महाराष्ट्र के रहीमाबाद में स्थित प्राचीन नागेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर एक ऐसी घटना घटी जिसने सबको हैरान कर दिया है, राज्य के कद्दावर मंत्री अब्दुल सत्तार जब मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करके वहां से निकले, तो उसके तुरंत बाद मंदिर परिसर को 'शुद्ध' करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, मंदिर के सेवादारों और कुछ स्थानीय लोगों द्वारा मंदिर के चप्पे-चप्पे पर गौमूत्र छिड़का गया और मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण किया गया, यह मामला अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में आग की तरह फैल रहा है, एक तरफ इसे धार्मिक परंपरा का हिस्सा बताया जा रहा है तो दूसरी तरफ इसे एक विशेष समुदाय से आने वाले जनप्रतिनिधि का अपमान माना जा रहा है, साल 2026 की इस घटना ने एक बार फिर मंदिर प्रवेश और छुआछूत जैसी पुरानी बहसों को हवा दे दी है.
Nageshwar Temple Purification Abdul Sattar Temple Visit: महाराष्ट्र के रहीमाबाद में महाशिवरात्रि के मौके पर उस वक्त विवाद खड़ा हो गया जब नागेश्वर मंदिर में मंत्री अब्दुल सत्तार (Abdul Sattar) के दर्शन करके जाने के बाद पूरे परिसर का शुद्धिकरण किया गया, मंदिर के विभिन्न हिस्सों और गर्भगृह में गौमूत्र छिड़ककर शुद्धि की गई, यह कदम उस समय उठाया गया जब मंत्री वहां अपनी श्रद्धा प्रकट करने पहुंचे थे, इस घटना के बाद इलाके में धार्मिक और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोग पूछ रहे हैं कि क्या आस्था के केंद्र में भी अब ऐसी लकीरें खींची जाएंगी, हालांकि मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों के अपने तर्क हैं लेकिन इस शुद्धिकरण ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं.
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