When Ajinkya rahane Save Yashasvi Jaiswal From 4 match Ban: अजिंक्य रहाणे और यशस्वी जायसवाल का रिश्ता मुंबई क्रिकेट में अक्सर चर्चा का विषय रहा है. रहाणे जहां कई ट्रॉफी जीतने वाले कप्तान और भारतीय ड्रेसिंग रूम के सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं, वहीं यशस्वी जायसवाल को भारतीय क्रिकेट के भविष्य का बड़ा सितारा माना जाता है. दोनों के बीच रिश्ते को लेकर तब ज्यादा चर्चा हुई, जब 2022 दलीप ट्रॉफी के फाइनल में यशस्वी की साउथ जोन के बल्लेबाज टी रवि तेजा से बहस हो गई थी.
अंपायर की कई चेतावनियों के बावजूद मामला बढ़ता रहा. उस समय वेस्ट जोन की कप्तानी कर रहे रहाणे ने बीच में आकर यशस्वी को समझाया और कुछ समय के लिए ड्रेसिंग रूम में जाने को कहा. रहाणे ने अब खुलासा किया है कि उनके इस फैसले ने शायद यशस्वी को चार मैचों के बैन से बचा लिया था. रहाणे ने एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान कहा,” स्लेजिंग खेल का हिस्सा है और मैं मानता हूं कि यह होनी चाहिए, इससे खेल में थोड़ा मजा आता है.”
चार मैचों का बैन होने वाला था
रहाणे ने बताया कि मैच रेफरी वेंगालिल नारायणन कुट्टी ने यशस्वी पर चार मैचों के बैन का लेटर तैयार कर लिया था. रहाणे के मुताबिक, मैच रेफरी ने उनसे कहा, “यह लेटर है, लेकिन आपने जो किया, उसकी वजह से मैं इसे फाड़ रहा हूं.” इसके बाद उन्होंने रहाणे के सामने वह लेटर फाड़ दिया. रहाणे ने कहा कि उन्हें खुशी थी कि यशस्वी पर कोई मैच बैन नहीं लगा और वह आगे भारत के लिए खेल सके.
265 रन बनाकर बने प्लेयर ऑफ द मैच
उस मुकाबले में यशस्वी ने शानदार 265 रन बनाए और वेस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई. उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. इसके बाद 2023 में उन्होंने वेस्टइंडीज दौरे पर भारत के लिए डेब्यू किया. रहाणे ने कहा कि मुंबई क्रिकेट ने उन्हें अंपायरों और अधिकारियों का सम्मान करना सिखाया है और कप्तान के तौर पर वह इसी सोच के साथ टीम का नेतृत्व करना चाहते थे.