Karwa Chauth 2026: सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का त्योहार विशेष महत्व रखता है. इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा. इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं. व्रत के दौरान सरगी, पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय के समय का विशेष ध्यान रखा जाता है.
करवा चौथ 2026 की तिथि और पूजा मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1:06 बजे शुरू होकर रात 10:09 बजे समाप्त होगी. दिल्ली में पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा.
करवा चौथ पर भद्रा काल कब है?
पंचांग के अनुसार, भद्रा 28 अक्टूबर को सुबह 5:31 बजे शुरू होकर 29 अक्टूबर को सुबह 4:27 बजे समाप्त होने की गणना दी गई है. इस गणना के अनुसार शाम की पूजा के समय भद्रा नहीं रहेगी. अलग-अलग पंचांगों में गणना का अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें.
सरगी खाने का समय
परंपरा के अनुसार, सास अपनी बहू को सरगी देती है. इसमें फल, सूखे मेवे, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं. सरगी सूर्योदय से पहले ग्रहण की जाती है. दिल्ली में सूर्योदय लगभग सुबह 6:31 बजे होने के कारण सरगी इससे पहले खा लेनी चाहिए. परिवार की परंपरा और स्थानीय सूर्योदय समय का ध्यान रखें.
करवा चौथ पर चांद कब निकलेगा?
दिल्ली में 29 अक्टूबर को चंद्रोदय रात 8:17 बजे होने की संभावना है. दूसरे शहरों में चांद निकलने का समय अलग हो सकता है. इसलिए व्रत खोलने से पहले अपने शहर का स्थानीय चंद्रोदय समय जरूर देखें.
करवा चौथ पूजा विधि
सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद महिलाएं व्रत का संकल्प लेती हैं. शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है. परंपरा के अनुसार करवा चौथ की कथा सुनी जाती है. चंद्रमा के दर्शन होने पर अर्घ्य दिया जाता है और फिर पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोला जाता है.
करवा चौथ का महत्व
धार्मिक मान्यताओं में करवा चौथ पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए यह व्रत करती हैं.
Disclaimer: पूजा और चंद्रोदय के समय शहर तथा पंचांग के अनुसार बदल सकते हैं. व्रत से जुड़ी परंपराओं के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से पुष्टि करें.