Kharmas2026: साल में दो बार ऐसा समय आता है, जब घरों में अचानक शादियों की बातें धीमी पड़ जाती हैं, क्या सच में ये दिन अशुभ होते है या इसके पीछे कोई गहरी वजह छिपी है? मान्यता है कि जब सूर्य कुछ खास राशियों में जाता है, तो नई शुरुआत करने की बजाय खुद को संभालने, सोचने और भीतर झांकने का समय होता है. यह समय होता है खरमास का ,इस समय बड़े मांगलिक काम टाल दिए जाते हैं, लेकिन पूजा, दान और साधना को खास महत्व मिलता है.
इस साल खरमास की शुरुआत कब से
Kharmas 2026: खरमास ऐसा समय है जिसका नाम सुनते ही कई घरों में लोग सतर्क हो जाते हैं. शादी की तारीख टाल दी जाती है, गृह प्रवेश आगे बढ़ा दिया जाता है और बड़े-बुजुर्ग नई शुरुआत करने से मना कर देते हैं. लेकिन असल में खरमास कोई डराने वाला या बुरा समय नहीं है, बल्कि यह ठहराव का समय माना जाता है.
हिंदू पंचांग के अनुसार जब सूर्य धनु राशि या मीन राशि में प्रवेश करता है, तब खरमास लगता है. यह साल में दो बार आता है -एक बार दिसंबर–जनवरी के बीच और दूसरी बार मार्च-अप्रैल के बीच. ज्योतिष के अनुसार ये दोनों राशियां गुरु ग्रह की होती हैं.
अगले महीने 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य के इस गोचर के साथ ही साल का दूसरा खरमास शुरू हो जाएगा. यह अवधि 13 अप्रैल तक रहेगी और इसी दिन इसका समापन माना जाएगा.
मान्यता है कि जब सूर्य गुरु की राशियों में होता है, तब उसकी ऊर्जा कुछ कमजोर मानी जाती है. सूर्य आत्मविश्वास, शक्ति और आगे बढ़ने का प्रतीक है. इसलिए इस समय शादी, नया व्यवसाय शुरू करना, गृह प्रवेश या अन्य बड़े मांगलिक काम टाल दिए जाते हैं.लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूरा जीवन रुक जाता है. रोजमर्रा के काम, नौकरी, पढ़ाई, यात्रा या इलाज सामान्य रूप से चलते रहते हैं.
कुछ कथाओं में कहा गया है कि इस समय देवता विश्राम करते हैं, इसलिए बड़े शुभ कामों के लिए यह समय ठीक नहीं माना जाता. इसे डर से नहीं, बल्कि संयम और धैर्य के समय के रूप में देखा जाता है.
खरमास में धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है, जैसे –
यानी यह समय बाहर की बजाय अंदर की तरफ ध्यान देने का माना गया है.
दिसंबर-जनवरी में सर्दी ज्यादा होती है और मार्च-अप्रैल में गर्मी बढ़ने लगती है. पुराने समय में इन मौसमों में बड़े समारोह करने से सेहत पर असर पड़ सकता था. इसलिए परंपराओं में इन दिनों को शांत और साधारण रखने की सलाह दी गई.आखिर में, खरमास कोई अशुभ या डरने वाला समय नहीं है. यह बस एक ऐसा दौर है जो हमें थोड़ा रुककर सोचने, खुद को संभालने और धैर्य रखने की याद दिलाता है. जब सही समय आता है, तब नई शुरुआत और भी मजबूती के साथ की जाती है.
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