<
Categories: धर्म

Papamochani Ekadashi 2026: 15 मार्च को पापमोचिनी एकादशी, परिघ योग में पूजन से होगा लाभ, पौराणिक कथा और मुहूर्त

Papamochani Ekadashi Vrat Katha:  इस बार पापमोचिनी एकादशी 15 मार्च दिन रविवार को है. इस दिन परिघ योग बन रहा है. परिघ योग में दुश्मनों पर विजय प्राप्ति के उपाय किए जा सकते हैं. अब सवाल है कि आखिर, कब है पापमोचनी एकादशी? भगवान विष्णु की पापमोचिनी एकादशी के दिन व्रत-पूजन कैसे करें? क्या है शुभ मुहूर्त और शुभ संयोग? इस बारे में बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-

Papamochani Ekadashi Vrat Katha: सनातन धर्म में व्रत-त्योहारों का विशेष महत्व है. एकादशी का ऐसे ही फलदायी व्रतों में से एक है. बता दें कि, प्रत्येक महीने दो बार एकादशी तिथि आती है और एकादशी तिथि के दिन भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु की विधि विधान पूर्वक पूजा का विधान है. धार्मिक मान्यता है कि, एकादशी तिथि के दिन व्रत करने से जातक को सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है. वैदिक पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में एकादशी तिथि का व्रत रखा जाता है. चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पाप मोचनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस बार पापमोचिनी एकादशी 15 मार्च दिन रविवार को है. इस दिन परिघ योग बन रहा है. परिघ योग में दुश्मनों पर विजय प्राप्ति के उपाय किए जा सकते हैं. अब सवाल है कि आखिर, कब है पापमोचनी एकादशी? भगवान विष्णु की पापमोचिनी एकादशी के दिन व्रत-पूजन कैसे करें? क्या है शुभ मुहूर्त और शुभ संयोग? इस बारे में India News को बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-

पापमोचिनी एकादशी मुहूर्त 2026

चैत्र कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ: 14 मार्च, सुबह 8:10 बजे से
चैत्र कृष्ण एकादशी तिथि का समापन: 15 मार्च, सुबह 9:16 बजे पर
परिघ योग: प्रात:काल से लेकर सुबह 10:25 ए एम तक
पापमोचनी एकादशी पूजा मुहूर्त: सुबह 08:01 बजे से दोपहर 12:30 बजे
पापमोचनी एकादशी व्रत पारण का समय: 16 मार्च, 06:30 ए एम से 08:54 ए एम के बीच

पापमोचिनी एकादशी का व्रत कैसे रखें

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, पापमोचिनी एकादशी के दिन व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा पंचामृत, तुलसी के पत्ते, पीले फूल, धूप, दीप आदि से करते हैं. एकादशी तिथि के दिन भगवान श्री हरि विष्णु को ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करनी चाहिए. एकादशी तिथि के व्रत का संकल्प लेना चाहिए. भगवान विष्णु के अमोघ मंत्र का जाप करना चाहिए. पूजा के समय पापमोचिनी एकादशी की व्रत कथा सुनते हैं. इस व्रत को करने से पाप मिटते हैं और मोक्ष मिलता है. पापमोचिनी एकादशी का व्रत चैत्र कृष्ण एकादशी को किया जाता है. एक बार युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पापमोचिनी एकादशी के महत्व और विधि के बारे में पूछा था. तब उन्होंने विस्तार से इसके बारे में बताया.

पापमोचिनी एकादशी की व्रत कथा

ब्रह्मा जी ने नारद मुनि को पापमोचिनी एकादशी की ​कथा सुनाई थी. उसके अनुसार, चित्ररथ वन में इंद्र और गंधर्व कन्याएं घूमने जाती थीं. उस वन में ही मेधावी ऋषि भगवान शिव की तपस्या में लीन थे. वे अपनी कठोर तपस्या से भोलेनाथ को प्रसन्न करने में लगे थे. इसके लिए वे ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन कर रहे थे. एक दिन उस वन में मंजुघोषा नामक अप्सरा आई. वह मेधावी ऋषि के आश्रम के पास वीणा बजाने लगी और गीत गाने लगी. मंजुघोषा के गीतों से मेधावी ऋषि का ध्यान भंग हो गया. वे काम के वशीभूत थे, उस समय मंजुघोषा उनके पास गई. उसे देखकर वे मोहित हो गए.

