Hindi News / Dharam / Makar Sankranti 2024 The Date Of Makar Sankranti Will Change After 72 Years Know The Reason Behind It

Makar Sankranti 2024: 72 सालों बाद बदल जाएगी मकर संक्रांति की डेट, जाने इसके पीछे की ये वजह

India News (इंडिया न्यूज़), Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति का त्योहार देशभर में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार ये त्योहार सोमवार, 15 जनवरी वाले दिन मनाया जाएगा। यही वो दिन है, जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। हिंदू धर्म में इस त्योहार का बेहद महत्व माना […]

BY: Nishika Shrivastava • UPDATED :
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India News (इंडिया न्यूज़), Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति का त्योहार देशभर में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार ये त्योहार सोमवार, 15 जनवरी वाले दिन मनाया जाएगा। यही वो दिन है, जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। हिंदू धर्म में इस त्योहार का बेहद महत्व माना जाता है। बता दें कि मकर संक्रांति वाले दिन सुबह उठकर स्नान, दान और पूजा-पाठ की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हैं सूर्य की चाल के साथ मकर संक्रांति की तारीखों में भी बदलाव होता है। जी हां, कुछ सालों में मकर संक्रांति का ये त्योहार 14 नहीं बल्कि 15 और 16 जनवरी को मनाया जाएगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 1902 में पहली बार 14 जनवरी वाले दिन मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। जी हां, सुनकर शायद यकीन कर पाना मुश्किल है। वहीं, 18वीं सदी में यही त्योहार 12 या 13 जनवरी को मनाया गया था। वहीं, 1964 में 15 जनवरी को पहली बार मकर संक्रांति का त्योहार मनाया गया था।

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Makar Sankranti 2024

72 सालों में बढ़ेगी तारीख

इसके पीछे का कारण है सूर्य की चाल। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, हर साल सूर्य मकर राशि में 20 मिनट देरी से प्रवेश करते हैं। वहीं, हर तीन साल के बाद सूर्य एक घंटे बाद और हर 72 साल में एक दिन की देरी से मकर राशि में प्रवेश करता है। इस गणना के मुताबिक, साल 2077 के बाद से 15 जनवरी को ही मकर संक्रांति हुआ करेगी।

1 जनवरी को भी मनाया गया त्योहार

रिपोर्ट्स के अनुसार, 900 साल पहले मकर संक्रांति 1 जनवरी को मनाई जाती थी। बता दें कि सूर्य की चाल के आधार पर ही यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अब से 5000 साल बाद मकर संक्रांति फरवरी महीने के अंत में मनाई जाएगी। माना जाता है कि राजा हर्षवर्द्धन के समय में मकर संक्रांति का त्योहार 24 दिसंबर को मनाया जाता था। वहीं, अकबर के जमाने में ये पर्व 10 जनवरी को मनाया गया औरशिवाजी के समय में 11 जनवरी को।

ऋतु परिवर्तन

मकर संक्रांति का त्योहार नई ऋतु के आगमन का प्रतीक है। ये त्योहार सर्द ऋतु के खत्म होने का प्रतीक माना जाता है। इसे उत्तरायण के त्योहार के नाम से भी जाना जाता है।

 

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