Tata Harrier vs Maruti Victoris: टाटा हैरियर एक बड़ी और ज्यादा पावरफुल डीजल-फोकस्ड SUV है, जबकि मारुति सुज़ुकी विक्टोरिस एक कॉम्पैक्ट पेट्रोल-हाइब्रिड गाड़ी है.
टाटा हैरियर बनाम मारुति विक्टोरिस
Tata Harrier vs Maruti Victoris: टाटा हैरियर एक बड़ी और ज्यादा पावरफुल डीजल-फोकस्ड SUV है, जबकि मारुति सुज़ुकी विक्टोरिस एक कॉम्पैक्ट पेट्रोल-हाइब्रिड गाड़ी है. यह ज्यादा फ्यूल एफिशिएंसी पर फोकस करती है. इन गाड़ियों को NCAP ने भी टेस्ट किया था, जिसमें उनके मॉडल फुल-स्टार क्रैश सेफ्टी रेटिंग के साथ शानदार तरीके से पास हुए. इस स्टोरी में हम इनके फीचर्स और अन्य स्टाइलिश चीजों को बारे में बात करेंगे और जानेंगे कि कौन सी गाड़ी सबसे सेफ है?
मारुति विक्टोरिस ने ड्राइवर के सिर, गर्दन, पेल्विस, जांघों और पैरों को ‘अच्छा’ प्रोटेक्शन दिया. हालांकि, छाती और टिबिया को दिए गए प्रोटेक्शन को पर्याप्त बताया गया.इस गाड़ी ने सभी जरूरी हिस्सों को फ्रंटल ऑफसेट डिफॉर्मेबल बैरियर टेस्ट में अच्छा प्रोटेक्शन दिया. जब साइड पोल इम्पैक्ट टेस्ट और साइड मूवेबल डिफॉर्मेबल बैरियर टेस्ट की बात आती है, तो सिर, छाती, पेट और पेल्विस सहित यात्रियों के सभी हिस्सों को बढ़िया प्रोटेक्शन मिला. अगर आप 18 महीने और 3 साल के डमी के साथ COP टेस्ट के नतीजों पर नजर डालेंगे तो नई मारुति SUV को फ्रंटल और साइड क्रैश टेस्ट में क्रमशः 8 में से पूरे 8 पॉइंट और 4 में से 4 पॉइंट मिले.
हैरियर मामले में फ्रंटल ऑफसेट डिफॉर्मेबल बैरियर टेस्ट में ड्राइवर के सिर, गर्दन, पेल्विस, जांघों और बाईं टिबिया को प्रोटेक्शन मिला. दाहिने पैर को पर्याप्त प्रोटेक्शन मिला, हालांकि छाती को मिला प्रोटेक्शन मामूली था. आगे बैठे पैसेंजर के लिए टाटा हैरियर ने ऊपर बताए गए सभी हिस्सों को बढ़िया प्रोटेक्शन दिया.
मारुति विक्टोरिस ड्राइवर और को-ड्राइवर दोनों को अच्छी सेफ्टी प्रदान करती है. इसकी तुलना में हैरियर में एडल्ट यात्रियों की सुरक्षा उसी तरह के असेसमेंट में मामूली है. जब बच्चों की सुरक्षा की बात आती है, तो विक्टोरिस ने 3 साल और 18 महीने के दोनों डमी के लिए डायनामिक स्कोर में पूरे नंबर हासिल किए हैं. दूसरी ओर, हैरियर को 3 साल के डमी के लिए डायनामिक स्कोर में पूरे नंबर मिले. हैरियर को विक्टोरिस की तुलना में कम नंबर मिले. हालांकि, उन्हें ज़्यादा व्हीकल असेसमेंट स्कोर मिला, जो मारुति विक्टोरिस की तुलना में बच्चों की सुरक्षा में उनके बेहतर स्कोर का कारण हो सकता है.
विक्टोरिस 28.65 kmpl (हाइब्रिड) तक का माइलेज प्रदान करती है. इसकी कीमत 10 लाख से थोड़ी ऊपर जाती है. जबकि, हैरियर बेहतर परफॉर्मेंस, ज़्यादा जगह और प्रीमियम फील प्रदान करती है. इसकी कीमत की बात करें तो यह ग लगभग 12.89 लाख रुपए से शुरू होती हैं. अगर इन दोनों के इंजन और पावर की बात करें तो हैरियर में 1956 cc का डीजल इंजन मिल रहा है. वहीं, मारुति विक्टोरिस की तुलना में काफी ज़्यादा टॉर्क और पावर (लगभग 167-170 bhp) देता है. इसमें छोटे 1462 cc पेट्रोल/हाइब्रिड इंजन (लगभग 101-141 bhp) हैं.
हैरियर एक बड़ी, मिड-साइज़ SUV है, जो ज़्यादा रोड प्रेजेंस और अंदर ज़्यादा जगह देती है. इसके तुलना में विक्टोरिस एक कॉम्पैक्ट/मिड-साइज़ क्रॉसओवर है, जो बेहतर मैनेवरेबिलिटी देती है. फ्यूल इकोनॉमी के मामले में मारुति विक्टोरिस साफ विनर है. खासकर अपने स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड ऑप्शन के साथ यह मिलती है. दोनों SUVs हाई सेफ्टी स्टैंडर्ड पर फोकस करती हैं, जिसमें विक्टोरिस को 5-स्टार ग्लोबल NCAP रेटिंग मिली है.
अगर फीचर्स की बात करें तो हैरियर में अधक प्रीमियम, फीचर-पैक इंटीरियर है. इसमें एक बड़ा इंफोटेनमेंट सिस्टम और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स शामिल हैं, जो लंबी दूरी के सफर में आराम के लिए सही हैं. बेहतर परफॉर्मेंस, ज्यादा जगह और ज्यादा दमदार ड्राइविंग अनुभव के लिए टाटा हैरियर चुनना ठीक रहेगा. लेकिन, बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी, कम मेंटेनेंस कॉस्ट और शहर में ड्राइविंग के लिए कॉम्पैक्ट साइज़ आपकी प्राथमिकताएं हैं, तो मारुति विकटोरिस चुनना ठीक रहेगा.
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