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Ganesh Chaturthi 2026: 14 या 15 सितंबर, कब है गणेश चतुर्थी? मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक क्या है शुभ मुहुर्त

Ganesh Chaturthi 2026 | Ganesh Chaturthi 2026 Kab Hai | Ganesh Chaturthi 2026 Date: गणेश चतुर्थी के मौके पर गणपति बप्पा का जोरों-शोरों से स्वागत किया जाता है. धूमधाम से उन्हें घर लाया जाता है और मूर्ति स्थापना कर 10 दिनों तक पूजा की जाती है. आइए जानते हैं इस बार गणेश चतुर्थी कब है?

Written By:
Edited By: Uttam Ojha
Last Updated: 2026-09-11 16:31:29

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Ganesh Chaturthi 2026: गणपति बप्पा के स्वागत के लिए लोगों में काफी उत्सुकता है. उनके स्वागत की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. हालांकि गणेश चतुर्थी को लेकर असमंजस बना हुआ है. कुछ लोगों का मानना है कि गणेश चतु्र्थी 14 सितंबर को है, तो कुछ का मानना है कि 15 सितंबर को है. बता दें कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा. हालांकि चतुर्थी तिथि अगले दिन सुबह तक रहेगी, लेकिन उदया तिथि के हिसाब से बप्पा की स्थापना 14 सितंबर को ही करना शुभ है. 

कब होगी स्थापना?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे शुरू होगी और 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी. इसके कारण 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का व्रत, पूजा और गणपति स्थापना की जाएगी. पूजा के शुभ मुहुर्त की बात करें, तो मूर्ति स्थापना और पूजा के लिए सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक का समय शुभ बताया जा रहा है. हालांकि शहर के हिसाब से थोड़ा अंतर हो सकता है.

गणेश विसर्जन कब होगा?

वैसे तो गणेश उत्सव 10 दिनों तक होता है लेकिन इस बार बप्पा 12 दिनों के लिए घर में विराजेंगे. इस बार बप्पा का स्वागत 14 सितंबर को होगा और विसर्जन 25 सितंबर को किया जाएगा. हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है कि आप बप्पा को 10 या 12 दिन रखें. परंपरा के अनुसार, बहुत से लोग डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन या 7 दिन बाद भी बप्पा का विसर्जन करते हैं. 

क्या है गणेश चतुर्थी का महत्व?

हिंदू धर्म में मान्यता है कि सभी देवी-देवताओं से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है. कोई भी शुभ कार्य करने से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है. गणेश चतुर्थी पर भक्त घर और पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना करते हैं और उनसे सुख-समृद्धि तथा विघ्नों को दूर करने की प्रार्थना करते हैं.

ये भी पढ़ें: दिल्ली की तरह मुंबई में भी होगा प्रोटेस्ट? मनोज जरांगे से मिले अभिजीत दिपके, क्यों अहम है मुलाकात?

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Edited By: Uttam Ojha
Last Updated: 2026-09-11 16:31:29

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Ganesh Chaturthi 2026: गणपति बप्पा के स्वागत के लिए लोगों में काफी उत्सुकता है. उनके स्वागत की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. हालांकि गणेश चतुर्थी को लेकर असमंजस बना हुआ है. कुछ लोगों का मानना है कि गणेश चतु्र्थी 14 सितंबर को है, तो कुछ का मानना है कि 15 सितंबर को है. बता दें कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा. हालांकि चतुर्थी तिथि अगले दिन सुबह तक रहेगी, लेकिन उदया तिथि के हिसाब से बप्पा की स्थापना 14 सितंबर को ही करना शुभ है. 

कब होगी स्थापना?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे शुरू होगी और 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी. इसके कारण 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का व्रत, पूजा और गणपति स्थापना की जाएगी. पूजा के शुभ मुहुर्त की बात करें, तो मूर्ति स्थापना और पूजा के लिए सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक का समय शुभ बताया जा रहा है. हालांकि शहर के हिसाब से थोड़ा अंतर हो सकता है.

गणेश विसर्जन कब होगा?

वैसे तो गणेश उत्सव 10 दिनों तक होता है लेकिन इस बार बप्पा 12 दिनों के लिए घर में विराजेंगे. इस बार बप्पा का स्वागत 14 सितंबर को होगा और विसर्जन 25 सितंबर को किया जाएगा. हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है कि आप बप्पा को 10 या 12 दिन रखें. परंपरा के अनुसार, बहुत से लोग डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन या 7 दिन बाद भी बप्पा का विसर्जन करते हैं. 

क्या है गणेश चतुर्थी का महत्व?

हिंदू धर्म में मान्यता है कि सभी देवी-देवताओं से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है. कोई भी शुभ कार्य करने से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है. गणेश चतुर्थी पर भक्त घर और पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना करते हैं और उनसे सुख-समृद्धि तथा विघ्नों को दूर करने की प्रार्थना करते हैं.

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