<

द्रौपदी की अग्नि परीक्षा! क्यों तेज आग पर नंगे पांव चलते हैं लोग, क्यों बनाई गई ये अनोखी परंपरा?

महाभारत काल में द्रौपदी को अग्नि परीक्षा देनी पड़ी थी. इसके कारण दक्षिण भारत में एक अनोखी परंपरा शुरू हुई, जो इसी अग्नि परीक्षा पर आधारित है. इसके तहत पुरुष नंगे पांव जलते कोयले पर चलते हैं.

Unique Tradition of India: महाभारत काल में पांडवों की पत्नी द्रौपदी को लेकर कहा जाता है कि उनका जन्म राजा द्रुपद के यज्ञ कुंड से हुआ था. इतना ही नहीं उनके जीवन में कई कठिनाइयां झेलनी पड़ीं. महाभारत युद्ध के बाद कुरुक्षेत्र में उन्हें अपनी पवित्रता साबित करने के लिए भी अग्नि में प्रवेश करना पड़ा, जैसे सतयुग में माता सीता को करना पड़ा था. कहा जाता है कि उनका जन्म ही एक यज्ञ की अग्नि से हुआ था और उन्हें जीवन में अनेक अपमान न चुनौतियों का सामना करना पड़ा. इसमें पांडवों के साथ विवाह और चीरहरण जैसी परिस्थितियां शामिल थीं. हालांकि उन्होंने धर्म और साहस के साथ हर अग्नि परीक्षा को पार किया. इसके कारण उन्हें यज्ञसेनी और अग्निजा भी कहा जाता है.

द्रौपदी की अग्नि परीक्षा

द्रौपदी की अग्नि परीक्षा परीक्षा से प्रेरित होकर कई जगहों पर ये प्रथा शुरू हुई. ये अग्नि परीक्षा से प्रेरित एक अनोखी प्रथा है, जो अक्टूबर-नवंबर में दक्षिण भारत के कुछ गांवों में की जाती है. इस प्रथा के तहत भक्त नंगे पांव जलते कोयलों पर चलकर आस्था, पवित्रता और दिव्य न्याय का प्रदर्शन करते हैं. इस प्रथा को ‘द्रौपदी की अग्नि परीक्षा’ भी कहा जाता है. मान्यता है कि इच्छा-पूर्ति और आशीर्वाद से जुड़ी है और देश-विदेश में फैली है.

कहां होती है ये प्रथा?

कहा जाता है कि ये प्रथा उन जगहों पर फैली हुई है, जहां द्रौपदी को गांव की देवी या कुलदेवी माना जाता है. जिन जगहों पर द्रौपदी को कुलदेवी के रूप में माना जाता है, वहां पर ये प्रथा आज भी प्रचलित है. इस प्रथा के तहत भक्तगण एक जगह पर इकट्ठे होते हैं. वहां पर कोयले की आग जलती है. भक्त अपने सिर पर दूध या पानी से भरा एक बर्तन रखते हैं, ताकि माता द्रौपदी का आशीर्वाद मिल सके. 

दुनिया भर में हो रही प्रचलित

मान्यता है कि ये प्रथा अधिकतर दक्षिण में प्रचलित है लेकिन अपनी मान्यताओं के अनुसार ये प्रथा अब दक्षिण भारतीय समुदायों के साथ ही भारत से बाहर भी फैल चुकी है. मान्यता है कि जो लोग कोयले पर चलते हैं. उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. साथ ही ये प्रथा शुद्धता, आस्था व दिव्य न्याय का प्रतीक मानी जाती है. 

Deepika Pandey

दीपिका पाण्डेय साल 2020 से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने 2020 में BJMC की डिग्री ली. इसके बाद ही उन्होंने खबर टुडे न्यूज, डीएनपी न्यूज, दैनिक खबर लाइव आदि चैनल्स में एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में काम किया. इसके बाद उन्होंने हरिभूमि वेबसाइट पर काम किया. वर्तमान समय में दीपिका इंडिया न्यूज चैनल में बतौर सीनियर कॉपी राइटर कार्यरत हैं.

Recent Posts

RBI ने एक ही झटके में 150 NBFC का रजिस्ट्रेशन क्यों किया रद्द? चौंकाने वाली वजह कर देगी हैरान

RBI Action: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 150 नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों…

Last Updated: May 14, 2026 22:57:25 IST

QR कोड हिस्ट्री से रेस्तरां स्टाफ ने निकाला महिला का नंबर, फिर रात में किया ये कांड, Video देख सहम उठेगा कलेजा

Rishika Dutta Video: सोशल मीडिया पर एक महिला ने वीडियो बनाकर बनाता कि उन्होंने एक…

Last Updated: May 14, 2026 22:34:19 IST

IPL के बीच क्रिकेटर का संन्यास, फर्स्ट क्लास को कहा अलविदा, 10000 से भी ज्यादा रन बनाए

इंग्लैंड के अनुभवी ऑलराउंडर लियाम डॉसन ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी…

Last Updated: May 14, 2026 19:51:37 IST

महंगे प्रोडक्ट्स नहीं चेहरे पर लगाएं मैंगो फेस पैक, 10 मिनट में घर पर करें तैयार

अगर आप भी गर्मियों के मौसम में अपनी त्वचा को ग्लोइंग बनाना चाहते हैं, तो…

Last Updated: May 14, 2026 18:38:34 IST

वाह रे भैया स्कूटी पर स्कूटी! सड़क पर निकली ऐसी सवारी कि दंग रहे लोग, महिला ने खींचा ध्यान

Viral Video: इंटरनेट पर एक हैरान करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक…

Last Updated: May 14, 2026 18:32:37 IST

Joke of the Day: दादी मां आप टे बोलकर दिखाओ… वजह पूछने पर बच्चे ने दिया ऐसा जवाब, सुनकर ठहाके लगाएंगे

Funny Jokes of the Day: हेल्थ एक्सपर्ट भी खुश रहने की सलाह देते हैं. आपकी…

Last Updated: May 14, 2026 16:04:32 IST