<
Categories: धर्म

Eid 2026: 20 या 21 मार्च… ईद उल-फितर कब है? शव्वाल का चांद कब दिखेगा, जानिए इसे मनाने की कहानी और महत्व

Ramadan 2026: रमजान या रमदान इस्लामिक कैलेंडर का नवां महीना है. दरअसल, रमज़ान की तारीख़ें हर साल बदलती हैं, क्योंकि इस्लाम में चंद्र कैलेंडर या हिजरी चलता है. रमजान खत्म होते ही ईद उल फितर मनाई जाती है. ईद इस कम्युनिटी का सबसे बड़ा त्योहार होता है जोकि भाईचारे और एकता का संदेश देता है. हर बार की तरह इस बार भी ईद की तारीख को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन बना हुआ है. ऐसे में सवाल है कि आखिर ईद उल-फितर कब है? शव्वाल का चांद कब दिखेगा? इसका महत्व क्या है? आइए जानते हैं इस बारे में-

Ramadan 2026: इस्लामिक कैलेंडर का सबसे पाक महीना रमजान 2026 का 19 फरवरी 2026 से लगातार जारी है. रमजान दुनिया भर के मुसलमानों के मनाए जाने वाले सबसे खास त्योहारों में से एक है. रमजान या रमदान इस्लामिक कैलेंडर का नवां महीना है. दरअसल, रमज़ान की तारीख़ें हर साल बदलती हैं, क्योंकि इस्लाम में चंद्र कैलेंडर या हिजरी चलता है. मुसलमान इस पूरे महीने रोज़ा रखते हैं और अपना ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं. रमजान खत्म होते ही ईद उल फितर मनाई जाती है. ईद इस कम्युनिटी का सबसे बड़ा त्योहार होता है जोकि भाईचारे और एकता का संदेश देता है. इस दिन लोग सुबह ईद की नमाज अदा करके एक-दूसरे से गले मिलते हैं और ईद की बधाई देते हैं. ईद के खास मौके पर घरों में खास पकवान जैसे सेवइयां और मिठाइयां बनती हैं. हर बार की तरह इस बार भी ईद की तारीख को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन बना हुआ है. ऐसे में सवाल है कि आखिर ईद उल-फितर कब है? शव्वाल का चांद कब दिखेगा? ईद उल-फित्र की कहानी क्या है? इसका महत्व क्या है? आइए जानते हैं इस बारे में-

साल 2026 में ईद कब है?

इस्लामिक धर्म के अनुसार, ईद की तारीख हर साल चांद देखने के बाद ही तय की जाती है. ऐसा ही कुछ इस बार भी होगा. अगर चांद 19 तारीख को दिखा तो ईद उल फितर 20 मार्च को मनाई जाएगी. अगर चांद इस तारीख को न दिखें तो इसके अगले दिन यानी 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी. बता दें कि ईद वाला महीना शव्वाल का होता है. इस्लामिक कैलेंडर में शव्वाल दसवां महीना होती है और इसकी शुरुआत ईद उल फितर के साथ ही मानी जाती है. 

इस्लामी कैलेंडर के प्रत्येक दिन की तरह, अगला दिन उसी दिन की मगरिब की नमाज़ (सूर्यास्त के ठीक बाद) के बाद शुरू होता है. ईद चांद दिखने के बाद शुरू होती है. इसलिए, रोज़े का आखिरी दिन मगरिब की नमाज़ पर समाप्त होता है.

ईद उल-फ़ितर क्या है?

islamic-relief.org.uk की रिपोर्ट के मुताबिक, ईद अल-फितर मुसलमानों के लिए एक विशेष अवसर है और परिवार और प्रियजनों के साथ जश्न मनाने का समय है. ईद अल-फितर रमज़ान के महीने के अंत का प्रतीक है, जो दुनिया भर के मुसलमानों के लिए एक महीने का उपवास का समय होता है. बता दें कि, शव्वाल की शुरुआत का प्रतीक हैजो इस्लामी (हिजरी) कैलेंडर का दसवां महीना है. इस्लामी (हिजरी) पंचांग में वर्ष में दो दिन ईद नामक उत्सव के लिए समर्पित हैं. ईद उल-फितर प्रत्येक वर्ष रमज़ान महीने के अंत में आती है और ईद अल-अधा इस्लामी वर्ष के अंतिम महीने धुल हिज्जा की 10वीं, 11वीं और 12वीं तारीख को पड़ती है.

ईद उल-फितर का क्या अर्थ है?

