Punjab DA Hike: आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी राहत देते हुए, भगवंत मान सरकार ने महंगाई भत्ता (डीए) में 8% की वृद्धि की है, जो सितंबर के वेतन से लागू होगी.
इस निर्णय की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कदम कर्मचारियों के कल्याण और सम्मान के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिन्हें उन्होंने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ बताया.
महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने वास्तविक मुद्दों के समाधान के लिए कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ अनिवार्य मासिक बैठकों की भी घोषणा की. इस दौरान महिला कर्मचारियों को उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में ही पदस्थापन देने की बात कही और इस बात पर प्रकाश डाला कि लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से प्रदान की गई हैं. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनकी चिंताओं को सुना और टकराव के बजाय संवाद और समाधान को चुनते हुए निर्णय लिया.
एक्स पर दी जानकारी
बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने X पर कहा: “आज कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के साथ एक बहुत ही सकारात्मक बैठक हुई. कर्मचारी हमारे परिवार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, और उनके कल्याण को ध्यान में रखते हुए, हमने महंगाई भत्ता (डीए) में तत्काल 8% की वृद्धि करने का निर्णय लिया है. यह वृद्धि अक्टूबर के वेतन से दिखना शुरू हो जाएगी. हमने पिछली सरकारों से विरासत में मिले लंबे समय से लंबित मुद्दों पर भी चर्चा की, जिनमें वृद्धावस्था पेंशन योजना (ओपीएस), परिवीक्षा अवधि के दौरान वेतन और आशा एवं मध्याह्न भोजन कार्यकर्ताओं से संबंधित मुद्दे शामिल हैं. इन लंबे समय से लंबित मुद्दों के स्थायी समाधान के लिए हम अक्टूबर के पहले सप्ताह में फिर से मिलेंगे. हमारी सरकार और कर्मचारियों के बीच कोई दूरी नहीं है. हम आपसी संवाद के माध्यम से हर मुद्दे का समाधान करेंगे. हम पंजाब की प्रगति के लिए मिलकर काम करते रहेंगे और एक ‘रंगला पंजाब’ का निर्माण करेंगे. इंकलाब जिंदाबाद.”
इसके अलावा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कर्मचारी पंजाब की रीढ़ हैं और उनका कल्याण हमारे लिए महत्वपूर्ण है, उनकी गरिमा हमारे लिए मायने रखती है और उनकी वास्तविक चिंताओं को हमेशा ध्यान में रखा जाएगा.”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोरा और डॉ. बलजीत कौर, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, महासचिव प्रशासन केके यादव और अन्य लोग भी उपस्थित थे।