Traffic Rules: कार से सफर करना आज के समय में सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है. अक्सर लोग अपने परिवार के साथ ट्रिप पर जाते हैं या त्योहार मनाने के लिए बाहर जाते हैं. ऐसे में बहुत से लोग यातायात के लिए कार का इस्तेमाल करते हैं. अक्सर लोग अपनी कार में सामान भरकर यात्रा करते हैं. कुछ लोगों की कार तो इतनी भरी होती है कि उसमें एक छोटा बैग तक रखने की जगह नहीं बचती है. लेकिन, क्या पर्सनल कार में ज्यादा सामान लेकर यात्रा करना ठीक रहता है.
ज्यादा सामान ले जाना न केवल आपका चालान कटवा सकता है बल्कि, आपको दुर्घटना के घेरे में भी लाकर खड़ा कर सकता है. पर्सनल कार में सामान ले जाने की एक लिमिट तय होती है, जिससे ज्यादा सामान लेकर जाना ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना माना जाता है.
पर्सनल कार में कितना सामान ले जा सकते हैं?
पर्सनल और कमर्शिल कार में सामान ले जाने की लिमिट अलग-अलग होती है. जरूरत से ज्यादा सामान लेकर यात्रा करना आमतौर पर ओवरलोडिंग माना जाता है. आपको अपनी पर्सनल कार में सामान उतना ही रखना चाहिए, जो आसानी से गाड़ी की डिक्की में आ जाए. कार की बॉडी से सामान अगर बाहर की ओर जा रहा है तो ऐसे में यह ओवरलोड माना जाएगा.
अगर आप अपनी कार में ज्यादा सामान लेकर जाते हैं तो इसके लिए कार की छत पर लगेज कैरियर लगवा सकते हैं, लेकिन इसे लगवाने के लिए भी आपको RTO से एक अप्रूवल चाहिए होगा. इसके बाद आप कुछ सामान लगेज कैरियर पर रखकर यात्रा कर सकते हैं. कार के साइज के हिसाब से लगेज कैरियर की लिमिट लगभग 50 से 75 किलो होती है.
ज्यादा सामान ले जाने पर क्या होगा चालान?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कार में जरूरत से ज्यादा सामान ले जाने पर आपको चालान या जुर्माना भरना पड़ सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर आप अपनी पर्सनल कार में ओवरलोडिंग करते हैं तो इसके लिए बेसिक चालान करीब 20,000 रुपये रखा गया है. अगर सामान लिमट से ज्यादा रखा गया है तो ऐसे में अलग से जुर्माना जोड़कर भी वसूला जा सकता है. Motor Vehicle Rules के मुताबिक आपको कार में ले जा रहे लगेज की लिमिट का ध्यान रखना चाहिए.