Altaf Raja: 90 के दशक में जब टूटे दिल की बात होती थी, तो सबसे पहले याद आते थे अल्ताफ राजा के दुख भरे गाने. वे गाने जो मेनस्ट्रीम बॉलीवुड गाने का हिस्सा तो नहीं थे लेकिन जब भी कानों में आवाज आती, तो पुरानी यादों में डुबा देते थे.
अल्ताफ राजा का तुम तो ठहरे परदेसी गाना
Altaf Raja: 90 का दशक… जब प्यार का इजहार खतों से होता था और ब्रेकअप का दर्द अक्सर टेप रिकॉर्डर पर बजते किसी गाने में सुनाई देता था. कुमार सानू, उदित नारायण, अभिजीत और सोनू निगम जैसे गायकों की आवाज हर तरफ सुनाई देती थी. इसी दौर में एक ऐसी आवाज आई, जो न तो किसी बड़े फिल्मी हीरो के पीछे थी और न ही किसी मेनस्ट्रीम बॉलीवुड गाने का हिस्सा. आवाज थी अल्ताफ राजा की.
1997 में उनका गाना ‘तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे…’ रिलीज हुआ. देखते ही देखते यह उन लोगों का पसंदीदा गीत बन गया, जिनके हिस्से में प्यार से ज्यादा जुदाई आई थी. उस वक्त न सोशल मीडिया था, न म्यूजिक ऐप्स और न ही कुछ सेकेंड में गाना वायरल होने का तरीका. फिर भी यह गाना घर-घर पहुंच गया. लोग इसे टेप पर बार-बार सुनते और अपने टूटे दिल का दर्द इस गीत में ढूंढते थे.
खास बात यह थी कि अल्ताफ राजा की आवाज में दर्द दिखाने की कोशिश नहीं लगती थी बल्कि वह सीधे सुनने वाले के दिल तक पहुंचती थी. 1997 में वीनस के बैनर तले आए एल्बम ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ ने उन्हें रातोंरात पहचान दिला दी. यह कोई फिल्मी गाना नहीं था लेकिन इसकी लोकप्रियता कई बड़े फिल्मी गानों पर भारी पड़ गई. गाने की कहानी भी बिल्कुल आम जिंदगी जैसी थी. प्यार हुआ, रिश्ते में दरार आई और फिर सामने रह गया सिर्फ धोखा और जुदाई का दर्द.
यही वजह थी कि कॉलेज जाने वाले युवाओं से लेकर आशिक मिजाज लोगों तक, हर किसी को इसमें अपनी कहानी नजर आने लगी. कॉन्सर्ट में अल्ताफ राजा जहां भी पहुंचते, दर्शकों की एक ही फरमाइश होती कि पहले वही गाना सुनाइए, जिसने दिल तोड़ने वालों को अपना गीत दे दिया था. इस गाने की लोकप्रियता से जुड़े आंकड़े भी उस दौर की दीवानगी बताते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी करोड़ों कैसेट्स बिकीं और एक दिन में ही करीब 70 लाख कॉपियां बिकने का दावा किया गया. इसी बिक्री के रिकॉर्ड के कारण गाने का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से भी जोड़ा गया.
बता दें कि इस गीत के बोल जहीर आलम ने लिखे थे. वहीं इसका संगीत मोहम्मद सैफी नियाजी ने दिया था. अल्ताफ राजा ने इसे जिस अंदाज में गाया, उसने एक साधारण जुदाई के गीत को 90s का यादगार ब्रेकअप सॉन्ग बना दिया. आज भी 90 के दशक के लोग इस गाने और अल्ताफ राजा के गानों को सुनते और गुनगुनाते हैं. इस गाने के बजते ही लोग फिर पुराने वक्त और उन यादों में खो जाते हैं.
Connaught Place shops closed: दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर…
Memories of Nana Patekar: नाना पाटेकर के निधन के बाद मुंबई के माहिम स्थित नव…
Sanju Samson 82 Runs: 6 रन पर कैच छूटा और फिर संजू सैमसन ने रांची…
karva chauth kab hai: करवा चौथ 2026 का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा.…
T. Suman on Bhuvneshwar Kumar: 4 साल बाद टीम इंडिया में भुवनेश्वर कुमार की धमाकेदार…
बच्चों में मायोपिया की बढ़ती समस्या को देखते हुए आई-क्यू सुपर-स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल्स ने वडोदरा…