Navruna Case: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक स्कूली छात्रा साल 2012 में लापता हो गई थी. लापता होने के ठीक एक महीने बाद उनका नाले में कंकाल मिला था. सीबीआई ने लंबी जांच के बाद अदालत में इसकी क्लोजर रिपोर्ट भी पेश कर दी. लेकिन अबतक इस मामले का अब तक खुलासा नहीं हुआ था.
नवरुणा केस में 14 साल बाद भी नहींं हुआ खुलासा
Navruna Case: बिहार के मुजफ्फरपुर के एक स्कूल में सातवीं क्लास की छात्रा नवरुणा चक्रवर्ती 17/18 सितंबर, 2012 की दरमियानी रात को जवाहरलाल रोड स्थित अपने घर से लापता हो गई थी. इसके बाद उनके पिता ने तब मुजफ्फरपुर टाउन पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. लगभग एक महीने बाद लड़की का कंकाल चक्रवर्ती लेन स्थित उसके पुश्तैनी घर के पास एक नाले से मिला.
बाद में डीएनए टेस्ट से पुष्टि हुई कि कंकाल लापता लड़की का ही था. सीबीआई ने सितंबर 2014 में इस मामले की जांच शुरू की. 2012 में लापता हुई लड़की का नाले से कंकाल मिलने के बावजूद अब तक इसका खुलासा नहीं हुआ कि इसके पीछे किसका हाथ था. परिवार वाले आज भी इसका जवाब ढूंढ रहे हैं.
सीबीआई के डीएसपी और मुख्य जांच अधिकारी अजय कुमार ने मुजफ्फरपुर की विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट जमा कर दी. यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में चार्जशीट और ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (की गई कार्रवाई की रिपोर्ट) जमा करने के लिए तय की गई समय सीमा से एक महीने से भी ज़्यादा पहले जमा की गई थी. हालांकि अजय ने इस मामले के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया, लेकिन जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि 40 पन्नों की इस रिपोर्ट में 60 गवाहों का ब्योरा शामिल है. इनमें सात ऐसे संदिग्ध भी शामिल हैं, जिनका ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को-एनालिसिस टेस्ट कराया गया था.
एजेंसी ने रिपोर्ट में यह भी बताया है कि उसने इस मामले में 86 बिंदुओं पर जांच की थी. सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी उन 10 लोगों के खिलाफ लगे आरोपों को साबित करने में नाकाम रही, जिन्हें पहले इस मामले में गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था. एजेंसी ने इस मामले से जुड़ी अहम जानकारी देने वाले लोगों के लिए 10 लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की थी, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ.
नवरुणा के पिता अतुल्य चक्रवर्ती ने तब कहा था कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है. जांच एजेंसी के नतीजे उम्मीद के मुताबिक ही आए हैं. यह तो शुरू से ही साफ था. अदालत से बार-बार तारीखें बढ़ाने की उसकी अर्जियों से ही यह सब ज़ाहिर हो गया था. एक दवा कंपनी के पूर्व प्रतिनिधि चक्रवर्ती ने कहा कि उन्हें इसकी उम्मीद पहले से ही थी, क्योंकि इसमें कुछ स्थानीय भू-माफिया, राजनेता और प्रभावशाली नौकरशाह शामिल थे.
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