CBSE के बाद अब पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) ने 2026 बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली की घोषणा की है. यह कदम राज्य में बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को डिजिटल रूप से आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है.
पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) ने 2026 बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली की घोषणा की
CBSE ने इस साल से बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन को डिजिटल बनाने की घोषणा की है, जिससे प्रेरित होकर स्टेट बोर्ड भी ऐसा कदम उठा रहे हैं. ऑनलाइन मूल्यांकन से बोर्ड एग्जाम की कॉपी चेकिंग में पारदर्शिता आएगी, जिससे नंबर मिलने में भेदभाव की संभावना खत्म हो जाएगी.
हाल ही में पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) ने 2026 बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली की घोषणा की है. यह कदम राज्य में बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को डिजिटल रूप से आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है.
पंजाब सरकार ने मार्च 2026 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू करने का फैसला किया है. शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह प्रणाली उत्तर पुस्तिकाओं को पारंपरिक मैनुअल जांच के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्कैन करके कंप्यूटर स्क्रीन पर मूल्यांकन करेगी. PSEB भारत के पहले राज्य बोर्डों में से एक होगा जो पूरी तरह डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली अपनाएगा. इससे नतीजे तेजी से आने और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है.
इस प्रणाली में उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया जाएगा और सुरक्षित ऑनलाइन डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा. परीक्षक संरचित मार्किंग स्कीम के तहत कॉपी का ऑनलाइन मूल्यांकन करेंगे, जबकि सॉफ्टवेयर स्वचालित रूप से अंक जोड़ेगा. यह मानवीय त्रुटियों को कम करेगा और रिजल्ट प्रक्रिया को तेज बनाएगा।
नई उत्तर पुस्तिकाओं का डिजाइन तैयार कर लिया गया है, जिसमें प्रत्येक पृष्ठ पर यूनिक QR कोड होगा. यह QR कोड प्रत्येक कॉपी की स्कैनिंग और ट्रैकिंग को सुरक्षित बनाएगा. स्कैनिंग नियंत्रित वातावरण में होगी, उसके बाद पुस्तिकाएं केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड होंगी. वास्तविक समय में मूल्यांकन प्रगति की निगरानी होगी और वरिष्ठ परीक्षक चयनित उत्तर पुस्तिकाओं की समीक्षा करेंगे।. इससे जवाबदेही सुनिश्चित होगी.
यह सिस्टम सितंबर 2025 की पूरक परीक्षाओं में सफलतापूर्वक परीक्षित हो चुका है, जहां 23,000 उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया गया. सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां मार्च 2026 के लिए पूरी हो चुकी हैं. पहले चरण में मैट्रिक परीक्षा के चुने हुए विषयों में इसे लागू किया जाएगा, फिर इसका विस्तार होगा.
इस प्रणाली से छात्रों और शिक्षकों दोनों ही लाभान्वित होंगे. छात्रों को तेज परिणाम, बेहतर सटीकता और पारदर्शिता मिलेगी. वहीं शिक्षकों के लिए मार्किंग इंटरफेस सरल होगा, कागजी काम कम होगा और वास्तविक समय निगरानी से कार्यभार घटेगा.
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