. मनोरंजन, साहित्य और राजनीति से संबंधित मुद्दों पर कलम अधिक चलती है. अमर उजाला, दैनिक जागरण, दैनिक हिंदुस्तान, लाइव टाइम्स, ज़ी न्यूज और भारत 24 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.कई बाल कहानियां भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं. सामाजिक मुद्दों पर 'रेडी स्टडी गो' नाटक हाल ही में प्रकाशित हुआ है. टीवी और थिएटर के प्रति गहरी रुचि रखते हुए जेपी यादव ने दूरदर्शन पर प्रसारित धारावाहिक 'गागर में सागर' और 'जज्बा' में सहायक लेखक के तौर पर योगदान दिया है. इसके अलावा, उन्होंने शॉर्ट फिल्म 'चिराग' में अभिनय भी किया है. वर्तमान में indianews.in में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत हैं.

Recent Posts

IND vs SL Test Series: ‘पंत में वो ऊर्जा नहीं दिख रही…’ श्रीलंका दौरे के लिए ऋषभ पंत के चयन पर दिग्गज क्रिकेटर का बड़ा बयान

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम का ऐलान हो चुका है. शुभमन गिल की…

Last Updated: July 29, 2026 22:53:05 IST

हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये! दिल्ली में ‘लक्ष्मी योजना’ के लिए कब और कहां करें अप्लाई? जानें पात्रता और शर्तें

दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को मिलेंगे हर महीने ₹2,500. जानिए कौन-कौन…

Last Updated: July 29, 2026 22:33:39 IST

Sawan 2026 Hair and Nail Cutting Rules: सावन में बाल और नाखून काटना चाहिए या नहीं?  धर्माचार्यों से आसान भाषा में  समझिए

Sawan 2026 Hair and Nail Cutting Rules: सावन के महीने में बहुत सारे लोग बाल…

Last Updated: July 29, 2026 19:50:41 IST

Meerut: पहले युवती पर बरसाईं गोलियां, फिर खुद को मारी गोली… मेरठ में दहला देने वाली घटना

Meerut Crime News: मेरठ से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने…

Last Updated: July 29, 2026 19:39:11 IST

वाराणसी से CM योगी का बड़ा ऐलान, भदोही को मिली पुरानी पहचान; अब फिर से संत रविदास नगर के नाम से होगी पहचान

Bhadohi Renamed as Sant Ravidas Nagar: बुधवार को वाराणसी पहुंचें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी…

Last Updated: July 29, 2026 18:57:43 IST