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Home > विदेश > 100 कोड़े, दर्द से चीखती रही महिला, जमीन पर गिरी, इंडोनेशिया में महिला-पुरुष को शरिया कानून के तहत मिली सजा

100 कोड़े, दर्द से चीखती रही महिला, जमीन पर गिरी, इंडोनेशिया में महिला-पुरुष को शरिया कानून के तहत मिली सजा

Indonesia Sharia Law: इंडोनेशिया के आचे प्रांत की राजधानी बांदा आचेह में 17 सितंबर को शरिया कानून के तहत सार्वजनिक रूप से कई दोषियों को कोड़े मारने की सजा दी गई. व्यभिचार के मामले में दोषी ठहराए गए एक महिला और पुरुष को 100-100 कोड़े लगाए गए.

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Last Updated: September 18, 2026 20:19:28 IST

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Indonesia Sharia Law: इंडोनेशिया के आचे प्रांत में शरिया कानून के तहत सार्वजनिक तौर पर दी गई सजा का एक मामला चर्चा में है. बांदा आचेह में शादी के बाहर संबंध बनाने के मामले में दोषी ठहराए गए एक महिला और पुरुष को 100-100 कोड़े मारने की सजा दी गई. सजा के दौरान महिला दर्द से परेशान होकर रहम की गुहार लगाती नजर आई और कुछ देर बाद जमीन पर गिर पड़ी. वहीं, पुरुष को भी 100 कोड़े लगाए गए, लेकिन 60 कोड़े पूरे होने के बाद उसकी तबीयत को देखते हुए सजा कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी. यह कार्रवाई 17 सितंबर को सार्वजनिक स्थान पर की गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, इसी कार्रवाई में अलग-अलग अपराधों में कुल 11 दोषियों को सजा दी गई. इनमें व्यभिचार के अलावा पुरुषों और महिलाओं के अनुचित मेल-जोल से जुड़े मामले भी शामिल थे.

100 कोड़े की सजा के बीच बिगड़ी पुरुष की हालत

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, बांदा आचेह में शरिया कानून के तहत कई लोगों को अलग-अलग अपराधों में सार्वजनिक रूप से कोड़े मारने की सजा दी गई. व्यभिचार के मामले में दोषी ठहराए गए महिला और पुरुष को 100-100 कोड़े लगाए गए. सजा के दौरान महिला दर्द से कराहती नजर आई. तस्वीरों में वह हाथ उठाकर रहम की अपील करती दिखाई दी. इसके बाद वह जमीन पर गिर पड़ी. दूसरी ओर, पुरुष को जब 60 कोड़े लगाए जा चुके थे, तब उसकी हालत को देखते हुए सजा रोक दी गई. बांदा आचेह के अभियोजन कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी दारमा मुस्तिका ने बताया कि उस समय उसकी सेहत को लेकर चिंता हुई थी. उसे कुछ देर आराम करने का मौका दिया गया. इसके बाद सजा फिर शुरू की गई और उसके 100 कोड़े पूरे किए गए.

एक ही कार्रवाई में 11 दोषियों को मिली सजा

स्थानीय मीडिया AJNN की रिपोर्ट के अनुसार, 17 सितंबर की कार्रवाई में कुल 11 दोषियों को अलग-अलग मामलों में सजा दी गई. इनमें व्यभिचार के दो मामलों में चार लोगों को 100-100 कोड़े लगाए गए. बाकी मामलों में कोड़ों की संख्या इससे कम थी. एक अन्य स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, आठ लोगों को पुरुषों और महिलाओं के आपस में घुलने-मिलने यानी ‘इख्तिलात’ के मामले में 16 से 21 कोड़े तक लगाए गए. इनमें कुछ लोग एक जन्मदिन की पार्टी में पुरुषों और महिलाओं के साथ मेल-जोल के मामले में दोषी पाए गए थे. इन मामलों में अलग-अलग दोषियों को 16, 17, 19 और 21 कोड़े लगाए गए. यानी एक ही सार्वजनिक कार्रवाई में अलग-अलग अपराधों के लिए अलग-अलग संख्या में कोड़े मारने की सजा दी गई.

आचे में क्यों लागू है शरिया आधारित आपराधिक कानून?

आचे इंडोनेशिया का एकमात्र ऐसा प्रांत है जहां स्थानीय स्तर पर इस्लामी शरिया आधारित आपराधिक नियम लागू किए गए हैं. इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन पूरे देश में आचे जैसे शरिया आधारित आपराधिक नियम लागू नहीं हैं. आचे को विशेष स्वायत्तता मिली हुई है. इसी के तहत यहां स्थानीय स्तर पर इस्लामी कानून के आधार पर कई नियम बनाए गए हैं. इन नियमों के तहत शराब पीने, जुआ खेलने, व्यभिचार और पुरुषों तथा महिलाओं के कुछ तरह के मेल-जोल को लेकर सजा का प्रावधान है. स्थानीय शरिया कानून में ऐसे पुरुषों और महिलाओं का आपस में घुलना-मिलना भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है, जो परिवार के सदस्य या पति-पत्नी नहीं हैं. कुछ परिस्थितियों में पुरुष और महिला के बीच शारीरिक नजदीकी को भी अलग अपराध माना जा सकता है.

