दुनिया भर में अभी फोल्डेबल फोन का क्रेज है, मोबाइल फ़ोन बनाने वाली कई कंपनियां भारत में फोल्डेबल फोन बेचती है. अगर आप सोच रहे हैं सैमसंग जैसे प्रीमियम और महंगे फोन पर मोटी रकम खर्च करने के बाद आप मजे से फोल्डेबल फोन इस्तेमाल करेंगे, तो शायद आप गलत हैं. फ़ोन लेने से पहले ये पूरी खबर पढ़ के जरुर जाइएगा.
इन दिनों सोशल मीडिया पर Samsung के प्रोडक्ट को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. गाढ़ी कमाई खर्च करने के बाद भी जब किसी ग्राहक को सर्विस सेंटर के चक्कर काटने पड़ें और वारंटी होने के बावजूद कंपनी का रवैया निराशाजनक हो, तो गुस्सा आना लाजमी है. हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां कंपनी ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के लिए जो अजीबोगरीब बहाना बनाया, उसे सुनकर हर कोई हैरान है.
6 महीने पुराने फोल्डेबल फोन की अचानक बंद हुई इनर स्क्रीन
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर Bhumi Yadav (@Bhumi_M026) नाम की यूजर ने सैमसंग की सर्विस पर सवाल उठाते हुए पूरा वाकया शेयर किया है. यूजर के मुताबिक, एक ग्राहक अपना सैमसंग का ‘Fold’ फोन लेकर सर्विस सेंटर पहुंचा था. फोन को खरीदे हुए महज 6 महीने ही हुए थे. डिस्प्ले पर न तो कोई स्क्रैच था, न ही कोई क्रैक और न ही फोन कभी हाथ से गिरा था. सुबह तक बिल्कुल सही चल रहा यह फोन चार्जिंग पर लगाने के 10 मिनट बाद अचानक बंद हो गया और इसकी इनर डिस्प्ले ने काम करना बंद कर दिया.
A customer walked into a Samsung service centre with his Fold phone, hoping to get it repaired under warranty.
The phone was barely 6 months old. There were no scratches or cracks on the display, and the phone had never been dropped.
But suddenly, the inner display stopped… pic.twitter.com/D4putuvWmR
— Bhumi Yadav 🇮🇳 (@Bhumi__M026) September 11, 2026
मामूली रंग छूटने को बताया ‘डैमेज’, थमाया 63,000 का बिल
ग्राहक को उम्मीद थी कि फोन वारंटी में है, इसलिए यह आसानी से रिपेयर हो जाएगा. लेकिन सर्विस सेंटर के जवाब ने ग्राहक के होश उड़ा दिए. सर्विस सेंटर ने फोन को वारंटी में कवर करने से साफ इनकार कर दिया और नई डिस्प्ले के लिए सीधे 63,000 का एस्टीमेट थमा दिया. कंपनी की तरफ से तर्क दिया गया कि फोन के साइड से थोड़ा सा पेंट (रंग) छूटा हुआ था, जिसे सर्विस सेंटर ने ‘डेंट’ मान लिया.
क्या वारंटी क्लेम रिजेक्ट करने का यह नया तरीका है?
अब यही सवाल है कि आखिर फोन के साइड में लगे एक मामूली कॉस्मेटिक मार्क या रंग छूटने का इनर डिस्प्ले के अचानक खराब होने से क्या लेना-देना है? अगर फोन में कोई क्रैक नहीं है, स्क्रीन डैमेज नहीं है और फोन गिरने का कोई सबूत नहीं है, तो सिर्फ 6 महीने पुराने फोन के लिए ग्राहक 63,000 का भारी-भरकम खर्च क्यों उठाए?
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा!
इस वायरल पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स सैमसंग की सर्विस पर जमकर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं. लोगों ने कंपनी की नीति और आफ्टर-सेल्स सर्विस पर सवाल उठाते हुए लिखा:

@Anuradha_002 नाम की यूजर ने लिखा कि अगर पीड़ित की बात सच है तो सैमसंग को अपने प्रोडक्ट में सुधार करना चाहिए, क्योंकि हवा में बातें करने से कोई कंपनी ब्रांड नहीं बन जाती.
@ssksingh84 (mansha maurya) का कहना है कि ग्राहक सिर्फ कंपनी के भरोसे पर ही इतना महंगा मोबाइल खरीदता है.
@randheersin (Manish kumar) ने नाराजगी जताते हुए लिखा कि सैमसंग वाले यह काफी गलत कर रहे हैं, अगर फोन वारंटी पीरियड में है तो उन्हें इसे रिपेयर करके देना चाहिए.
@Digital_khan01 (Shagufta khan) ने फोल्ड सीरीज की क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए कहा कि फोल्ड फोन की स्क्रीन समस्या कई लोग बता चुके हैं, सैमसंग को अपने प्रीमियम प्रोडक्ट पर इतनी खराब सर्विस नहीं देनी चाहिए.
@Chitra_speak (Chitra Pandit) ने कंपनी के इस अड़ियल रवैये पर सीधा हमला बोलते हुए लिखा कि यह मनमानी और गुंडागर्दी नहीं चलेगी.
@Rudhrayadav001 (RUDHRA YADAV) ने लिखा कि आखिर इतना महंगा फोन लेने का क्या फायदा, जब खराब होने पर सारे पैसे खुद ही भरने पड़े.