India News (इंडिया न्यूज), Buri Nazar Utarne ka Sahi Din: बुरी नजर, जिसे बुरी ऊर्जा या नकारात्मक दृष्टि का प्रभाव भी कहा जाता है, विभिन्न संस्कृतियों में एक व्यापक धारणा है। यह माना जाता है कि जब कोई व्यक्ति किसी पर ईर्ष्या या नकारात्मक भावनाओं से भरी नजर डालता है, तो वह व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, या आर्थिक परेशानियों का सामना कर सकता है। इसे दूर करने के लिए कुछ खास दिन और समय महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आइए जानते हैं, हिंदू और इस्लामी परंपराओं में बुरी नजर उतारने के सही दिन और उनके महत्व।
हिंदू धर्म में बुरी नजर उतारने के लिए मंगलवार, शनिवार और रविवार को सबसे उपयुक्त माना जाता है।
Buri Nazar Utarne ka Sahi Din: किस दिन बुरी नजर उतारना होता है सबसे सही
हिंदू परंपरा में पूर्णिमा (चंद्रमा का पूर्ण रूप) और अमावस्या (चंद्रमा का न दिखाई देना) विशेष आध्यात्मिक महत्व रखते हैं। माना जाता है कि इन दिनों में ब्रह्मांड की ऊर्जा विशेष रूप से सक्रिय होती है। बुरी नजर उतारने के लिए इन दिनों को उपयुक्त इसलिए माना जाता है क्योंकि यह नवीनीकरण और आत्मिक शुद्धि का समय होता है।
इस्लामी संस्कृति में बुरी नजर को “नजर-ए-बद” कहा जाता है। इसे दूर करने के लिए शुक्रवार को सबसे शुभ माना गया है।
बुरी नजर उतारने के लिए सही दिन और समय का पालन करना व्यक्ति की परंपराओं और विश्वासों पर निर्भर करता है। चाहे वह हिंदू धर्म के अनुसार मंगलवार, शनिवार और रविवार हो, या इस्लामी परंपरा के अनुसार शुक्रवार, हर संस्कृति अपने तरीके से नकारात्मक ऊर्जाओं से बचने के उपाय प्रदान करती है। पूर्णिमा और अमावस्या जैसे विशेष अवसर भी इस प्रक्रिया में अतिरिक्त प्रभावशाली माने जाते हैं।
यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार सलाह के लिए विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
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