शालिनी पांडे 2026 में कई प्रोजेक्ट्स के साथ एंट्री कर रही हैं, जिसमें वह अपनी खास इंटेंसिटी को फिल्म और OTT में नए प्रयोगों के साथ मिला रही हैं. फिल्म अर्जुन रेड्डी से सफल हुई अभिनेत्री का मानना है कि बिना टैलेंट के सिर्फ नेपोटिज्म के आधार पर लंबे समय तक करियर नहीं टिक सकता.
shalini pandey
शालिनी पांडे 2026 में कई प्रोजेक्ट्स के साथ एंट्री कर रही हैं, जिसमें वह अपनी खास इंटेंसिटी को फिल्म और OTT में नए प्रयोगों के साथ मिला रही हैं. शालिनी पांडे जो अर्जुन रेड्डी (2017) में अपने ब्रेकआउट रोल के लिए जानी जाती हैं, इस साल को नेपोटिज्म जैसी इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच क्रिएटिव विस्तार के लिए एक अहम साल मानती हैं.
वह अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में बैलेंस पर जोर देती हैं. वो उम्र बढ़ने को एक कड़ी मेहनत से मिली प्रिविलेज के तौर पर अपनाती हैं.
पांडे का 2026 में करियर जनवरी में राहु केतु की रिलीज के साथ ज़ोरदार तरीके से शुरू हो रहा है, यह एक ऐसी फिल्म है जिसके बोल्ड नैरेटिव को लेकर वह बहुत उत्साहित हैं. इसके तुरंत बाद एक अमेजन प्राइम सीरीज, बंदवाले आने वाली है, जो उन्हें लेयर्ड एनसेंबल डायनामिक्स में उतरने का मौका देगी. वह दो नई फिल्मों की शूटिंग भी शुरू करने वाली हैं, जो हिंदी सिनेमा और संभावित साउथ क्रॉसओवर में उनके एक बिजी दौर का संकेत है.
मध्य प्रदेश के जबलपुर जैसे छोटे शहर से थिएटर और फिर फिल्मों में कदम रखने वाली शालिनी ने तेलुगु, तमिल और हिंदी फिल्म उद्योगों में काम किया है.
मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली एक आउटसाइडर के तौर पर, पांडे लंबे समय से बॉलीवुड में नेपोटिज्म की बहस का सामना कर रही हैं. इंडस्ट्री में बिना किसी बैकग्राउंड के आगे बढ़ते हुए, वह अपने थिएटर बैकग्राउंड और अर्जुन रेड्डी की सफलता कोअपने लिए दरवाजे खोलने का श्रेय देती हैं, फिर भी वह असमान मौके होने की बात मानती हैं. नेपोटिज्म पर चल रही बहस पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि असल में अच्छा काम ही मायने रखता है. नेपोटिज्म से शायद एक-दो बार मौका मिल जाए. लेकिन फिर काम ही आपकी पहचान होता है, जिसका कोई शॉर्टकट नहीं है.आखिर में दर्शक ही फैसला करते हैं.”
उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स इस बात पर ज़ोर देते हैं कि उनके जैसे सेल्फ-मेड एक्टर्स कैसे इनसाइडर के दबदबे को चुनौती देते हैं, यह साबित करते हुए कि स्टार-किड्स से भरी जगह में भी काबिलियत आगे बढ़ सकती है.
पांडे का वेलनेस मंत्र “बैलेंस” के इर्द-गिर्द घूमता है. “मेरा शरीर बैलेंस पर सबसे अच्छा रिस्पॉन्ड करता है,” वह कहती हैं कि उन्हें फैड डाइट के बजाय घर के बना खाना ज्यादा पसंद है—जैसे दाल, सब्ज़ी, और कभी-कभी घी वाले पराठे. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और योग उनके रूटीन का हिस्सा हैं, जो सुंदरता के बजाय फंक्शनल फिटनेस पर ध्यान केंद्रित करते हैं. वह अपने शरीर की बात सुनने को प्राथमिकता देती हैं, और मानसिक रूप से तरोताजा होने के लिए सैर और पालतू जानवरों के साथ खेलने को अपनी दिनचर्या में शामिल करती हैं. यह तरीका उन्हें मुश्किल शूटिंग के लिए ऊर्जावान बनाए रखता है, और वह तुरंत ठीक होने के बजाय संपूर्ण स्वास्थ्य पर ध्यान देती हैं.
32 साल की उम्र में (सितंबर 2026 में 33 साल की होने वाली), पांडे उम्र बढ़ने को गिरावट के रूप में नहीं, बल्कि “एक सौभाग्य” के रूप में देखती हैं. इसका मतलब है कि आप जी रहे हैं, सीख रहे हैं, विकसित हो रहे हैं. शालिनी अपनी मां के दिए हुए मंत्र को फॉलो करती हैं कि ईमानदारी के साथ उम्र बढ़ना सबसे अच्छा है, चिंता के साथ नहीं.
पांडे का 2026 का विजन शांत आत्मविश्वास से भरा है: एक सेल्फ-मेड स्टार जो प्रामाणिकता, स्वास्थ्य और विकास को प्राथमिकता देती हैं.
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