Gold Silver Prices: सोने और चांदी के दाम इन दिनों अपने हाल के ऊंचे स्तरों के आसपास बने हुए हैं. इस वजह से आम खरीदार यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि अभी खरीदारी करें या इंतजार करें.
सोने-चांदी की कीमतें गिरीं
Gold Silver Prices: सोने और चांदी के दाम इन दिनों अपने हाल के ऊंचे स्तरों के आसपास बने हुए हैं. इस वजह से आम खरीदार यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि अभी खरीदारी करें या इंतजार करें. वैश्विक अनिश्चितता, ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें और कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के कारण अब लोग रोज के भाव देखने के बजाय समझदारी से खरीद का फैसला लेने पर ध्यान दे रहे हैं. भारत में सोने के दाम फिलहाल मजबूत बने हुए हैं, जबकि चांदी के दामों में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. ऐसे में खासकर ज्वेलरी खरीदने वाले या छोटी रकम निवेश करने वाले खरीदार सतर्क हो गए हैं.
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने के दामों में अचानक बड़ी गिरावट आना आसान नहीं है, जब तक कि वैश्विक हालात में बड़ा बदलाव न हो. VT Markets के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल के मुताबिक, मौजूदा स्तर से करीब 25% की गिरावट तभी संभव है जब कई बातें एक साथ हों.
उनका कहना है कि इसके लिए महंगाई में तेज गिरावट आनी चाहिए, सेंट्रल बैंकों को उम्मीद से ज्यादा ब्याज दरें बढ़ानी होंगी और अमेरिकी डॉलर को काफी मजबूत होना पड़ेगा.अगर ऐसा होता है, तो लोग सेफ हेवन माने जाने वाले सोने से पैसा निकालकर बॉन्ड जैसे ज्यादा रिटर्न देने वाले विकल्पों की ओर बढ़ सकते हैं.
हालांकि मैक्सवेल का मानना है कि फिलहाल ऐसा होना कम ही संभव है. दुनिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और एशियाई देशों से लगातार मांग सोने के दामों को सहारा दे रही है. इसलिए बड़ी गिरावट के बजाय हल्की करेक्शन या कुछ समय तक दामों का एक ही दायरे में रहना ज्यादा संभव है.
आम खरीदारों के लिए इसका मतलब है कि जल्दबाज न करें. सोने के दाम भले ही बहुत न गिरें, लेकिन निकट भविष्य में इनके तेजी से बढ़ने की संभावना भी कम है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक साथ बड़ी खरीद करने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में समय-समय पर खरीदारी करें या छोटे गिरावट के मौके का इंतजार करें. इस समय सोना शॉर्ट टर्म मुनाफे के बजाय लंबे समय के निवेश के रूप में ज्यादा सही माना जा रहा है.
चांदी की स्थिति थोड़ी अलग है. सोलर पावर और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे उद्योगों से लंबी अवधि में चांदी की मांग मजबूत है, लेकिन कम समय में इसके दामों पर ट्रेडिंग का असर ज्यादा पड़ता है. मैक्सवेल के अनुसार जब चांदी के दाम तेजी से बढ़ते हैं तो जल्दी मुनाफा कमाने वाला पैसा इसमें आता है और मौका मिलते ही बाहर भी निकल जाता है. अगर सट्टा निवेश कम हुआ या बाजार का भरोसा बढ़ा, तो चांदी के दाम तेजी से नीचे भी आ सकते हैं. लंबी गिरावट जरूरी नहीं है, लेकिन उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
सोना उन लोगों के लिए बेहतर है जो सुरक्षित और लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, जहां धैर्य ज्यादा जरूरी है. वहीं चांदी में मौके जरूर मिल सकते हैं, लेकिन जोखिम भी ज्यादा है क्योंकि इसके दाम तेजी से बदलते हैं.मौजूदा स्तरों पर ऊंचे दाम देखकर खरीदारी करना नुकसानदायक हो सकता है. समझदारी यही है कि धीरे-धीरे खरीद करें या साफ संकेत मिलने का इंतजार करें, बजाय इसके कि जल्दबाज़ी में बड़ा फैसला लिया जाए.
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