Jharkhand Crime News: झारखंड के काठीकुंड में 14 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार और हत्या के आरोपी 35 वर्षीय व्यक्ति ने कथित तौर पर हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जबकि पुलिस 9 अक्टूबर को हुए इस अपराध के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की तलाश कर रही थी.
आरोपी की पहचान शिशु टुडू के रूप में हुई है. जांचकर्ताओं द्वारा संदिग्ध व्यवहार देखे जाने और मामले के संबंध में उससे पूछताछ करने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया. दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार के अनुसार, टुडू ने कथित तौर पर किशोरी के साथ बलात्कार किया और इस डर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी कि वह उसे पहचान लेगी. पुलिस ने उसकी निशानदेही पर खून से सना गमछा और टी-शर्ट भी बरामद की. उसे मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
बेटी के स्कूल में पढ़ती थी पीड़िता
मीडिया से बात करते हुए एसपी खेरवार ने बताया कि टुडू पास के ही एक गांव में रहता था और पीड़िता उसे पहले से जानती थी. उसकी बेटी पहले उसी स्कूल में पढ़ती थी जहां किशोरी पढ़ती थी और वह स्कूल आते-जाते समय अक्सर उसके घर के पास से गुजरती थी. एसपी ने बताया कि आरोपी कुछ समय से लड़की पर नजर रखे हुए था.
9 अक्टूबर की शाम को किशोरी अकेले गाय का पट्टा खोलने गई थी. टुडू ने कथित तौर पर उसे देख लिया और हल्की बारिश का फायदा उठाकर उसका अपहरण कर लिया और उसके साथ बलात्कार किया. पुलिस ने बताया कि आरोपी को डर था कि लड़की उसे जानती है और उसकी पहचान उजागर कर देगी. उसने कथित तौर पर लड़की का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी ताकि वह इस घटना के बारे में किसी को न बता सके.
आरोपी के चेहरे पर लगी चोट से पुलिस ने की पहचान
जांचकर्ताओं को पीड़िता द्वारा आत्मरक्षा के प्रयास में एक महत्वपूर्ण सुराग मिला. एसपी के अनुसार, किशोरी ने हमले के दौरान विरोध किया और आरोपी के चेहरे पर चोट पहुंचाई. इस चोट ने जांचकर्ताओं को पूछताछ के दौरान आरोपी की पहचान करने में मदद की.
पुलिस ने बताया कि टुडू ने 10 अक्टूबर को मधुबन चौक पर हुए सड़क जाम में भी हिस्सा लिया था, जब निवासियों ने अपराध के विरोध में प्रदर्शन किया और हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग की. आरोप है कि अपराध का संदिग्ध होने के बावजूद वह प्रदर्शन में शामिल हुआ था. मामला दर्ज होने के बाद, उप महानिरीक्षक के आदेश पर एसपी के नेतृत्व में 11 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. जांचकर्ताओं ने अपना ध्यान आसपास के गांवों के लोगों पर केंद्रित किया. पीड़ित के गांव समेत चार गांवों के लगभग 500 लोगों से जांच के तहत पूछताछ की गई.