Raebareli news: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. जिस बेटे को मां ने भारी मन से गंगा की गोद में सुपुर्द-ए-खाक किया था, उसी की मौत का सच जानने के लिए अब उसकी लाश को कब्र चीरकर बाहर निकालना पड़ा. ऊंचाहार के कंदरांवां गांव में हुई इस कार्रवाई के बाद से गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है और हर कोई बस यही पूछ रहा है कि राहुल की मौत आखिर हुई कैसे?
17 दिन बाद रेत से निकला ‘राज’
बता दें कि, कंदरांवां निवासी राहुल यादव की बीते 16 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. 17 अप्रैल को परिजनों ने नम आंखों से पूरे तीर खरौली गंगा घाट पर शव को दफन कर अंतिम संस्कार कर दिया था. उस वक्त सब कुछ शांत था, लेकिन यह शांति किसी बड़े तूफान के आने की आहट थी.
मां का कलेजा चीखकर बोला- ‘मेरे लाल का कत्ल हुआ है!’
मामले ने फिल्मी मोड़ तब लिया जब मृतक राहुल की मां अनीता ने चुप्पी तोड़ी. मां का आरोप है कि राहुल की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि उसे एक सोची-समझी साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया है. जब मां ने इंसाफ के लिए जिलाधिकारी (DM) की चौखट पर दस्तक दी, तो प्रशासन भी हरकत में आ गया.
घाट पर भारी पुलिस बल, दहशत में ग्रामीण
रविवार की सुबह करीब 9 बजे जब पूरा इलाका सोकर जागा ही था, तभी भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों के सायरन से गंगा घाट गूंज उठा. नायब तहसीलदार शम्भू शरण पांडे और कार्यवाहक कोतवाल संजय कुमार शर्मा की मौजूदगी में खुदाई शुरू हुई. जैसे-जैसे रेत हट रही थी, लोगों की धड़कनें तेज होती गईं. आखिरकार, शव को बाहर निकालकर पंचनामा भरा गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से फटेगा सच्चाई का बम!
कार्यवाहक कोतवाल संजय शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मां की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया है. अब पूरी जांच की सुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है.
बड़ा सवाल: क्या राहुल की मौत के पीछे कोई अपना ही था? क्या मां के संदेह में वाकई कोई गहरी साजिश छिपी है? पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही ऊँचाहार पुलिस इस ‘डेथ मिस्ट्री’ से पर्दा उठाएगी.
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