Telegram पर सरकार का बड़ा एक्शन! OTT की शिकायतों के बाद 3 घंटे का अल्टीमेटम जारी. क्या बंद हो जाएंगे पायरेसी वाले हज़ारों चैनल? जानें पूरी कार्रवाई और नियम...
टेलीग्राम को तीन घंटे के अंदर अपने प्लेटफॉर्म से पायरेटेड कंटेंट हटाने का निर्देश
Government Notice to Telegram: ऑनलाइन पायरेसी पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को नोटिस जारी कर तीन घंटे के अंदर अपने प्लेटफॉर्म से पायरेटेड (गैरकानूनी तरीके से कॉपी या चोरी की गई सामग्री ) कंटेंट हटाने का निर्देश दिया है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने यह कार्रवाई कई OTT प्लेटफॉर्म की शिकायत के बाद की कि उनकी फिल्में और वेब सीरीज बड़े पैमाने पर टेलीग्राम चैनलों पर गैर-कानूनी तरीके से शेयर की जा रही हैं.
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने यह नोटिस इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के तहत जारी किया है. मंत्रालय ने टेलीग्राम से उन चैनलों को तुरंत हटाने और उनका एक्सेस ब्लॉक करने को कहा है जहां कॉपीराइट वाला कंटेंट बिना इजाजत के शेयर किया जा रहा है. सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पायरेसी तेजी से बढ़ रही है, जिससे फिल्म और OTT इंडस्ट्री को काफी नुकसान हो रहा है.
कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई JioCinema और Amazon Prime Video समेत कई बड़ी OTT कंपनियों की शिकायतों के बाद की गई है. इन कंपनियों ने सरकार को बताया कि बड़ी संख्या में उनका कॉपीराइट वाला कंटेंट अलग-अलग टेलीग्राम चैनलों के जरिए गैर-कानूनी तरीके से शेयर किया जा रहा है. शिकायत में कहा गया है कि नई रिलीज हुई फिल्में और वेब सीरीज भी बिना इजाजत के टेलीग्राम पर उपलब्ध कराई जा रही हैं. शिकायतों को देखने के बाद, अधिकारियों ने जांच की और पाया कि हज़ारों टेलीग्राम चैनल पायरेसी में शामिल हो सकते हैं. सरकारी जांच के दौरान, कुल 3,142 चैनल ऐसे पाए गए जहाँ कथित तौर पर पायरेटेड कंटेंट शेयर किया जा रहा था. इन चैनलों के ज़रिए लगभग 1,166 फ़िल्में और वेब सीरीज़ गैर-कानूनी तरीके से दिखाई जा रही थीं.
मंत्रालय की तरफ से 11 मार्च को जारी दो पेज के नोटिस में कहा गया था कि कई टेलीग्राम चैनल बिना इजाज़त के फिल्म बनाने वालों और OTT प्लेटफॉर्म के मालिकाना हक वाला कंटेंट दे रहे थे, जो कॉपीराइट एक्ट 1957 का उल्लंघन है. नोटिस में साफ तौर पर टेलीग्राम को नोटिस मिलने के तीन घंटे के अंदर इन चैनलों को हटाने या उन तक पहुंच ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया था. सरकार ने यह भी साफ़ किया है कि अगर प्लेटफॉर्म इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसकी ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा रद्द की जा सकती है. यह प्रोटेक्शन ऑनलाइन इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म को यूज़र्स के पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए कानूनी ज़िम्मेदारी से बचाता है. अगर यह प्रोटेक्शन हटा दिया जाता है, तो प्लेटफॉर्म पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
Acid Reflux: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान ने एसिड रिफ्लक्स (GERD) को…
England Cricket Team: दूसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद बेन स्टोक्स…
Funny Joke of the Day: योग गुरु और हेल्थ एक्सपर्ट्स अक्सर लोगों को ज्यादा से…
DDCA News: डीडीसीए के एपेक्स काउंसिल से जुड़े 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ़ इंटरेस्ट' (हितों के टकराव) को…
Rohit Sharma Records: रोहित शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में 79 रनों की…
ये घटना 2003 विश्व कप में भारतीय क्रिकेट टीम और श्रीलंका क्रिकेट टीम के बीच…