Noida Violence: राजभर ने सोमवार रात एक बयान में कहा, "ऐसा लगता है कि यह घटना राज्य के विकास और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने के इरादे से की गई है. हाल के दिनों में, मेरठ और नोएडा से चार संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है जिनके लिंक पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े थे. ऐसे में राज्य में अस्थिरता पैदा करने की साज़िश की संभावना को बल मिलता है. एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं.
नोएडा हिंसा में पाक लिंक की जांच
Noida Violence: उत्तर प्रदेश के लेबर मिनिस्टर अनिल राजभर ने सोमवार को नोएडा में मज़दूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को “सोची-समझी साज़िश” बताया. उन्होंने कहा कि हाल ही में इलाके में आतंकवाद से जुड़ी गिरफ्तारियों के बाद अधिकारी पाकिस्तान से संभावित लिंक की भी जांच कर रहे हैं. पुलिस ने अब तक अशांति के सिलसिले में करीब 350 लोगों को गिरफ्तार किया है. मिनिस्टर ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि इस घटना का मकसद अस्थिरता पैदा करना हो सकता है. राजभर ने बताया कि हाल ही में नोएडा और मेरठ से चार संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार किए गए थे जिनके पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से कथित तौर पर लिंक थे.
राजभर ने सोमवार रात एक बयान में कहा, “ऐसा लगता है कि यह घटना राज्य के विकास और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने के इरादे से की गई है. हाल के दिनों में, मेरठ और नोएडा से चार संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है जिनके लिंक पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े थे. ऐसे में राज्य में अस्थिरता पैदा करने की साज़िश की संभावना को बल मिलता है. एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं.” उनकी यह बात नोएडा के कई हिस्सों जिसमें फेज़-2, सेक्टर 60, सेक्टर 62 और सेक्टर 84 शामिल हैं, में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री वर्कर्स के प्रोटेस्ट के बाद हिंसा में बदल जाने के बाद आई है.
आगजनी, तोड़-फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं जिसमें गाड़ियों में आग लगा दी गई, प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया गया और मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक में भारी रुकावट आई. पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने के लिए भारी फोर्स तैनात की, साथ ही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया.
इस बीच पुलिस ने आगजनी और तोड़-फोड़ की घटनाओं के सिलसिले में अब तक लगभग 350 लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि 100 से ज़्यादा लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. अधिकारी अशांति में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए फैक्ट्रियों से CCTV फुटेज भी स्कैन कर रहे हैं. मंत्री ने यह भी कहा कि अशांति का मकसद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुजफ्फरनगर में दिन में पहले हुए प्रोग्राम को रोकना भी हो सकता है, उन्होंने आरोप लगाया कि “देश-विरोधी ताकतें” राज्य में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही हैं.उन्होंने मजदूरों से शांत रहने और उकसावे या गलत जानकारी से प्रभावित न होने की अपील की.
राजभर ने कहा, “उन्हें किसी भी गुमराह करने वाली जानकारी या उकसावे का शिकार नहीं होना चाहिए और शांति बनाए रखनी चाहिए. अफरा-तफरी और उग्र विरोध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. सरकार मजदूरों की हर चिंता सुनने के लिए तैयार है.”मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीनियर अधिकारियों को नोएडा भेजा गया है और वे मजदूरों से सीधे बातचीत के ज़रिए उनकी शिकायतों को हल करने के लिए उनसे जुड़ रहे हैं, और प्रशासनिक और पुलिस वाले पहले से ही स्थिति पर करीब से नज़र रखे हुए हैं.
उन्होंने कहा कि “श्रमेव जयते” के सिद्धांत को ज़मीन पर लागू करके, सरकार लगातार मजदूरों की भलाई के लिए काम कर रही है, और कहा कि विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत ही सबसे अच्छा तरीका है.उन्होंने कहा, “अराजकता और हिंसक विरोध किसी भी समस्या का हल नहीं हैं. सरकार आपकी चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है.”
अधिकारियों ने कहा कि नोएडा में स्थिति कंट्रोल में है, पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की भारी तैनाती है, जबकि प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिशें जारी हैं.पुलिस ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर कमिश्नरेट के अलग-अलग पुलिस थानों में सात केस दर्ज किए गए हैं, और अशांति के बाद “कई असामाजिक तत्वों” को हिरासत में लिया गया है.13 अप्रैल को लगातार चौथे दिन अशांति, मुख्य रूप से पड़ोसी राज्य हरियाणा में हाल ही में वेतन में बढ़ोतरी के कारण शुरू हुई, जिससे वेतन में समानता और बढ़ती महंगाई से राहत की मांग उठी.
पुलिस के एक बयान के अनुसार सोमवार को कमिश्नरेट में 80 से ज़्यादा जगहों पर अलग-अलग सेक्टर के लगभग 40,000 से 45,000 मज़दूर इकट्ठा हुए, जिससे जिले के कुछ हिस्सों में गड़बड़ी और कानून-व्यवस्था की समस्याएँ पैदा हुईं. अधिकारियों ने कहा कि कुछ जगहों पर, खासकर सेक्टर-63 और मदरसन कंपनी के पास, हालात बिगड़ गए, जहाँ कुछ “अराजक” लोगों ने हिंसा की.
गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सोमवार रात रिपोर्टर्स को बताया, “मज़दूरों के शांति से चले जाने के बाद, ज़िले के बाहर से एक ग्रुप पड़ोसी ज़िलों की सीमा से लगे इलाकों में आ गया. वे तनाव फैलाने और हिंसा भड़काने की कोशिश में इधर-उधर घूम रहे थे. हमने इस ग्रुप के कुछ सदस्यों को हिरासत में ले लिया है, और हम बाकी लोगों की पहचान कर रहे हैं ताकि उनके खिलाफ सही कार्रवाई की जा सके.”
पुलिस ने यह भी कहा कि मज़दूरों की उठाई गई पाँच में से चार माँगें मान ली गई हैं. बाकी मुद्दों को सुलझाने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है, और एक मीटिंग पहले ही हो चुकी है.यह कहते हुए कि हालात अब पूरी तरह से कंट्रोल में हैं, पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की.
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