NCERT University: एनसीईआरटी एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है. स्कूली शिक्षा का आधार रहा यह संस्थान जल्द ही डीम्ड यूनिवर्सिटी बनेगा, UGC की मंजूरी के बाद जनवरी में आधिकारिक नोटिफिकेशन आने की उम्मीद है.
NCERT University: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) जल्द ही एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है. वर्षों से स्कूली शिक्षा की रीढ़ माने जाने वाले इस संस्थान को अब डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने वाला है. आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय जनवरी में ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकता है.
1961 में एक स्वायत्त संगठन के रूप में स्थापित NCERT अब यूनिवर्सिटी के रूप में नया रूप लेगी. यूनिवर्सिटी बनने के बाद NCERT ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी स्तर की डिग्रियां स्वयं प्रदान कर सकेगी. यह कदम न सिर्फ संस्थान के लिए, बल्कि देश की टीचिंग एजुकेशन और रिसर्च व्यवस्था के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है.
NCERT के डायरेक्टर प्रोफेसर दिनेश प्रसाद सकलानी के अनुसार, अभी NCERT के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन (RIE) विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध हैं. इससे परीक्षा, रिजल्ट और अकादमिक कैलेंडर में अक्सर देरी होती है, जिसका सीधा असर छात्रों पर पड़ता है. यूनिवर्सिटी बनने के बाद NCERT अपना खुद का शैक्षणिक शेड्यूल तय कर सकेगी, जिससे पढ़ाई, परीक्षा और रिजल्ट समय पर हो पाएंगे.
NCERT पहले से ही चार वर्षीय इंटीग्रेटेड BA-B.Ed और BSc-B.Ed जैसे कोर्स चला रही है. अब यूनिवर्सिटी बनने के बाद यहां पीएचडी प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे. इससे रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा और छात्र शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर रिसर्च पेपर प्रकाशित कर सकेंगे, जिनका इस्तेमाल शिक्षा नीति बनाने में भी किया जा सकेगा.
यूनिवर्सिटी बनने के बाद NCERT कुछ यूनिक और भविष्य-केंद्रित कोर्स शुरू करेगी, जिनमें शामिल हैं:
एजुकेशनल असेसमेंट और साइकोमेट्रिक्स
स्कूल गवर्नेंस और लीडरशिप
एजुकेशनल टेक्नोलॉजी
मल्टीलिंगुअल एजुकेशन
करिकुलम डेवलपमेंट और इवैल्यूएशन
ये कोर्स राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे.
NEP 2020 के तहत भारतीय संस्थानों की वैश्विक मौजूदगी पर जोर दिया गया है. यूनिवर्सिटी बनने के बाद NCERT विदेशी शिक्षण संस्थानों से टाई-अप, स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम और अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग प्रोजेक्ट्स शुरू कर सकेगी. भविष्य में विदेशों में कैंपस खोलने की भी संभावना है.
NCERT यूनिवर्सिटी बनने से न सिर्फ छात्रों और शिक्षकों को फायदा होगा, बल्कि राज्यों को भी बेहतर ट्रेनिंग और रिसर्च सपोर्ट मिलेगा. यह कदम भारतीय स्कूली शिक्षा को राष्ट्रीय से वैश्विक स्तर तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है.
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