सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है. अब परिवार के सदस्यों के मध्य निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में दी जा रही छूट के दायरे को और बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है.
CM Yogi Adityanath
Family Property Donation: सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है. अब पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण को आसान बनाने के लिए सरकार ने स्टाम्प शुल्क में छूट देने की घोषणा की है. कैबिनेट ने परिवार के सदस्यों के बीच निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर स्टाम्प शुल्क में दी जा रही छूट के दायरे को और व्यापक बनाने की मंजूरी दे दी है. उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले के बाद पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी अधिकतम पांच हजार रुपये ही स्टाम्प शुल्क लगेगा. इससे पहले सरकार ने ये छूट केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों तक सीमित कर रखा था.
जानकारी के अनुसार, भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में दान विलेख पर संपत्ति की कीमत के हिसाब से शुल्क देना होता है. रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 के अनुसार अचल संपत्ति के दान का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है. स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग की तरफ से 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के जरिए पारिवारिक दान पर स्टाम्प शुल्क में राहत देते हुए इसे 5000 रुपये तक सीमित कर दिया गया था. अब सीएम योगी कैबिनेट के फैसले से यह राहत व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों पर भी लागू हो गई है.
स्टांप तथा पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि साल 2022 से पहले पारिवारिक रिश्तों में भी संपत्ति दान करने पर पूरे सर्किल रेट के अनुसार स्टाम्प शुल्क देना पड़ता था. सीएम योगी के नेतृत्व में तय किया गया कि पारिवारिक दान पर केवल पांच हजार रुपये स्टाम्प शुल्क लिया जाएगा. बता दें कि पहले शहरों में कमर्शियल प्रॉपर्टी पर 7 फीसदी और गांव में 5 फीसदी स्टाम्प शुल्क देना होता था. वहीं पारिवारिक दान पर केवल 5000 रुपये ही देने होंगे, चाहें आप गांव में हों या शहर में आपको केवल 5000 रुपये का स्टाम्प शुल्क ही देना होगा.
कैबिनेट के निर्णय में उन रिश्तेदारों की परिभाषा भी तय की गई है, जिनके बीच संपत्ति दान के लिए शुल्क में राहत दी गई है. ऐसा इसलिए ताकि नियमों को अपनाने में किसी तरह का भ्रम न हो. सरकार का मानना है कि सरकार के इस कदम से पारिवारिक संपत्ति का वैधानिक हस्तांतरण बढ़ेगा और जमीनी विवादों में भी कमी आएगी.
सीएम योगी के नेतृत्व में हई कैबिनेट की इसी बैठक में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से जुड़े दो अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है. इसके तहत कैबिनेट ने जनपद कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज में उप निबंधक कार्यालय भवन के निर्माण के लिए ग्राम बसहिया उर्फ कप्तानगंज स्थित तहसील परिसर की जमीन में से 920 वर्गमीटर भूमि को स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बता दें कि वर्तमान समय में में उप निबंधक कार्यालय जीर्ण-शीर्ण भवन में चल रहा है, जिसे ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण कराया जाएगा.
इसके साथ ही कैबिनेट बैठक में झांसी में उप निबंधक कार्यालय सदर एवं अभिलेखागार के निर्माण के लिए पुरानी तहसील परिसर, मौजा झांसी खास स्थित आराजी संख्या 3035 में से 638 वर्गमीटर जमीन राजस्व विभाग से स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को आवंटित/हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है। दोनों ही मामलों में भूमि राज्य सरकार के स्वामित्व की है. इन दोनों जमीनों को भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत स्टाम्प शुल्क से तथा रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के तहत पंजीकरण शुल्क में पूरी तरह से छूट दी जाएगी.
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