शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि किस आधार पर मुसलमानों को जानवरों की हत्या करने की इजाजत दी जा रही है। मुसलमानों का नाम आते ही भारत सरकार नपुंसक हो जाती है और मुसलमानों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। मुसलमान सरकार के समर्थन से जानवरों और गायों की हत्या कर रहे हैं। अब हिंदुओं को सोचना होगा कि वे किसे चुनकर सरकार में भेज रहे हैं। इस समय कोई भी राजनीतिक दल हिंदुओं के लिए आवाज नहीं उठा रहा है।
| India News (इंडिया न्यूज),Swami Avimukteshwarananda on Bakrid 2025: उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में आज शनिवार (7 जून) को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद मनाई जा रही है। बकरीद को लेकर यूपी में पुलिस-प्रशासन भी सख्त रहा और लोगों से शांतिपूर्वक त्योहार मनाने की अपील की। इस बीच बकरीद पर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक कारणों से किसी भी जानवर की हत्या नहीं की जानी चाहिए। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि किस आधार पर मुसलमानों को जानवरों की हत्या करने की इजाजत दी जा रही है। मुसलमानों का नाम आते ही भारत सरकार नपुंसक हो जाती है और मुसलमानों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। मुसलमान सरकार के समर्थन से जानवरों और गायों की हत्या कर रहे हैं। अब हिंदुओं को सोचना होगा कि वे किसे चुनकर सरकार में भेज रहे हैं। इस समय कोई भी राजनीतिक दल हिंदुओं के लिए आवाज नहीं उठा रहा है। ‘बाल नोचे, जमीन में घसीटा, फिर…’, आधी रात में बीच सड़क पर लड़के-लड़कियों में चले लात घूंसे, ‘गैंगवार’ का Video देख गामा पहलवानों को भी आ जाएगी शर्म धार्मिक कारणों से किसी जानवर की हत्या नहीं होनी चाहिए यह कैसा धर्म है कि हम किसी त्यौहार के नाम पर किसी की हत्या कर दें और कहें कि यह हमारा धर्म है। उसमें सबसे प्रिय चीज की बलि देने की बात थी, फिर यह कैसा धर्म है कि बाजार से बकरा लाकर बलि दे दी जाए। धार्मिक कारणों से किसी जानवर की हत्या नहीं होनी चाहिए। आज देश में गोहत्या जारी है और गोरक्षकों को भी कानूनी सजा दी जा रही है, इसको लेकर हम गौ प्रतिष्ठा आंदोलन चलाएंगे। ऐसा भारत हमने कभी नहीं देखा- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इसके साथ ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि जब ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ तो हम बहुत उत्साहित थे। हमें लगा कि हमारे देश की सरकार हमारी इच्छा के अनुसार काम कर रही है। लेकिन जिस तरह से यह अभियान चलाया गया और जिस तरह से सिंदूर का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है, उससे हमें शर्म आती है। ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने पर जितनी खुशी हुई थी, उतनी ही शर्म उन लोगों पर भी है जो इसका राजनीतिक फायदा उठा रहे हैं। दूसरे देश से 3,4,5 आतंकवादी आते हैं और हमारे देश के 26 लोगों को मारकर चले जाते हैं और सरकार कुछ नहीं कर पाती। मां का दूध शर्मसार है, ऐसा भारत हमने कभी नहीं देखा जैसा आज बना है। संबंधित खबरें शादी के लिए कैसे चुनें सही जीवनसाथी? होने वाले पति के साथ आगे बढ़ने से पहले पूछ लें ये 3 सवाल, संत प्रेमानंद जी से जानें |
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