Virender Sehwag viral video: रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ में कंटेस्टेंट्स के बीच विवाद और तीखी बहस देखने को मिल रही है. शो में टीवी सितारों के बीच लड़ाई-झगड़े और एक-दूसरे पर आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर माहौल गरम है. कंटेस्टेंट्स के इस व्यवहार से पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग भी नाराज हो गए. उन्होंने सभी को फटकार लगाते हुए अपनी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा किस्सा सुनाया, जिसने वहां मौजूद लोगों को प्रभावित कर दिया. सहवाग ने बताया कि कैसे उन्होंने पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर की गालियों का जवाब जुबानी लड़ाई से नहीं, बल्कि अपने बल्ले से दिया था.
कंटेस्टेंट्स के व्यवहार पर भड़के वीरेंद्र सहवाग
‘राइज एंड फॉल’ में कंटेस्टेंट्स के बीच बढ़ते विवाद के बीच वीरेंद्र सहवाग ने उन्हें समझाने की कोशिश की. उन्होंने अपने अनुभव के जरिए बताया कि गुस्से में किसी को अपशब्द कहने या उससे भिड़ने के बजाय अपने काम से जवाब देना ज्यादा बेहतर होता है. सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने शुरुआती मैचों का जिक्र करते हुए बताया कि मैदान पर उन्हें किस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था. उनके इस किस्से ने कंटेस्टेंट्स को लड़ाई-झगड़े से आगे बढ़कर अपने व्यवहार पर सोचने का मौका दिया.
जब शोएब अख्तर ने मैदान पर दी थीं गालियां
सहवाग ने बताया कि साल 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान वह करीब 20 साल के थे. उनके मुताबिक, जब वह बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे, तब पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने उन्हें गालियां दीं और क्रीज तक छोड़ने आए. सहवाग ने बताया कि उन्होंने उस समय अख्तर से कहा कि उन्हें बल्लेबाजी करने दी जाए और वह वहां से चले जाएं. सहवाग ने यह भी बताया कि उस समय वह ज्यादा कुछ नहीं कर पाए थे. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उनके पास कई विकल्प थे. वह शोएब अख्तर से लड़ सकते थे, उन्हें गालियां दे सकते थे या फिर हाथापाई कर सकते थे. लेकिन उन्होंने ऐसा करने के बजाय अपने खेल से जवाब देने का फैसला किया.
मेरा बल्ला बोलेगा, सहवाग ने ऐसे दिया जवाब
सहवाग ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मन में ठान लिया था कि अगर उन्हें दोबारा पाकिस्तान के खिलाफ खेलने का मौका मिला, तो वह अपने बल्ले से ऐसा जवाब देंगे कि विरोधी खिलाड़ी उन्हें गाली देने से पहले सोचेंगे. उन्होंने कहा कि वह मैदान पर अपने प्रदर्शन से जवाब देना चाहते थे, न कि जुबानी विवाद में उलझकर. सहवाग ने अपने टेस्ट करियर की एक बड़ी उपलब्धि का जिक्र करते हुए 309 रन बनाने की बात भी कही. उन्होंने समझाया कि खेल में प्रदर्शन की ताकत किसी भी तरह की गाली या बहस से बड़ी हो सकती है. उनका संदेश था कि विरोधी के व्यवहार से प्रभावित होने के बजाय अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए.
सहवाग की बात सुनकर कंटेस्टेंट्स ने की तारीफ
वीरेंद्र सहवाग की बातें सुनकर शो में मौजूद सेलेब्स उनकी तारीफ करते नजर आए. उनके किस्से ने यह संदेश दिया कि किसी के उकसाने पर अपना आपा खोने के बजाय धैर्य बनाए रखना और अपने काम से जवाब देना ज्यादा असरदार होता है. इस बातचीत की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है. सहवाग के प्रशंसक उनके रवैये और क्रिकेट के मैदान पर अपनाई गई सोच की तारीफ कर रहे हैं.