ईद शब्द का अर्थ है ‘रोज़ा तोड़ने का त्योहार’, जो रमज़ान के अंत का प्रतीक है, जिसमें मुसलमान सुबह से शाम तक रोज़ा रखते हैं. यह रमज़ान अल्लाह की कृपा से बिताने और दिन के समय भोजन और पेय से परहेज़ करने के अपने कर्तव्य को पूरा करने का आनंद और उत्सव का दिन है. यह दिन आम तौर पर ईद की नमाज़ पढ़ने, अपनों के साथ समय बिताने और स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेने में व्यतीत होता है.  

ईद-उल-फितर के पीछे की कहानी क्या है?

ईद उल-फितर की स्थापना सर्वप्रथम पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) द्वारा मदीना में 624 ईस्वी में की गई थी. यह हिजरा शरीफ के दूसरे वर्ष में हुआ था, और प्रारंभ में इसे उस समय के मुसलमानों द्वारा रमजान के पहले महीने के उपवास पूर्ण करने के बाद मनाया जाता था. जब पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) मदीना पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि लोग दो दिनों तक उत्सव मना रहे थे, जिनमें वे मनोरंजन गतिविधियों में लिप्त थे. इसके बाद, पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने दो दिनों के उत्सव की घोषणा की-ईद अल-फितर और ईद अल-अधा. 

ईद अल फितर का क्या महत्व है?

ईद-उल-फितर रमज़ान के महीने के पूरा होने का जश्न परिवार और दोस्तों के साथ मनाने का अवसर है. यह अल्लाह के प्रति खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक ज़रिया है, जिन्होंने हमें रमज़ान का महीना उनकी इबादत में बिताने का अवसर दिया. ईद-उल-फितर परिवार के सदस्यों के साथ-साथ पूरे समुदाय के बीच अच्छे संबंध मजबूत करने का भी एक साधन है. ईद के दौरान लोग अपनों से मिलने जाते हैं, उपहार और भोजन साझा करते हैं और सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा करते हैं.

Lalit Kumar

9 साल से ज्यादा के लंबे करियर में ललित कुमार ने दैनिक जागरण, दैनिक भाष्कर, हिन्दुस्तान और नेटवर्क 18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, समाज, कला व संस्कृति के अलावा जटिल स्वास्थ्य विषयों और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का विश्लेषण उनकी विशेषता है। खबरों का डीप एनालिसिस उनकी पहचान है। हर खबर को आसान भाषा में पाठक तक पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वर्तमान में वे देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थानों में एक इंडिया न्यूज (डिजिटल) में लाइफस्टाइल, हेल्थ, धर्म और एस्ट्रो टीम का हिस्सा हैं।

Recent Posts

Odisha News: नयागढ़ में अवैध पत्थर खनन विवाद में युवक की हत्या, इलाके में दहशत; हिरासत में दो लोग

Odisha News: ओडिशा के नयागढ़ जिले से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया…

Last Updated: May 11, 2026 20:03:42 IST

IPL Toss Today: दिल्ली कैपिटल्स ने चली ‘आर-पार’ की चाल, प्लेइंग-XI में 5 बड़े बदलाव कर सबको चौंकाया!

IPL 2026 के करो या मरो के मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने प्लेइंग-XI में 5…

Last Updated: May 11, 2026 19:50:16 IST

8500 लोगों से की ठगी, लगाया 2 करोड़ का चूना, 50 हजार का इनामी बदमाश पकड़ा

राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर 50 हजार का…

Last Updated: May 11, 2026 18:53:25 IST

Ulhasnagar News: बीच सड़क क्रिस्टा कार जल कर खाक, चार लोगों ने कूदकर बचाई जान

Ulhasnagar News: उल्हासनगर के शाहद ईस्ट ईलाके में रिलायंस डिजिटल के सामने एक चलती टोयोटा…

Last Updated: May 11, 2026 18:39:56 IST

विराट कोहली को बदनाम करने की साजिश! जर्मन मॉडल Lizlaz के दावे से हिला इंटरनेट, वीडियो वायरल

German Model Lizlaz Video: जर्मन मॉडल और इंफ्लुएंसर लिजलाज ने एक इंटरव्यू में बताया कि…

Last Updated: May 11, 2026 18:39:50 IST

तरनतारन में बीजेपी दफ्तर में 20 लोगों ने कुर्सियां तोड़ किया हमला, लगाए विवादित नारे

Punjab BJP Office Attack: तरनतारन में सोमवार दिनदहाड़े बीजोपी दफ़्तर पर हमला हुआ. इस घटना…

Last Updated: May 11, 2026 18:35:46 IST