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Last Updated: September 18, 2026 20:19:28 IST

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Indonesia Sharia Law: इंडोनेशिया के आचे प्रांत में शरिया कानून के तहत सार्वजनिक तौर पर दी गई सजा का एक मामला चर्चा में है. बांदा आचेह में शादी के बाहर संबंध बनाने के मामले में दोषी ठहराए गए एक महिला और पुरुष को 100-100 कोड़े मारने की सजा दी गई. सजा के दौरान महिला दर्द से परेशान होकर रहम की गुहार लगाती नजर आई और कुछ देर बाद जमीन पर गिर पड़ी. वहीं, पुरुष को भी 100 कोड़े लगाए गए, लेकिन 60 कोड़े पूरे होने के बाद उसकी तबीयत को देखते हुए सजा कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी. यह कार्रवाई 17 सितंबर को सार्वजनिक स्थान पर की गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, इसी कार्रवाई में अलग-अलग अपराधों में कुल 11 दोषियों को सजा दी गई. इनमें व्यभिचार के अलावा पुरुषों और महिलाओं के अनुचित मेल-जोल से जुड़े मामले भी शामिल थे.

100 कोड़े की सजा के बीच बिगड़ी पुरुष की हालत

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, बांदा आचेह में शरिया कानून के तहत कई लोगों को अलग-अलग अपराधों में सार्वजनिक रूप से कोड़े मारने की सजा दी गई. व्यभिचार के मामले में दोषी ठहराए गए महिला और पुरुष को 100-100 कोड़े लगाए गए. सजा के दौरान महिला दर्द से कराहती नजर आई. तस्वीरों में वह हाथ उठाकर रहम की अपील करती दिखाई दी. इसके बाद वह जमीन पर गिर पड़ी. दूसरी ओर, पुरुष को जब 60 कोड़े लगाए जा चुके थे, तब उसकी हालत को देखते हुए सजा रोक दी गई. बांदा आचेह के अभियोजन कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी दारमा मुस्तिका ने बताया कि उस समय उसकी सेहत को लेकर चिंता हुई थी. उसे कुछ देर आराम करने का मौका दिया गया. इसके बाद सजा फिर शुरू की गई और उसके 100 कोड़े पूरे किए गए.

एक ही कार्रवाई में 11 दोषियों को मिली सजा

स्थानीय मीडिया AJNN की रिपोर्ट के अनुसार, 17 सितंबर की कार्रवाई में कुल 11 दोषियों को अलग-अलग मामलों में सजा दी गई. इनमें व्यभिचार के दो मामलों में चार लोगों को 100-100 कोड़े लगाए गए. बाकी मामलों में कोड़ों की संख्या इससे कम थी. एक अन्य स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, आठ लोगों को पुरुषों और महिलाओं के आपस में घुलने-मिलने यानी ‘इख्तिलात’ के मामले में 16 से 21 कोड़े तक लगाए गए. इनमें कुछ लोग एक जन्मदिन की पार्टी में पुरुषों और महिलाओं के साथ मेल-जोल के मामले में दोषी पाए गए थे. इन मामलों में अलग-अलग दोषियों को 16, 17, 19 और 21 कोड़े लगाए गए. यानी एक ही सार्वजनिक कार्रवाई में अलग-अलग अपराधों के लिए अलग-अलग संख्या में कोड़े मारने की सजा दी गई.

आचे में क्यों लागू है शरिया आधारित आपराधिक कानून?

आचे इंडोनेशिया का एकमात्र ऐसा प्रांत है जहां स्थानीय स्तर पर इस्लामी शरिया आधारित आपराधिक नियम लागू किए गए हैं. इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन पूरे देश में आचे जैसे शरिया आधारित आपराधिक नियम लागू नहीं हैं. आचे को विशेष स्वायत्तता मिली हुई है. इसी के तहत यहां स्थानीय स्तर पर इस्लामी कानून के आधार पर कई नियम बनाए गए हैं. इन नियमों के तहत शराब पीने, जुआ खेलने, व्यभिचार और पुरुषों तथा महिलाओं के कुछ तरह के मेल-जोल को लेकर सजा का प्रावधान है. स्थानीय शरिया कानून में ऐसे पुरुषों और महिलाओं का आपस में घुलना-मिलना भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है, जो परिवार के सदस्य या पति-पत्नी नहीं हैं. कुछ परिस्थितियों में पुरुष और महिला के बीच शारीरिक नजदीकी को भी अलग अपराध माना जा सकता है.

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