वे अपना उद्देश्य भूल गए और मंजुघोषा के साथ रति क्रीड़ा करने लगे. समय व्यतीत होने लगा. एक-एक करके 57 साल गुजर गए. एक दिन मंजुघोषा ने मेधावी ऋषि से कहा कि अब आप आज्ञा दें, वह स्वर्ग जाना चाहती है. य​ह सुनते ही ऋषि काम वासना से बाहर आ गए और उनको अपनी गलती का एहसास हुआ. उन्होंने माना कि मंजुघोषा की वजह से वे अपने मार्ग से विचलित हुए हैं. उसने ही उनकी तपस्या भंग की. यह सब सोचकर वे क्रोधित हो गए और मंजुघोषा को पिशाचनी योनि में कष्ट भोगने का श्राप दे दिया. मंजुघोषा भय से कांपने लगी. उसने मेधावी ऋषि से इस श्राप से मुक्त होने का उपाय पूछा.

इस पर मेधावी ऋषि ने कहा कि जब चैत्र कृष्ण एकादशी आए तो तुम विधिपूर्वक व्रत करो और भगवान विष्णु की पूजा करो. इससे तुम्हारा पाप मिटेगा और तुम मुक्त हो जाओगी. इसके बाद मेधावी ऋषि उस वन से निकलकर अपने पिता के पास पहुंच गए. उनके पिता ने अपने बेटे की गलती को जान लिया था. उन्होंने मेधावी ऋषि को भी पापमोचिनी एकादशी व्रत करने को कहा. पापमोचिनी एकादशी के दिन मंजूघोषा और मेधावी ऋषि ने विधिपूर्वक व्रत और पूजन किया. श्रीहरि के आशीर्वाद से मंजुघोषा के पाप मिट गए, तो वह स्वर्ग चली गई. वहीं मेधावी ऋषि भी पाप मुक्त हो गए. जो व्यक्ति पापमोचिनी एकादशी का व्रत करता है, उसके पाप मिटते हैं और वह पुण्य प्राप्त करता है.

Lalit Kumar

9 साल से ज्यादा के लंबे करियर में ललित कुमार ने दैनिक जागरण, दैनिक भाष्कर, हिन्दुस्तान और नेटवर्क 18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, समाज, कला व संस्कृति के अलावा जटिल स्वास्थ्य विषयों और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का विश्लेषण उनकी विशेषता है। खबरों का डीप एनालिसिस उनकी पहचान है। हर खबर को आसान भाषा में पाठक तक पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वर्तमान में वे देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थानों में एक इंडिया न्यूज (डिजिटल) में लाइफस्टाइल, हेल्थ, धर्म और एस्ट्रो टीम का हिस्सा हैं।

Recent Posts

RBI ने एक ही झटके में 150 NBFC का रजिस्ट्रेशन क्यों किया रद्द? चौंकाने वाली वजह कर देगी हैरान

RBI Action: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 150 नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों…

Last Updated: May 14, 2026 22:57:25 IST

QR कोड हिस्ट्री से रेस्तरां स्टाफ ने निकाला महिला का नंबर, फिर रात में किया ये कांड, Video देख सहम उठेगा कलेजा

Rishika Dutta Video: सोशल मीडिया पर एक महिला ने वीडियो बनाकर बनाता कि उन्होंने एक…

Last Updated: May 14, 2026 22:34:19 IST

IPL के बीच क्रिकेटर का संन्यास, फर्स्ट क्लास को कहा अलविदा, 10000 से भी ज्यादा रन बनाए

इंग्लैंड के अनुभवी ऑलराउंडर लियाम डॉसन ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी…

Last Updated: May 14, 2026 19:51:37 IST

महंगे प्रोडक्ट्स नहीं चेहरे पर लगाएं मैंगो फेस पैक, 10 मिनट में घर पर करें तैयार

अगर आप भी गर्मियों के मौसम में अपनी त्वचा को ग्लोइंग बनाना चाहते हैं, तो…

Last Updated: May 14, 2026 18:38:34 IST

वाह रे भैया स्कूटी पर स्कूटी! सड़क पर निकली ऐसी सवारी कि दंग रहे लोग, महिला ने खींचा ध्यान

Viral Video: इंटरनेट पर एक हैरान करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक…

Last Updated: May 14, 2026 18:32:37 IST

Joke of the Day: दादी मां आप टे बोलकर दिखाओ… वजह पूछने पर बच्चे ने दिया ऐसा जवाब, सुनकर ठहाके लगाएंगे

Funny Jokes of the Day: हेल्थ एक्सपर्ट भी खुश रहने की सलाह देते हैं. आपकी…

Last Updated: May 14, 2026 16:04:32 IST