महालक्ष्मी व्रत के अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में असमंजस है कि व्रत की शुरुआत किस दिन से हो रही है 19 सितंबर या 20 सितंबर. दरअसल महालक्ष्मी व्रत भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष अष्टमी से शुरु होता है.
यह व्रत 16 दिनों तक चलता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है. आइये जानते हैं 2026 में व्रत की शुरुआत किस दिन से हो रही है और व्रत की पूजा विधि क्या है.
किस दिन से शुरु हो रहा है महालक्ष्मी व्रत
हिंदू पंचांग के अनुसार किसी भी व्रत और पूजा को उस दिन शुरु माना जाता है, जिस तीन उदिया तिथि होती है. इस बार भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष अष्टमी 19 सितंबर को पड़ रही है. इसलिए इस दिन ही महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत होगी. बता दें कि इसी दिन राधाष्टमी भी मनाई जाएगी.
व्रत की पूजा विधि
19 सितंबर को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद मिट्टी या चांदी के हाथी पर लक्ष्मी माता को विराजमान करें. इसके बाद उनकी विधिवत पूजा करें. वस्त्र अर्पित करें, कमल का फूल चढ़ाएं और श्रृंगार करें. इसके बाद 16 गांठों का एक धागा चढ़ाएं. ये धागा पूजा का संकल्प होता है और आखिरी दिन इसे दाहिने हाथ की कलाई पर बांध लिया जाता है. इसके बाद धूप और दीपक जलाएं. अंत में मीठी पूड़ी या पुए का भोग लगाएं. 16 दिन तक सुबह-शाम ऐसे ही पूजा करें. 16वें दिन शाम की पूजा के बाद व्रत का पारण करें.
व्रत में क्या खाएं
महालक्ष्मी व्रत में आप फलाहार कर सकते हैं. चूंकि ये व्रत 16 दिन तक चलता है, तो अगर फलाहार पर रहना मुश्किल हो तो एक समय सात्विक भोजन किया जा सकता है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. India News एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है.